शंभू बॉर्डर पर उमड़ा किसानों का हुजूम, वाहनों की आवाजाही पर रोक, अब क्यों हो रही ‘अन्नदाताओं की माहापंचायत’?
हरियाणा और दिल्ली पुलिस पूरी तरह सतर्क है. शंभू बॉर्डर सहित कई संवेदनशील मार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और किसानों को दिल्ली की ओर बढ़ने से रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. किसान संगठनों ने भी कहा है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा.
Written By: Akarsh Shukla|Updated: Jul 21, 2026 10:48
Edited By : Akarsh Shukla|Updated: Jul 21, 2026 10:48
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भारत के अन्नदाता एक बार फिर से बड़ी संख्या में दिल्ली कूच करने की कोशिश कर रहे हैं. देश के विभिन्न राज्यों से किसान संगठनों ने दिल्ली के किसान घाट पर महापंचायत आयोजित करने का आह्वान किया, जिसके लिए बड़ी संख्या में शंभू बॉर्डर पर किसान एकत्रित हुए. मानसून सत्र के बीच किसानों के दिल्ली कूच को लेकर प्रशासन अलर्ट है और शंभू बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया गया है. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) प्रोटेस्ट के बीच किसानों की महापंचायत अब सरकार के लिए बड़ी मुश्किल बन गया है. आइए जानते हैं आखिर किसान किस मुद्दे को लेकर महापंचायत कर रहे हैं?
भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध
आपको जानकर हैरानी होगी कि किसान संगठन भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं. पंजाब-हरियाणा समेत कई राज्यों के किसान संगठनों ने दिल्ली के किसान घाट पर महापंचायत आयोजित करने का आह्वान किया है. पंजाब से बड़ी संख्या में किसानों के जत्थे दिल्ली की ओर रवाना हुआ, जबकि सुरक्षा कारणों से पंजाब और हरियाणा को जोड़ने वाले शंभू बॉर्डर पर पुलिस ने आवाजाही रोक दी. हालात को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
किसान संगठनों का कहना है कि उनका विरोध प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर है. उनका आरोप है कि इस समझौते के कई अहम पहलुओं को सार्वजनिक नहीं किया गया है और इससे भारतीय कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. प्रदर्शनकारी किसानों का दावा है कि अगर कृषि और डेयरी क्षेत्र से जुड़े उत्पादों पर आयात के रास्ते आसान किए गए तो देश के किसानों की आय और बाजार दोनों प्रभावित होंगे.
शंभू बॉर्डर पर यातायात बंद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार तड़के करीब 5:30 बजे शंभू बॉर्डर के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर यातायात बंद कर दिया गया. प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है. इससे पहले पुलिस अधिकारियों ने किसान नेताओं से बातचीत कर शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश भी की, लेकिन सहमति नहीं बनने पर सीमाओं को सील कर दिया गया. वहीं, फतेहगढ़ साहिब समेत पंजाब के कई जिलों से किसानों के काफिले दिल्ली की ओर बढ़ने लगे.
राजधानी दिल्ली में किसानों के प्रस्तावित कूच से पहले सिंघु बॉर्डर पर भी प्रशासन हाई अलर्ट पर है. दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त पुलिस बल के साथ सिंघु बॉर्डर पर व्यापक बैरिकेडिंग कर गाड़ियों की जांच की शुरू कर दी है. दिल्ली में आने वाली गाड़ियों के साथ हाईवे पर किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और भारी वाहनों की एंट्री पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. अलीपुर इलाके में आने-जाने वाले सभी वाहनों की सघन जांच की जा रही है. किसानों के किसान घाट पहुंचकर प्रदर्शन की संभावना के मद्देनजर यह सुरक्षा बढ़ाई गई है. दिल्ली और हरियाणा पुलिस के बीच समन्वय, जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फोर्स भी तैनात होगी. फिलहाल सिंघु बॉर्डर पर पुलिस पूरी तरह अलर्ट, हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है.
भारत के अन्नदाता एक बार फिर से बड़ी संख्या में दिल्ली कूच करने की कोशिश कर रहे हैं. देश के विभिन्न राज्यों से किसान संगठनों ने दिल्ली के किसान घाट पर महापंचायत आयोजित करने का आह्वान किया, जिसके लिए बड़ी संख्या में शंभू बॉर्डर पर किसान एकत्रित हुए. मानसून सत्र के बीच किसानों के दिल्ली कूच को लेकर प्रशासन अलर्ट है और शंभू बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया गया है. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) प्रोटेस्ट के बीच किसानों की महापंचायत अब सरकार के लिए बड़ी मुश्किल बन गया है. आइए जानते हैं आखिर किसान किस मुद्दे को लेकर महापंचायत कर रहे हैं?
भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध
आपको जानकर हैरानी होगी कि किसान संगठन भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं. पंजाब-हरियाणा समेत कई राज्यों के किसान संगठनों ने दिल्ली के किसान घाट पर महापंचायत आयोजित करने का आह्वान किया है. पंजाब से बड़ी संख्या में किसानों के जत्थे दिल्ली की ओर रवाना हुआ, जबकि सुरक्षा कारणों से पंजाब और हरियाणा को जोड़ने वाले शंभू बॉर्डर पर पुलिस ने आवाजाही रोक दी. हालात को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
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#WATCH | A large number of farmers reach Shambhu Border (Punjab-Haryana border) ahead of their scheduled march to Delhi today. Visuals from Patiala (Punjab) side. pic.twitter.com/dJtdEt0qti
किसान संगठनों का कहना है कि उनका विरोध प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर है. उनका आरोप है कि इस समझौते के कई अहम पहलुओं को सार्वजनिक नहीं किया गया है और इससे भारतीय कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. प्रदर्शनकारी किसानों का दावा है कि अगर कृषि और डेयरी क्षेत्र से जुड़े उत्पादों पर आयात के रास्ते आसान किए गए तो देश के किसानों की आय और बाजार दोनों प्रभावित होंगे.
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शंभू बॉर्डर पर यातायात बंद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार तड़के करीब 5:30 बजे शंभू बॉर्डर के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर यातायात बंद कर दिया गया. प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है. इससे पहले पुलिस अधिकारियों ने किसान नेताओं से बातचीत कर शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश भी की, लेकिन सहमति नहीं बनने पर सीमाओं को सील कर दिया गया. वहीं, फतेहगढ़ साहिब समेत पंजाब के कई जिलों से किसानों के काफिले दिल्ली की ओर बढ़ने लगे.
राजधानी दिल्ली में किसानों के प्रस्तावित कूच से पहले सिंघु बॉर्डर पर भी प्रशासन हाई अलर्ट पर है. दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त पुलिस बल के साथ सिंघु बॉर्डर पर व्यापक बैरिकेडिंग कर गाड़ियों की जांच की शुरू कर दी है. दिल्ली में आने वाली गाड़ियों के साथ हाईवे पर किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और भारी वाहनों की एंट्री पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. अलीपुर इलाके में आने-जाने वाले सभी वाहनों की सघन जांच की जा रही है. किसानों के किसान घाट पहुंचकर प्रदर्शन की संभावना के मद्देनजर यह सुरक्षा बढ़ाई गई है. दिल्ली और हरियाणा पुलिस के बीच समन्वय, जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फोर्स भी तैनात होगी. फिलहाल सिंघु बॉर्डर पर पुलिस पूरी तरह अलर्ट, हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है.