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मंदिरों में करोड़ों का चढ़ावा, मस्जिदों में कम दान क्यों? जानिए कौन-सी है सबसे अमीर मस्जिद

देश के मंदिरों में हर साल करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता है, जबकि ज्यादातर मस्जिदों में ऐसा नहीं होता. इसके पीछे धार्मिक परंपराएं, दान की व्यवस्था और वक्फ सिस्टम जैसे कई कारण हैं. आइए जानते हैं कि मंदिरों और मस्जिदों की दान व्यवस्था में क्या अंतर है और दुनिया की सबसे अमीर मस्जिद कौन-सी मानी जाती है.

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भारत में मंदिरों में श्रद्धालुओं के चढ़ावा चढ़ाने की परंपरा सदियों पुरानी है. देश के कई बड़े मंदिरों में हर साल करोड़ों रुपये नकद, सोना-चांदी, आभूषण और बाकी कीमती चीजें दान की जाती हैं. हाल ही में मंदिरों में चढ़ावे को लेकर चर्चा फिर तेज हुई है, जिसके बाद ये सवाल भी उठने लगा कि आखिर मस्जिदों में मंदिरों जैसी बड़ी मात्रा में चढ़ावा क्यों नहीं आता. हिंदू धर्म में भगवान को चढ़ावा अर्पित करना आस्था और पूजा का खास हिस्सा माना जाता है. भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने, किसी शुभ मौके या धार्मिक विश्वास के चलते नकद, सोना, चांदी, अनाज और बाकी चीजें मंदिरों में अर्पित करते हैं. यही वजह है कि बड़े धार्मिक स्थलों पर दान की मात्रा काफी ज्यादा होती है.

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मस्जिदों में व्यवस्था अलग क्यों है?

इस्लाम में दान देने की परंपरा जरूर है, लेकिन उसका तरीका अलग है. मुस्लिम समुदाय में जकात, सदका और फितरा जैसी व्यवस्थाएं हैं. इनका मकसद जरूरतमंद लोगों की मदद करना होता है. मस्जिदों में नमाज के दौरान लोग अपनी इच्छा से दान करते हैं, लेकिन हिंदू मंदिरों की तरह मूर्ति पर चढ़ावा चढ़ाने की परंपरा नहीं होती. कई मस्जिदों का खर्च स्थानीय समुदाय, वक्फ संपत्तियों की इनकम और लोगों की अपनी इच्छा के सहयोग से चलता है. इसलिए वहां मंदिरों जैसी बड़ी मात्रा में नकद चढ़ावा देखने को नहीं मिलता.

भारत की सबसे अमीर मस्जिद कौन-सी है?

भारत में सबसे ज्यादा दान पाने वाली मस्जिद का कोई ऑफिशियल सरकारी रिकॉर्ड मौजूद नहीं है. हालांकि, कई रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ की जामा मस्जिद को देश की सबसे अमीर मस्जिदों में से एक बताया जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस मस्जिद के 17 गुंबद और मीनारों के निर्माण में करीब 600 किलोग्राम शुद्ध सोने का इस्तेमाल किया गया था. यही वजह है कि इसे भारत की सबसे समृद्ध मस्जिदों में गिना जाता है. हालांकि, इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है. वहीं कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई की हाजी अली दरगाह और मस्जिद को चढ़ावे के हिसाब से सबसे अमीर माना जाता है. दुनियाभर से आने वाले लोग यहां दिल खोलकर चढ़ावा देते हैं, जिसमें नकद, कीमती रत्न और सोना-चांदी शामिल होते हैं.

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First published on: Jul 06, 2026 05:58 PM

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