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क्या है ‘One Case One Data’ सिस्टम? सुप्रीम कोर्ट ने किया लॉन्च, आसानी से निपटेंगे देशभर में लंबित मामले

CJI सूर्यकांत ने One Case One Data को औपचारिक रूप से लॉन्च कर दिया है। यह सिस्टम हाई कोर्ट्स, जिला अदालतों और सुप्रीम कोर्ट के सभी केस डेटा को एक एकल प्लेटफॉर्म पर जोड़ेगा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

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Edited By : Raghav Tiwari Updated: May 11, 2026 14:48

One Case One Data: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ‘वन केस, वन डेटा’ सिस्टम की शुरुआत की, जो देशभर की अदालतों में unified data access के जरिए केस मैनेजमेंट को मजबूत करेगा। CJI सूर्यकांत ने इस नई डिजिटल पहल को औपचारिक रूप से लॉन्च किया। यह सिस्टम हाई कोर्ट्स, जिला अदालतों और सुप्रीम कोर्ट के सभी केस डेटा को एक एकल प्लेटफॉर्म पर जोड़ेगा। किसी भी मामले से जुड़ी मल्टी-लेवल जानकारी जैसे ट्रैकिंग, रिकॉर्ड और हिस्ट्री—एक ही जगह उपलब्ध हो जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने बताया कि इससे पेंडिंग केसों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा, अदालतों के बीच समन्वय बढ़ेगा और न्याय प्रक्रिया तेज होगी। इसके साथ ही ‘SU Sahay’ नामक AI चैटबॉट भी लॉन्च किया गया, जो सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर पक्षकारों और वकीलों को तुरंत किसी भी केस से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध कराएगी।

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एक क्लिक पर केस की पूरी जानकारी मिलने से पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों का कहना है कि यह पहल केस ट्रैकिंग, डेटा शेयरिंग और मॉनिटरिंग में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी, जिससे लाखों लंबित मामलों का निपटारा आसान हो जाएगा।

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भारत की अदालतों में मई 2026 तक करीब 5.5 करोड़ केस पेंडिंग हैं। इसमें सुप्रीम कोर्ट में 93,000 केस, हाई कोर्ट में 63.6 लाख केस, जिला/निचली अदालतों में 4.76 करोड़ केस शामिल हैं। कुल मिलाकर 5.5 करोड़ के आसपास केस पेंडिंग हैं। इसमें 85-90% केस निचली अदालतों में ही अटके हैं।

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इतनी पेंडिंग के क्या हैं कारण?

इसके कारणों की बात करें तो जजों की कमी, वकील/गवाह नहीं मिलना और सरकार का सबसे बड़ा वादी होना है। भारत में 10 लाख लोगों पर सिर्फ 22 जज हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने 50 की सिफारिश की थी। 62 लाख से ज्यादा केस सिर्फ वकील न होने से रुके हैं और 50% केसों में सरकार खुद पार्टी है।

First published on: May 11, 2026 02:22 PM

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