जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के बाद कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं. मूसलाधार बारिश के बाद आए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से पुंछ, राजौरी और किश्तवाड़ जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. यहां भारी नुकसान दिखा है. जम्मू-कश्मीर में बाढ़ से 11 लोगों की मौत की खबर आई है, जबकि पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं. राहत और बचाव टीमें सभी जिलों में सक्रिए हैं. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी सीएम उमर अब्दुल्ला से बात की है और केंद्र सरकार की तरफ से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है. मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. ऐसे में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के चलते अमरनाथ यात्रा पर लगा ब्रेक, वैष्णो देवी यात्रा पर भी लगी रोक
अधिकारियों ने बताया कि सबसे ज्यादा तबाही पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील में हुई, जहां ज्यादातर मौतें हुईं हैं. लगातार बारिश और क्षतिग्रस्त सड़कों के बीच बचाव दल लापता लोगों का पता लगाने के लिए तेजी से काम कर रहे थे. भारी बारिश के कारण इलाके के कई हिस्सों में बिगड़ते हालात को देखते हुए सीएम मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली में अपना दौरा छोटा करने और दोपहर में जम्मू लौटने का फैसला किया है. जबकि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बारिश और अचानक बाढ़ से प्रभावित जिलों में हालात का जायजा लिया और अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत और मदद पहुंचाने का निर्देश दिए हैं.जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जगह फ्लैश फ्लड आ गई. इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं. तेज बहाव की वजह से कई घर, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है.
प्रशासन, सेना और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्य चला रही हैं. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और लोगों को नदी-नालों व भूस्खलन वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट का पालन करने की अपील की है.
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के बाद कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं. मूसलाधार बारिश के बाद आए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से पुंछ, राजौरी और किश्तवाड़ जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. यहां भारी नुकसान दिखा है. जम्मू-कश्मीर में बाढ़ से 11 लोगों की मौत की खबर आई है, जबकि पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं. राहत और बचाव टीमें सभी जिलों में सक्रिए हैं. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी सीएम उमर अब्दुल्ला से बात की है और केंद्र सरकार की तरफ से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है. मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. ऐसे में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
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अधिकारियों ने बताया कि सबसे ज्यादा तबाही पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील में हुई, जहां ज्यादातर मौतें हुईं हैं. लगातार बारिश और क्षतिग्रस्त सड़कों के बीच बचाव दल लापता लोगों का पता लगाने के लिए तेजी से काम कर रहे थे. भारी बारिश के कारण इलाके के कई हिस्सों में बिगड़ते हालात को देखते हुए सीएम मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली में अपना दौरा छोटा करने और दोपहर में जम्मू लौटने का फैसला किया है. जबकि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बारिश और अचानक बाढ़ से प्रभावित जिलों में हालात का जायजा लिया और अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत और मदद पहुंचाने का निर्देश दिए हैं.जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जगह फ्लैश फ्लड आ गई. इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं. तेज बहाव की वजह से कई घर, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है.
प्रशासन, सेना और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्य चला रही हैं. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और लोगों को नदी-नालों व भूस्खलन वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट का पालन करने की अपील की है.