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‘सीमा पार से एक तरबूज नहीं आ पा रहा, पर…’, पाकिस्तानी नेता ने खुद की सेना की उड़ाई खिल्ली; देखें VIDEO

पाकिस्तानी नेता फजलुर रहमान ने सेना की अफगान नीति को नाकाम बताया. उन्होंने कहा कि सीमा से व्यापार बंद है लेकिन आतंकी बेरोकटोक आ रहे हैं, जिससे पड़ोसी देश नाराज हैं.

जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने रावलपिंडी में एक सभा के दौरान पाकिस्तान सरकार और सेना की अफगान नीति पर कड़ा प्रहार किया है. उन्होंने एक दिलचस्प उदाहरण देते हुए कहा कि दशकों से यह समझ नहीं आया कि हमारी नीति इतनी बुरी तरह कैसे फेल हो गई. उन्होंने तंज कसा कि अफगानिस्तान से एक भी अनार या खरबूजा पाकिस्तान में दाखिल नहीं हो सकता, लेकिन आतंकवादी मजे से सीमा पार कर रहे हैं. उन्होंने सेना से सवाल किया कि अगर वहां से आतंकी आ रहे हैं तो उन्हें रोकते क्यों नहीं, जबकि अफगान सरकार ने कभी आपके एक्शन पर आपत्ति नहीं जताई है.

यह भी पढ़ें: ट्रंप के हमले की धमकी का डर? ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने 37 साल में पहली बार तोड़ी अपनी परंपरा

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विदेश नीति को बताया पूरी तरह नाकाम

मौलाना रहमान ने इस्लामाबाद की विदेश और आर्थिक नीतियों को पूरी तरह असफल करार दिया है. उन्होंने कहा कि हमारी नीतियां इतनी खराब हैं कि आज भारत और अफगानिस्तान हमारे दुश्मन बने हुए हैं, जबकि ईरान और चीन जैसे दोस्त भी हमसे नाराज हैं. रहमान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की विदेश नीति चुनी हुई सरकार नहीं बल्कि सैन्य प्रतिष्ठान तय करता है. उनके अनुसार एक जनरल आकर कहता है कि हम बात करेंगे, तो दूसरा आकर कहता है कि हम युद्ध करेंगे, जिससे देश में केवल असुरक्षा और अविश्वास पैदा हो रहा है.

चीन और सीपीईसी पर भी उठाए सवाल

चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए रहमान ने कहा कि चीन अब पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करता है. उन्होंने सवाल किया कि इमरान खान के समय प्रोजेक्ट रुकने पर शिकायतें थीं, लेकिन मौजूदा सरकार के दौरान क्या एक ईंट भी आगे बढ़ी है. रहमान के अनुसार चीन को उम्मीद थी कि मौजूदा गठबंधन सरकार संबंधों को स्थिर करेगी, लेकिन आज चीन पाकिस्तान से खुश नहीं है. इसी भरोसे की कमी के कारण देश के विकास के लिए जरूरी प्रोजेक्ट्स ठप पड़े हैं.

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इस्लामाबाद हमले पर अफगानिस्तान का जवाब

दूसरी तरफ अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने इस्लामाबाद की मस्जिद में हुए आत्मघाती हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया है. अफगान अधिकारियों ने पाकिस्तान के आरोपों को गैर-जिम्मेदाराना और बेबुनियाद बताया है. बता दें कि शुक्रवार को इस्लामाबाद की एक मस्जिद में हुए हमले में 69 लोगों की जान चली गई थी और 170 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बिना जांच के इसका आरोप अफगानिस्तान पर मढ़ा था, जिसे अफगान मंत्रालय ने अपनी सुरक्षा विफलताओं को छिपाने की कोशिश करार दिया है.

First published on: Feb 09, 2026 08:16 PM

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Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में तीन वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. राजा ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Zee Media के डिजिटल प्लेटफॉर्म India.Com हिंदी से की थी. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

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Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में तीन वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. राजा ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Zee Media के डिजिटल प्लेटफॉर्म India.Com हिंदी से की थी. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

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