मनोज पांडे/ कोलकाता
पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस चुनाव को लेकर भाजपा की तरफ से तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। भाजपा 2026 के विधानसभा चुनाव के पहले पश्चिम बंगाल में हिंदुत्व के मुद्दे के साथ-साथ बेरोजगारी के मुद्दों को भी उठा रही है। भाजपा ने अब 26,000 नौकरियों के मुद्दे पर प्रभावित परिवारों के लिए सहानुभूति जताते हुए रामनवमी के बाद राज्य में एक बड़े आंदोलन के साथ ममता सरकार को घेरने की तैयारी की है।
ममता सरकार के खिलाफ होगा आंदोलन
बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने गुरुवार को शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि ममता की वजह से कई लोगों की नौकरी गई, अब उनकी पार्टी ममता सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरेगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लेख करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ आंदोलन करने का भी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि रामनवमी के बाद राज्य में भारतीय जनता पार्टी ममता सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगी। राज्य सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे। सुकांत मजूमदार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले की वजह से उन सभी शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। ये लोग 2016 से नौकरी कर रहे थे, अब ये सभी परिवार रास्ते में आ जाएंगे।
आखिर जिम्मेदार कौन?
सुकांत मजूमदार ने ममता सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है? जाहिर तौर पर इसकी जिम्मेदार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं। क्योंकि उन्होंने अपनी पार्टी के लोगों से पैसे खाकर उन लोगों को नौकरी दिलवाई थी, जो इसके योग्य नहीं थे। उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी ने उन लोगों को आग में झोंकने का काम किया है, जिन्होंने इस नौकरी के लिए कड़ा परिश्रम किया था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पूरे 26 हजार परिवार ममता बनर्जी की वजह से सड़क पर आ गए। निश्चित तौर पर इन सबका जिम्मेदार अगर कोई है, तो वह ममता बनर्जी हैं। अब भाजपा इसके विरोध में सड़क पर उतरेगी और आगामी दिनों में व्यापक आंदोलन करेगी। भाजपा नेता ने कहा कि रामनवमी के बाद भाजपा ममता बनर्जी के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। हम अभी से ही इस आंदोलन की पूरी रूपरेखा निर्धारित कर उसे जमीन पर उतारने का काम करेंगे।