BRICS के 11 देश अगर होते एक ही राष्ट्र, तो कितनी होती ताकत? दुनिया की आधी जमीन पर होता 'ब्रिक्स का दबदबा'

BRICS की सामूहिक आर्थिक क्षमता भी इसे वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण बनाती है. पर्चेजिंग पावर पैरिटी (PPP) के आधार पर BRICS देशों की संयुक्त GDP दुनिया की कुल GDP का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा मानी जाती है.

BRICS 2026

सिर्फ चार देशों से शुरू हुआ था ब्रिक्स का सफर. (Photo: PTI)

भारत, ब्राजील, ईरान और चीन के साथ शुरू हुआ ब्रिक (BRIC) का सफर अब 11 देशों के समूह के साथ BRICS के रूप में तब्दील हो चुका है. पिछले कुछ वर्षों में हुए विस्तार के बाद ब्रिक्स दुनिया के बड़े उभरते देशों का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है. मौजूदा समय में BRICS के 11 सदस्य ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया और सऊदी अरब हैं. इसके अलावा कई देशों को पार्टनर देश का दर्जा भी दिया गया है.

विज्ञापन

अगर BRICS होता एक देश…

क्या आपने कभी सोचा है कि अगर ब्रिक्स अलग-अलग देशों का समूह ना होकर एक देश होता तो क्या होता? आपको जानकर हैरानी होगी कि अगर ब्रिक्स के 11 देश मिलकर एक ही राष्ट्र बन जाएं, तो उसके पास दुनिया की जमीन, आबादी, अर्थव्यवस्था और प्राकृतिक संसाधनों के लिहाज से सबसे बड़ी ताकत होगी. आंकड़े बताते हैं कि ऐसा देश वैश्विक स्तर पर बेहद प्रभावशाली शक्ति बन सकता है.

विज्ञापन

दुनिया की करीब 30 फीसदी जमीन

क्षेत्रफल के लिहाज से BRICS देशों की संयुक्त ताकत काफी बड़ी है. BRICS के सदस्य देशों का कुल क्षेत्रफल दुनिया के कुल भूभाग का करीब 30 प्रतिशत माना जाता है. इसमें रूस सबसे बड़ा हिस्सा रखता है, क्योंकि रूस दुनिया का सबसे बड़ा देश है. इसके बाद ब्राजील, चीन और भारत जैसे विशाल क्षेत्रफल वाले देश भी BRICS का हिस्सा हैं. इन देशों के एक साथ आने का मतलब होगा कि एक ही राजनीतिक इकाई के पास दुनिया के बड़े हिस्से में फैली जमीन होगी. इतना ही नहीं, इस विशाल भौगोलिक विस्तार के साथ तेल, गैस, खनिज, मेटल्स और कृषि योग्य भूमि जैसे प्राकृतिक संसाधनों का बड़ा आधार भी इस काल्पनिक देश के पास होगा.

विज्ञापन

BRICS में रहती है आधी दुनिया की आबादी

आबादी के मामले में BRICS की ताकत और भी ज्यादा दिखाई देती है. अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के मुताबिक, 11 सदस्य देशों में दुनिया की करीब 49.5 प्रतिशत आबादी रहती है. यानी लगभग हर दो में से एक व्यक्ति किसी BRICS सदस्य देश में रहता है. इस आंकड़े में भारत और चीन की भूमिका सबसे अहम है. दोनों दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देशों में शामिल हैं. इतनी बड़ी आबादी का मतलब सिर्फ बड़ा उपभोक्ता बाजार ही नहीं, बल्कि विशाल श्रमशक्ति और मानव संसाधन भी है.

विज्ञापन

आर्थिक और सैन्य ताकत भी होती बड़ी

BRICS की सामूहिक आर्थिक क्षमता भी इसे वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण बनाती है. पर्चेजिंग पावर पैरिटी (PPP) के आधार पर BRICS देशों की संयुक्त GDP दुनिया की कुल GDP का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा मानी जाती है. वहीं, नॉमिनल GDP के आधार पर इसकी हिस्सेदारी करीब 26 से 30 प्रतिशत के बीच है. इतना ही नहीं, ब्रिक्स देशों की सैन्य ताकत भी काफी मजबूत होती. ब्रिक्स देशों की सैन्य ताकत को एक कर दिया जाए तो करीब 70 लाख से अधिक सैनिक हो जाएंगे.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ