क्या युद्ध के बीच भी रूस से तेल खरीदता रहेगा भारत? जेलेंस्की के सवाल का जयशंकर ने दिया जवाब, बोले- ‘140 करोड़ लोगों की…’
जयशंकर ने कीव में राष्ट्रपति जेलेंस्की के अलावा यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से भी मुलाकात की. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने और रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के संभावित रास्तों पर चर्चा हुई. बैठक के बाद जेलेंस्की ने भारत की उस स्थिति का स्वागत किया.
Edited By : Akarsh Shukla|Updated: Sep 3, 2026 22:19
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भारत अपनी स्थिति का सम्मान करता है. (Photo: ANI)
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रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत की ओर से रूसी क्रूड ऑयल खरीदने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. यूक्रेन दौरे पर पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर से जब भारत के रूसी तेल खरीदने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को मजेदार जवाब दिया. विदेश मंत्री ने कहा कि देश की विशाल आबादी की ऊर्जा जरूरतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि भारत, यूक्रेन की चिंताओं को समझता है, लेकिन नई दिल्ली की अपनी ऊर्जा जरूरतें भी हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कीव में गुरुवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और विदेश मंत्री एस जयशंकर की मुलाकात हुई.
एस जयशंकर ने कहा कि करीब 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा जरूरतों को ऐसे समय में पूरा करना आसान नहीं है, जब वैश्विक ऊर्जा बाजार पहले से ही चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है. उन्होंने कहा कि भारत अपनी स्थिति का सम्मान करता है और उम्मीद करता है कि उसकी परिस्थितियों को भी समझा जाएगा. जयशंकर ने रूस से तेल खरीद को युद्ध खत्म होने की मुख्य वजह मानने के तर्क पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष पांचवें वर्ष में पहुंच चुका है और यह केवल किसी देश के तेल, खनिज, धातु, उर्वरक या अन्य वस्तुओं की खरीद बंद करने से खत्म नहीं होगा.
#WATCH | Kyiv, Ukraine: "…This conflict, which is today in its fifth year, will not be solved because somebody is buying or not buying oil or alumina or minerals or metals or fertiliser. This conflict will be solved by dialogue, diplomacy, and negotiation. That is why, it is… pic.twitter.com/TgEnIVJFKw
जयशंकर ने कीव में राष्ट्रपति जेलेंस्की के अलावा यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से भी मुलाकात की. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने और रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के संभावित रास्तों पर चर्चा हुई. बैठक के बाद जेलेंस्की ने भारत की उस स्थिति का स्वागत किया, जिसमें नई दिल्ली युद्ध खत्म करने की जरूरत पर जोर देती रही है. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय युद्ध का नहीं बल्कि शांति का होना चाहिए. जेलेंस्की ने यह भी दावा किया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल के कीव में मौजूद रहने के दौरान रूस ने जेट इंजन से लैस शहीद ड्रोन लॉन्च किए. उनके मुताबिक, इन ड्रोन्स को ईरान की सहायता से विकसित किया गया था. यूक्रेनी लड़ाकू विमानों ने इनमें से अधिकांश को रोक दिया और भारतीय प्रतिनिधिमंडल सुरक्षित रहा.