Written By: Shariqul Hoda|Updated: Jul 29, 2026 00:02
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Jul 29, 2026 00:02
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Ashutosh Ranka
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Ashutosh Ranka : जंतर-मंतर आंदोलन खत्म होने के बाद भी आंदोलनकारी संगठन सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं. सीजेपी के प्रमुख नेता आशुतोष रांका ने न्यूज 24 से एक्सक्लूसिव बातचीत में साफ कहा है कि अगर सरकार ने लिखित आश्वासन के मुताबिक अपने वादे पूरे नहीं किए तो संगठन फिर से आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगा. पुलिस कार्रवाई, फंडिंग के आरोप, सेलिब्रेशन विवाद और नए पेपर लीक कानून पर भी आशुतोष ने खुलकर अपनी बात रखी.
रांका की सरकार तो चेतावनी
सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने न्यूज 24 से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि सरकार के 2 वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों ने आंदोलन खत्म कराने के लिए लिखित आश्वासन दिया था और अब सरकार को हर हाल में अपने वादे निभाने होंगे. उन्होंने कहा कि संगठन रात तक सरकार के लिखित जवाब का इंतजार करेगा. अगर आश्वासन के हिसाब कार्रवाई नहीं हुई तो सीजेपी दोबारा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा.
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पुलिस की ओलचना
20 जुलाई की घटनाओं का जिक्र करते हुए आशुतोष ने कहा कि दिल्ली और पटना में छात्रों के साथ जो हुआ, वो बेशर्मी की हद थी. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया और हथियार ताने गए. उन्होंने कहा कि उनकी मेडिकल और लीगल टीम लगातार घायल छात्रों के संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर हर संभव लीगल और मेडिकल हेल्प अवेलेबल कराई जाएगी. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर दोषी पुलिस वालों के खिलाफ दिल्ली और पटना पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो दोषी एक एक पुलिसकर्मियों के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा.
क्रेंद्र सरकार पर कसा तंज
फंडिंग और आंदोलन में असामाजिक तत्वों के आरोपों पर आशुतोष ने पलटवार करते हुए कहा कि पहले सरकार बताए कि ’50-50 करोड़ में सांसद खरीदने’ जैसी बातें कहां से आती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जयपुर में अभिजीत दीपके पर हमला और दिल्ली में एक पिता की सिर को तोड़ने करने वाले कौन थे. उनके मुताबिक हिंसा फैलाने वाले लोगों की जानकारी पुलिस को भी दी गई है और उन पर कार्रवाई होनी चाहिए.
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पार्टी करने पर दिया जवाब
सीजेपी प्रवक्ता ने दावा किया कि हिंसा दंगा और तनाव फैलाने वालों में बीजेपी से जुड़े नेता थे जिनके सबूत भी दिल्ली पुलिस को दे दिए गए हैं. आंदोलन के बाद हुए सेलिब्रेशन पर उठे विवाद को लेकर आशुतोष ने कहा कि करीब 2 महीने तक चले आंदोलन के बाद देशभर से आए वॉलंटियर्स का सम्मान करना स्वाभाविक था. उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद सहयोगियों का आभार व्यक्त करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था और इसमें कुछ भी गलत नहीं था. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इसे गलत कहा जा रहा है तो संसद में ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे क्यों लगाए गए. सरकार को इसका पहले जवाब देना चाहिए.
नए कानून पर बोले
केंद्र सरकार के नए पेपर लीक कानून पर आशुतोष ने कहा कि उन्होंने संशोधित कानून का पूरा अध्ययन नहीं किया है, लेकिन 2024 में बने कानून से अब तक किसी को सजा नहीं मिली और वह पेपर लीक रोकने में प्रभावी साबित नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि अब ये देखना होगा कि नए संशोधन से सचमुच में क्या बदलाव आता है.
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आगे क्या करेगी सीजेपी?
भविष्य की रणनीति पर आशुतोष रांका ने कहा कि सीजेपी का अभियान अब देशभर में जारी रहेगा. संगठन हर शहर और गांव तक पहुंचेगा और जहां भी छात्रों एवं युवाओं के साथ अन्याय होगा, वहां उनकी आवाज बनेगा. उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने ये साबित किया है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना जानते हैं और संगठन आगे भी उनके साथ खड़ा रहेगा.