मोदी कैबिनेट ने आज 32,701 करोड़ की कुल लागत वाली दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी. गोबरधन (GOBARdhan) योजना के तहत बायोगैस प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन को बढ़ावा देने के लिए 23,731 करोड़ मंजूर हुए हैं. इसका मकसद जैविक कचरे और गोबर से बायोगैस/सीबीजी प्रोडक्शन बढ़ाना और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देना है. वहीं, असम में बाइहाटा चारियाली से तेजपुर तक 4-लेन नेशनल हाईवे को बनाने के लिए 8,970 करोड़ की मंजूरी मिली है.
ये भी पढ़ें: Explainer: FDI, नौकरी से लेकर UPI चार्ज तक… संसद से पास हुआ कर संशोधन बिल 2026, जानें क्या-क्या बदला
गोबरधन योजना क्यों है खास?
गोबरधन योजना साल 2026-27 से लेकर 2035-36 तक लागू की जाएगी. इसके तहत खेतों में पराली जैसे अवशेष, गोबर, गन्ने का बचा हुआ कूड़ा, गीला कचरा और बाकी बायो कचरे को क्लीन फ्यूल और बायो खाद में तब्दील किया जाएगा. इससे गांव में रहने वाले लोगों की इनकम बढ़ेगी और देश की इकॉनोमी बेहतर होगी. गोबरधन योजना से बायोगैस सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा. इसके लिए सरकार कई बड़े फैसले ले रही है. गैस की पक्की मांग और सही कीमतें तय करन पर सरकार खास ध्यान देगी. सरकार प्लांट लगाने के लिए आर्थिक सहायता भी देगी. गैस पहुंचाने के लिए पाइपलाइन का बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा. सरकार इसके लिए आसानी से लोन मुहैया कराएगी. इस योजना से प्रदूषण भी कम होगा और गांव के लोगों को नौकरी के बेहतर अवसर मिलेंगे.
गुवाहाटी-तेजपुर एनएच-15 कॉरिडोर
मोदी कैबिनेट ने गुवाहाटी-तेजपुर एनएच-15 कॉरिडोर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. इससे असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी. चार लेन वाले एक्सेस कंट्रोल हाईवे को ‘बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर’ (BOT) टोल मोड पर डेवलेप किया जाएगा. गुवाहाटी-तेजपुर एनएच-15 कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत इंडियन एयर फोर्स के साथ मिलकर तेजपुर बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी तैयार की जाएगा, जिसकी लंबाई 4.9 किलोमीटर होगी. इससे NH-27 पर ट्रैफिक की समस्या कम हो जाएगी. जिन इलाकों में भीड़ ज्यादा रहती है, वहां ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए 5 बड़े बाईपास भी तैयार होंगे
ये भी पढ़ें: PM मोदी की विदेश यात्राओं पर कितना खर्च और कितना आया FDI? संसद में सरकार ने दिया हिसाब