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गर्मियों में शिमला ही क्यों होती है राष्ट्रपति की पहली पसंद? जानिए कब शुरू हुआ ये ट्रेंड और इसका इतिहास

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज से 5 दिन के शिमला दौरे पर हैं. हर साल होने वाला ये ग्रीष्मकालीन प्रवास ब्रिटिश काल से जुड़ी परंपरा है, जिसे 1965 में ऑफिशियल तौर पर शुरू किया गया.

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भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 27 अप्रैल से 2 मई तक हिमाचल प्रदेश के शिमला दौरे पर हैं. इस दौरान वो मशोबरा में मौजूद राष्ट्रपति निवास (The Retreat) में रहेंगी. ये राष्ट्रपति का ऑफिशियल ग्रीष्मकालीन आवास है, जहां हर साल कुछ दिनों के लिए राष्ट्रपति ठहरते हैं और अपने आधिकारिक कार्यक्रम भी यहीं से ऑपरेट करते हैं. शिमला में ग्रीष्मकालीन प्रवास की परंपरा ब्रिटिश काल से शुरू हुई थी. साल 1863 में John Lawrence ने शिमला को भारत की समर कैपिटल घोषित किया था. इसके बाद हर गर्मियों में अंग्रेजों का पूरा प्रशासन शिमला शिफ्ट हो जाता था. ठंडा मौसम और पहाड़ी वातावरण इसे प्रशासन के लिए आइडल जगह बनाता था.

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आजादी के बाद क्या हुआ बदलाव?

1947 में देश की आजादी के बाद ये परंपरा पूरी तरह खत्म नहीं हुई, बल्कि एक नए रूप में जारी रही. शिमला की कई ऐतिहासिक इमारतें भारत सरकार को मिल गईं. शुरुआती सालों में राष्ट्रपति का यहां आना नियमित नहीं था, लेकिन 1951 में राजेंद्र प्रसाद इस एस्टेट पर आने वाले पहले राष्ट्रपति बने. इसके बाद धीरे-धीरे ये जगह राष्ट्रपति के लिए खास बनती गई. इस परंपरा को असली पहचान 1965 में मिली, जब तत्कालीन राष्ट्रपति सर्वेपल्ली राधाकृष्णन ने मशोबरा में मौजूद इस भवन को राष्ट्रपति का ऑफिशियल समर रिट्रीट घोषित किया. इसके बाद से हर साल राष्ट्रपति का शिमला आना एक तय परंपरा बन गया.

क्या सभी राष्ट्रपति यहां आते रहे?

1965 के बाद से ज्यादातर राष्ट्रपतियों ने इस परंपरा को निभाया है और हर साल या समय-समय पर शिमला का दौरा किया है. हालांकि कुछ साल ऐसे भी रहे जब सुरक्षा कारणों, स्वास्थ्य समस्याओं या बिजी शेड्यूल के चलते दौरा नहीं हो पाया. इसके बावजूद ये परंपरा आज भी जारी है और राष्ट्रपति की आधिकारिक गतिविधियों का अहम हिस्सा मानी जाती है. राष्ट्रपति निवास (The Retreat) एक ऐतिहासिक और खूबसूरत भवन है, जो घने देवदार के जंगलों और पहाड़ों के बीच मौजूद है. शांत वातावरण और ठंडा मौसम इसे गर्मियों में रहने के लिए आदर्श बनाते हैं. यहां राष्ट्रपति आराम के साथ-साथ प्रशासनिक काम भी करते हैं और कई आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं.

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First published on: Apr 27, 2026 12:29 PM

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