---विज्ञापन---

देश angle-right

छात्रों पर किसने चलवाई पैलेट गन, क्या वे आतंकी थे, PM जवाब दें… लोकसभा में सरकार पर बरसीं प्रियंका गाधी

PM जवाब दीजिए, क्या छात्र आतंकी थे, जिन पर लाठियां बरसाई गईं - लोकसभा में प्रियंका गांधी

---विज्ञापन---

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने मंगलवार को लोकभा में मोदी सरकार पर करारा वार किया. उन्होंने पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बल्कि पूरा देश पूछ रहा है कि उन्हें छात्रों की आवाज दबाने का हक किस ने दिया. प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों को देश की शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा नहीं रहा. 20 मार्च को जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई बर्बरता पर भी प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार को सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि क्या संसद पर प्रदर्शन करने वाले छात्र आतंकवादी थे, जो उनपर गोलियां चलाईं और लाठियां बरसाईं गईं. कांग्रेस सांसद ने इसपर पीएम मोदी से जवाब मांगा.

ये भी पढ़ें ‘प्रधान को हटाकर, प्रधानमंत्री बचा लिया…’, लोकसभा में अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा

---विज्ञापन---

क्या बोलीं प्रियंका गांधी?

प्रियंका गांधी ने कहा- ”देश के युवाओं पर पैलेट गन और एके-47 चलाने की क्या जरूरत थी? क्या वो आतंकवादी थे? पैलेट गन का इस्तेमाल करने का आदेश किसने दिया? क्या वो प्रधानमंत्री थे? क्या ये गृह मंत्री थे? उन्हें जवाब देना होगा. पूरा देश पूछ रहा है. ये सिर्फ कांग्रेस पार्टी नहीं है; पूरा देश जवाब मांग रहा है.” प्रियंका गांधी ने प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री चुने जाने पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि पीएम ने ऐसे शख्स को चुना, जिसने एक गर्भवती दुष्कर्म पीड़िता के दोषियों की रिहाई पर सहमति जाहिर की.

प्रियंका के बयान पर लोकसभा में हंगामा

प्रियंका गांधी के बयान पर लोकसभा में हंगामा हो गया. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि शिक्षा मंत्री को लेकर उनका बयान पूरी तरह गलत है और उन्हें इसके लिए माफी मांगनी होगी. उन्होंने कहा कि ये एक तरीके से शिक्षा मंत्री के चरित्र का हनन है, इसे रिकॉर्ड से हटाया जाए. रिजिजू ने कहा कि संसद में डिबेट के स्तर को ना गिराएं. प्रियंका गांधी के बयान पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने से रोका. जिसके बाद प्रियंका गांधी ने आगे कहा- ”केंद्र सरकार ने हमारे शिक्षा तंत्र को RSS प्रचारकों से भरकर उसे खोखला कर दिया है. NTA को ज़बरदस्ती लागू करके और सिस्टम को सेंट्रलाइज़ करके उन्होंने हालात को और भी मुश्किल बना दिया है. देश के कुल बजट में शिक्षा बजट का हिस्सा हर साल बढ़ने के बजाय असल में घट रहा है.”

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: Monsoon Session LIVE Updates: ‘पेपर लीक से बच्चों के सपने टूटते हैं…’, संसद में बोले श्रीकांत शिंदे

First published on: Jul 28, 2026 05:02 PM

End of Article

About the Author

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

Read More

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola