---विज्ञापन---

देश

क्या है सिल्चर गुवाहाटी कोरिडोर? 4 घंटे में पूरा होगा 12 घंटे का सफर, PM मोदी रखेंगे आधारशिला

Silchar Shillong Guwahati High Speed Corridor: असम और मेघालय के बीच सिल्चर शिलांग गुवाहाटी कोरिडोर एक ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है. इस कोरिडोर के बनने से 10 से 12 घंटे का सफर मात्र 4 से 5 घंटे में पूरा हो जाएगा. इसे असम के सबसे बड़े राजमार्ग प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है.

Author Edited By : Vijay Jain
Updated: Feb 15, 2026 15:48
What is Silchar Guwahati Corridor

Silchar Shillong Guwahati High Speed Corridor: असम के सबसे बड़े राजमार्ग प्रोजेक्ट्स में से एक सिल्चर शिलांग गुवाहाटी कोरिडोर गुवाहाटी, सिलचर और मेघालय के प्रमुख मार्गों को जोड़कर अंतरराज्यीय संपर्क मजबूत करेगा, जिससे व्यापार संबंध और भी सुदृढ़ होंगे. प्रधानमंत्री मोदी मार्च 2026 में असम के दौरे पर आएंगे और इस विशाल परियोजना की आधारशिला रखेंगे. मौजूदा मार्ग पर गुवाहाटी से सिलचर की दूरी लगभग 410 किमी है और अभी सड़क यात्रा में लगभग 10 से 12 घंटे का समय लगता है. इस हाई-स्पीड कोरिडोर से सिलचर से गुवाहाटी तक यात्रा का समय करीब 4.5–5 घंटे तक कम होगा.

मुख्यमंत्री सरमा ने कोरिडोर को बताया ‘गेम-चेंजर’

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने मार्च में बहुप्रतीक्षित सिलचर-शिलांग-गुवाहाटी हाई-स्पीड कॉरिडोर की आधारशिला रखेंगे. इस परियोजना में 22,864 करोड़ रुपये की लागत आएगी. मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि इस हाई-स्पीड कोरिडोर के बनने से पूर्वोत्तर भारत में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों में नई ऊर्जा आएगी. इससे बेराक घाटी और उत्तर-पूर्वी भारत के अन्य हिस्सों में विकास और कनेक्टिविटी में बड़ा परिवर्तन आएगा. बेहतर कनेक्टिविटी से लोगों, सामान और व्यापार का आदान-प्रदान तेज होगा. यह परियोजना न केवल असम की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि करेगी.

यह भी पढ़ें: ब्रह्मपुत्र का सीना चीरकर निकलेगी देश की पहली रोड-कम-रेल सुरंग, 6 घंटे का सफर अब सिर्फ 20 मिनट में

---विज्ञापन---

कोरिडोर से मिलने वाले प्रमुख फायदे

यह हाई-स्पीड कॉरिडोर गुवाहाटी (असम), सिलचर (बाराक घाटी) और मेघालय को सीधा जोड़ेगा, जिससे सड़क नेटवर्क बड़ी तेजी से काम करेगा. मौजूदा मार्गों के मुकाबले दूरी कम होने के साथ-साथ यात्रा समय भी बहुत घटेगा, जिससे ट्रैवलिंग और लॉजिस्टिक्स दोनों आसान होंगे. प्राकृतिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय पर्यटन व्यवसाय में वृद्धि के अवसर बनेंगे. बेहतर सड़क मार्ग की वजह से सामान और ज़रूरत के माल की तेज़ डिलीवरी संभव होगी, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत कम हो सकती है. सड़क निर्माण कार्य अगले 2-3 वर्षों में पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 2028-29 तक नया हाई-स्पीड मार्ग खोला जा सके.

First published on: Feb 15, 2026 03:48 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.