वक्फ संशोधन बिल को मिली राष्ट्रपति की मंजूरी, देश में नया कानून लागू, AIMPLB ने आंदोलन की दी चेतावनी

वक्फ संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी मंजूरी दे दी है। इसी के वक्फ संशोधन बिल अब कानून बन गया है। हालांकि कांग्रेस, एआईएमआईएम और आम आदमी पार्टी इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

President Droupadi Murmu

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू।

वक्फ संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इसे मंजूरी दे दी है। वक्फ संशोधन बिल 2025 अब कानून बन गया है। हालांकि, इस नए कानून को कांग्रेस, एआईएमआईएम और आम आदमी पार्टी (AAP) ने अलग-अलग याचिकाओं के साथ सुप्रीम कोर्ट में पहले ही चुनौती दे रखी है। साथ ही देश के अलग-अलग राज्यों में कई मुस्लिम संगठन इसके विरोध में प्रदर्शन भी कर रहे हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि यह कानून मुस्लिम विरोधी नहीं है और इसका उद्देश्य पक्षपात और वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकना है।

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मुसलमान वक्फ अधिनियम- 1923 को निरस्त किया गया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक कानून बन गया है। अब पूरे देश में नया वक्फ कानून लागू हो जाएगा। जेपीसी की रिपोर्ट के बाद लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक- 2025 पारित किया गया था। इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार, वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन से संबंधित हितधारकों के सशक्तिकरण, सर्वेक्षण, पंजीकरण और मामले के निपटान की प्रक्रिया में सुधार लाना है। इसके अलावा मुसलमान वक्फ अधिनियम- 1923 को भी निरस्त कर दिया गया है। नए वक्फ कानून से संबंधित अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

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AIMPLB ने दी आंदोलन की चेतावनी

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने इस बिल के विरोध में देशव्यापी आंदोलन करने की चेतावनी दी है। एआईएमपीएलबी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, विजयवाड़ा, मलप्पुरम, पटना, रांची, मलेरकोटला और लखनऊ में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सत्ता पक्ष ने बहुमत का दुरुपयोग किया है और विधेयक को जबरन थोपा गया है।

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राज्यसभा-लोकसभा में मैराथन बहस के बाद पारित हुआ था बिल

राज्यसभा में इस बिल पर करीब 13 घंटे तक चर्चा चली थी। राज्यसभा में बिल के पक्ष में 128 और विपक्ष में 95 वोट पड़े थे। वहीं, लोकसभा में करीब 12 घंटे तक चली मैराथन बहस के बाद यह बिल पारित हुआ था। लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े थे। इसके बाद विधेयक को कानून बनने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पास उनकी मंजूरी के लिए भेजा गया था, जिस पर उन्होने हस्ताक्षर कर कानून बनाने की मंजूरी दे दी है।

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