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‘अमित शाह का लेक्चर सुनने में दिलचस्पी नहीं’, गृह मंत्री के बयान पर राहुल गांधी का करारा पलटवार

गृह मंत्री अमित शाह संसद में चर्चा करने और जवाब देने के लिए तैयार हैं. उनके इस बयान पर राहुल गांधी ने पलटवार किया है और कहा है कि उनका लेक्चर सुनने में किसी की कोई रुचि नहीं है.

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गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने करारा पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि अमित शाह का लेक्चर सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है. जब मैं ‘हम’ कहता हूं, तो मेरा मतलब देश की युवा पीढ़ी से होता है. जवाब सिर्फ मुझे नहीं, बल्कि युवाओं को, पूरे देश के चाहिए. छात्रों पर पैलेट गन से गोलियां किसने चलाई? छात्रों को कील लगी लाठियों से पीटने का आदेश किसने दिया? अमित शाह ने आदेश दिया था? अगर उन्होंने ऐसा किया है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. पिछले 20 दिनों से अमित शाह गायब हैं. उनमें साहस ही नहीं है कि वे सदन में आएं और जवाब दें.

अमित शाह 24 घंटे तक चर्चा करने को तैयार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज मीडिया से कहा कि विपक्ष आज दोपहर 2 बजे तक लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिख दें. हम दोपहर 3 बजे से चर्चा शुरू करेंगे और मैं कल दोपहर 3 बजे तक सभी सवालों के जवाब दूंगा. लोग मुझसे केवल एक बयान देने को कहते हैं. लेकिन इतने गंभीर मुद्दे पर इस तरह से चर्चा नहीं की जा सकती. यह आपका तरीका हो सकता है, लेकिन संसदीय तरीका यह नहीं है. संसद में चर्चा विस्तार से होती हैं. मैं आज दोपहर 3 बजे से बहस करने के लिए तैयार हूं.

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अमित शाह ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष अनुमति दें तो मैं प्रश्नकाल स्थगित करने के लिए भी तैयार हूं. कल दोपहर 3 बजे तक चर्चा जारी रखने के लिए तैयार हूं . मैं स्वयं लोकसभा सदन में उपस्थित रहूंगा, हर बात पर नोट्स लूंगा, सभी सवाल का जवाब दूंगा, ताकि पूरा मामला देश की जनता के सामने स्पष्ट हो. अब विपक्ष को यह तय करना होगा कि वे चर्चा में शामिल होना चाहते हैं या हंगामा करते रहना चाहते हैं. क्योंकि पहले दिन से वे सिर्फ हंगामा करते आ रहे हैं, सुनना तो चाहते नहीं.

रेगुलर सदन में आता हूं, पर सदन चलता नहीं

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लापता, भाग गए जैसे शब्द लगातार सुनने को मिल रहे हैं. सत्र शुरू होने के बाद से मैं रेगुलर संसद आ रहा हूं, अपने सदन में बैठता हूं, लेकिन जब विपक्ष संसद को किसी भी सदन में काम नहीं करने दे रहा है तो हम क्या करें? संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार NEET के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं. विपक्ष समय तय करने और तैयार रहने के लिए कहा था, लेकिन विपक्ष कुछ सुनना नहीं चाहता.

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मैं संसद में किसी भी प्रश्न का उत्तर देने के लिए तैयार हूं, फिर भी वे चर्चा होने ही नहीं दे रहे हैं. अब जनता तय करे कि कौन भाग रहा है. सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है. मैं इस बात पर भी चर्चा करूंगा कि वे चर्चा क्यों नहीं होने देना चाहते थे? सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है, विपक्ष बस संसद को अपना काम करने दे.

First published on: Aug 12, 2026 12:20 PM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। 13 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के माल‍िकाना हक वाले News 24 हिंदी डिजिटल विंग में बतौर चीफ सब एडिटर सेवाएं दे रही हैं। यहां की कोर टीम का हिस्सा हैं और नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम, यूटिलिटी, एजुकेशन, फीचर आदि विषयों पर अच्छी पकड़ रखती हैं।

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