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कौन है जेल में बंद प्रज्वल रेवन्ना? जिसके फोन में मिले 150 से अधिक पोर्न क्लिप, ताकतवर परिवार से नाता

Who is Prajwal Revanna: कर्नाटक की सियासत में भूचाल लाने वाला प्रज्वल रेवन्ना देश के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा का पोता और पूर्व सांसद है. सैकड़ों महिलाओं के कथित यौन शोषण और रेप के संगीन आरोपों में घिरने के बाद वह अब जेल की सलाखों के पीछे है. जेल बैरक की औचक तलाशी के दौरान उसके पास से जब्त फोन में 150 से अधिक पोर्न क्लिप और कॉल रिकॉर्डिंग मिली हैं.

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Who is Prajwal Revanna: कर्नाटक की राजनीति में प्रज्वल रेवन्ना का नाम आज किसी पहचान का मोहताज नहीं है, लेकिन यह पहचान किसी उपलब्धि के लिए नहीं बल्कि गंभीर आपराधिक मामलों की वजह से है. देश के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते और पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना पर महिलाओं के साथ यौन शोषण और रेप के कई संगीन मामले दर्ज हैं. बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद प्रज्वल रेवन्ना से जुड़ा एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जेल की बैरक में औचक निरीक्षण के दौरान उसके पास से बरामद किए गए मोबाइल फोन की जांच में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं. जांच अधिकारियों को इस फोन में 150 से अधिक पोर्न क्लिप मिली हैं.

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ताकतवर राजनीतिक परिवार से नाता, 2019 में बने सांसद

प्रज्वल रेवन्ना का जन्म कर्नाटक के एक बड़े राजनीतिक घराने में हुआ. उसके पिता एचडी रेवन्ना कर्नाटक सरकार में मंत्री रह चुके हैं, जबकि चाचा एचडी कुमारस्वामी राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं. अपने दादा एचडी देवगौड़ा की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए प्रज्वल ने युवा उम्र में ही जनता दल (सेक्युलर) यानी जेडीएस के जरिए सक्रिय राजनीति में कदम रखा. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में एचडी देवगौड़ा ने अपनी पारंपरिक हासन सीट पोते प्रज्वल के लिए छोड़ दी थी. प्रज्वल ने इस चुनाव में जीत हासिल की और सबसे कम उम्र के सांसदों में शामिल होकर संसद पहुंचे. हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उनके राजनीतिक सफर पर अचानक ब्रेक लग गया.

अश्लील वीडियो कांड और केस, गिरफ्तारी और जेल

2024 के आम चुनाव के मतदान से ठीक पहले हासन में सैकड़ों पेन ड्राइव और वीडियो क्लिप सामने आए, जिनमें कथित तौर पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के दृश्य थे. इन वीडियोज में प्रज्वल रेवन्ना के होने का दावा किया गया. मामले के तूल पकड़ते ही कर्नाटक सरकार ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया. इसी बीच प्रज्वल देश छोड़कर जर्मनी फरार हो गया था. विदेश में करीब एक महीने रहने के बाद जब प्रज्वल भारत लौटा तो एसआईटी ने उसे बेंगलुरु एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लिया. उसके खिलाफ कई महिलाओं ने रेप, छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग की एफआईआर दर्ज कराई हैं. पार्टी ने भी दबाव के चलते उसे निष्कासित कर दिया.

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औचक निरीक्षण में जब्त हुआ था सामान

जेल प्रशासन ने पिछले दिनों प्रज्वल रेवन्ना की बैरक में अचानक छापा मारा था. इस तलाशी अभियान के दौरान रेवन्ना के पास से एक मोबाइल फोन, सिम कार्ड, चार्जर और एक नोटबुक बरामद की गई थी. जेल नियमों के अनुसार किसी भी कैदी के पास मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण रखना पूरी तरह गैरकानूनी है. जब इस फोन की डिजिटल जांच कराई गई, तो उसमें बड़ी संख्या में आपत्तिजनक वीडियो और सामग्री पाई गई.

गर्लफ्रेंड से बातचीत और कॉल रिकॉर्डिंग बरामद

फोन के डेटा विश्लेषण से यह भी साफ हुआ है कि प्रज्वल रेवन्ना जेल के भीतर से लगातार बाहरी दुनिया के संपर्क में था. कॉल रिकॉर्ड्स के मुताबिक, वह जेल से अपनी गर्लफ्रेंड को नियमित रूप से फोन करता था. इसके अलावा फोन में जेल के बाहर मौजूद कई अन्य लोगों के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित मिली हैं.

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जेल सुरक्षा पर खड़े हुए बड़े सवाल

बरामद नोटबुक में कई संदिग्ध नंबर और लेन-देन से जुड़े विवरण होने का भी संदेह है. इस पूरे खुलासे के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि कड़ी निगरानी वाली सेंट्रल जेल के अंदर हाई-प्रोफाइल कैदी तक फोन और चार्जर जैसी चीजें कैसे पहुंचीं. इस मामले में जेल कर्मियों की मिलीभगत की भी जांच की जा रही है और रेवन्ना के खिलाफ जेल नियमों के उल्लंघन का नया मामला दर्ज करने की तैयारी है.

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First published on: Sep 13, 2026 03:46 PM

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Vijay Jain

विजय जैन भारतीय मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित नाम हैं. वर्तमान में न्यूज 24 में सीनियर न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत विजय को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 23 से अधिक वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. राजनीति, चुनाव, बिजनेस, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसी हर प्रमुख बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाले विजय अपनी निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. पत्रकारिता में उनके अद्वितीय योगदान और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए उन्हें साल 2018 में प्रतिष्ठित 'नेशनल श्रीफल अवार्ड' से सम्मानित किया गया था. डिजिटल दौर में वे ट्रेडिशनल जर्नलिज्म के अनुभवों को न्यू-एज मीडिया और SEO स्ट्रेटेजी के साथ जोड़कर खबरों को नया आयाम दे रहे हैं.

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