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ऊर्जा आत्मनिर्भरता की राह पर भारत, पीएम सूर्य घर योजना बनी बदलाव की मिसाल

PM Surya Ghar Yojana: वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बदलाव की नई मिसाल बन गई है. इस योजना से अब तक 43 लाख से अधिक परिवार जुड़ चुके हैं और सरकार 24,895 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी जारी कर चुकी है. नागरिक अब सिर्फ बिजली उपभोक्ता नहीं बल्कि उत्पादक बनकर देश को आत्मनिर्भर बना रहे हैं.

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PM Surya Ghar Yojana: वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. दुनिया की लगभग 80 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतें आज भी कोयला, तेल और गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों पर निर्भर हैं. ऐसे में भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर एक मजबूत और आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं.

केंद्र सरकार की राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, पीएम-कुसुम, अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाओं और पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना जैसी पहलें इस बदलाव की आधारशिला बन रही हैं. इनमें पीएम सूर्य घर योजना सबसे सफल जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम के रूप में उभरी है.

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13 फरवरी 2024 को शुरू हुई इस योजना से 22 जून 2026 तक 43.37 लाख से अधिक परिवार जुड़ चुके हैं. सरकार ने अब तक 24,895 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी जारी की है, जबकि योजना के तहत 12.7 गीगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता ग्रिड से जुड़ चुकी है.

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि नागरिक केवल बिजली उपभोक्ता नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादक भी बन रहे हैं. रूफटॉप सोलर के जरिए परिवार अपनी बिजली जरूरतें पूरी कर रहे हैं, एलपीजी पर निर्भरता कम कर रहे हैं और इलेक्ट्रिक वाहनों को स्वच्छ ऊर्जा से चार्ज कर रहे हैं. इससे जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटने के साथ-साथ देश के नेट-जीरो लक्ष्य को भी मजबूती मिल रही है.

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योजना को आसान बनाने के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक बिना गारंटी के 5.75 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करा रहे हैं. वहीं, ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने वाली ALMM नीति के जरिए घरेलू सोलर उद्योग को भी मजबूती मिल रही है. इस क्षेत्र में अब तक 1.90 लाख सूर्य मित्रों को रोजगार मिला है.

भारत आज 283.46 गीगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा हरित ऊर्जा उत्पादक देश बन चुका है. देश की कुल बिजली क्षमता का 51.5 प्रतिशत हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आता है और भारत 2030 तक 500 गीगावाट हरित ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है.

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विशेषज्ञों के अनुसार, पीएम सूर्य घर योजना के पूर्ण क्रियान्वयन से लगभग 720 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी. यह योजना न केवल ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक बचत सुनिश्चित कर रही है, बल्कि भारत को हरित और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर भी ले जा रही है.

First published on: Jun 24, 2026 02:22 PM

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