'डिस्चार्ज करो, संसद मार्च में जाना है मुझे', सोनम वांगचुक ने हॉस्पिटल को लिखी चिट्ठी, 28 जुलाई से जारी है भूख हड़ताल

सोनम वांगचुक अस्पताल से डिस्चार्ज होना चाहते हैं और संसद मार्च को जॉइन करना चाहते हैं, इसके लिए उन्होंने एक चिट़्ठी लिखी है. दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया था.

Sonam Wangchuk

सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जबरन अस्पताल में भर्ती कराया था.

दिल्ली के सरकार अस्पताल सफदरजंग में भर्ती मशहूर सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन को चिट्ठी लिखी है. इसमें उन्होंने खुद को डिस्चार्ज करने की मांग की है, क्योंकि उन्हें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च में शामिल होना है. सोनम वांगचुक ने सफदरगंज अस्पताल को लिखे पत्र में लिखा कि मैं आज बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं. मेरे हेल्थ पैरामीटर सामान्य हैं. इसलिए अनुरोध है कि कृपया मुझे अस्पताल से जाने की अनुमति दें, ताकि मैं संसद मर्चा जॉइन कर सकूं.

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एक्स अकाउंट पर शेयर किया लेटर

सोनम वांगचुक ने अस्पताल को लिखा गया लेटर अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर शेयर किया. उन्होंने पोस्ट में कैप्शन लिखा कि प्यारे साथियों, सोनम वांगचुक आप सभी से मिलने के बेताब है और इसके लिए हरसंभव कोशिश कर रहा है. आज अस्पताल को लेटर लिखकर सौंप दिया है. मेरा स्वास्थ्य अब अच्छा है और अस्पताल का दावा है कि वे किसी तरह की हिरासत में नहीं हैं, लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा कि फिर मुझ पर इतनी पाबंदियां क्यों लगी हैं? क्यों मुझे डिस्चार्ज नहीं किया जा रहा.

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सोनम वांगचुक का हेल्थ अपडेट जारी

सोनम वांगचुक का इलाज VAMC एवं सफदरजंग अस्पताल में जारी है, उनके वाइटल पैरामीटर्स स्थिर हैं। लेकिन ब्लड टेस्ट रिपोर्ट देखते हुए उन्हें निगरानी में रखने की जरूरत है. डॉक्टरों की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है. बिना किसी रुकावट के क्लिनिकल मॉनिटरिंग जरूरत है, ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति में तुरंत उपचार किया जा सके. उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और बॉडी के नॉर्मल होने का इंतजार कर रहे हैं.

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28 जून से शुरू चल रही भूख हड़ताल

बता दें कि सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रर्दशन के समर्थन में 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठै हुए हैं. वे जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे थे, लेकिन अनशन के 21वें दिन शनिवार को दिल्ली पुलिस उन्हें जबरन उठाकर ले गई और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया. विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल का मकसद NEET समेत विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक का विरोध करना, परीक्षााओं में अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कराना है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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