PM मोदी ने की राष्ट्रपति पेजेशकियान से मुलाकात, ईरान संकट के बीच 2 हफ्ते में दूसरी बार द्विपक्षीय बैठक
BRICS Summit 2026: राष्ट्रपति पेजेशकियान ने मोदी से आग्रह किया था कि भारत विभिन्न पक्षों के साथ अपने व्यापक संपर्कों का इस्तेमाल कर उन्हें युद्ध और खून-खराबे का रास्ता छोड़कर बातचीत और समझौते की राह पर लौटने के लिए प्रेरित करे.
Written By: Akarsh Shukla|Updated: Sep 11, 2026 20:31
Edited By : Akarsh Shukla|Updated: Sep 11, 2026 20:31
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी. (Photo: ANI)
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट 2026 के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात की. खास बात यह है कि पिछले करीब दो हफ्ते में पीएम मोदी और पेजेशकियान की यह दूसरी द्विपक्षीय मुलाकात है. इससे पहले दोनों नेता 31 अगस्त को बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान मिले थे. पेजेशकियान शुक्रवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे थे. राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है.
पीएम मोदी ने क्षेत्रीय स्थिरता पर दिया जोर
मिडिल ईस्ट संकट के बीच राष्ट्रपति पेजेशकियान का भारत दौरा अहम माना जा रहा है. ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठक के दौरान पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संकट और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर भारत का रुख सामने रखा. सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि संकट के बीच भारत की प्राथमिकता क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना है. उन्होंने कहा कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘भारत और ईरान के बीच सभ्यतागत संबंध हैं, जो मजबूत सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी रिश्तों से जुड़े हैं. ब्रिक्स साझेदारों के तौर पर, दोनों देश मिलकर तरक्की और खुशहाली की दिशा में काम कर रहे हैं.’ नई दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले, पेजेशकियान ने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिक्स को अपनी आर्थिक मजबूती बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘नया ब्रिक्स बैंक देशों को डॉलर पर निर्भरता से मुक्त करने और अमेरिका के दबदबे की कोशिशों का मुकाबला करने के लिए बनाया गया था.’
PM मोदी ने 31 अगस्त को बिश्केक में ईरानी नेता से मुलाकात की थी और कहा था कि भारत संघर्ष को खत्म करने की दिशा में सभी प्रयासों का समर्थन करता है. राष्ट्रपति पेजेशकियान ने मोदी से आग्रह किया था कि भारत विभिन्न पक्षों के साथ अपने व्यापक संपर्कों का इस्तेमाल कर उन्हें युद्ध और खून-खराबे का रास्ता छोड़कर बातचीत और समझौते की राह पर लौटने के लिए प्रेरित करे.