कोलकाता में IPAC पर ED की छापेमारी, फाइलें लेकर भागे अधिकारी, CM ममता बोलीं- चोरी करना चाहते हैं हमारी रणनीति

कोलकाता में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी के ऑफिस में रेड की गई. इस छापेमारी की जानकारी जैसे ही मुख्यमंत्री को मिली तो वह खुद वहां पहुंच गईं.

Mamta banerjee
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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सियासत गरमाई हुई है. केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कोलकाता में प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापेमारी की. यह छापेमारी पूरे भारत में 15 जगहों पर की जा रही है. कोलकाता में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (IPAC) के ऑफिस में रेड की गई. छापेमारी की जानकारी जैसे ही मुख्यमंत्री को मिली तो वह खुद वहां पहुंच गईं. कोलकाता के पुलिस कमिश्नर भी उनके साथ मौजूद थे. वहां ममता बनर्जी ने कहा कि यह लोगों को चुनाव से दूर रखने की कोशिश है. साथ ही आरोप लगाया कि ईडी हमारे उम्मीदवारों का डेटा चोरी करना चाहती है और हमारी पार्टी से जुड़े दस्तावेज भी टीम ले गई.

प्रतीक जैन की कंपनी IPAC ममता बनर्जी सरकार की कंसल्टेंसी का काम देखती है. 2021 विधानसभा चुनाव के प्रतीक जैन ममता बनर्जी के लिए काम कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी में टीएमसी की चुनावी रणनीति की फाइल और कुछ लैपटॉप को ज़ब्त किया गया है.

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क्या बोलीं सीएम ममता बनर्जी

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा चाहती है कि दूसरे लोग चुनाव ना लड़ें. उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि एक ओर वोटर लिस्ट से लोगों को नाम काटे जा रहे हैं, वहीं दूसरे ओर अवैध तरीके से संवेदनशील डाटा इकट्ठा किया जा रहा है. केंद्र की एजेंसियों पर ममता बनर्जी ने विपक्ष को कमजोर करने और डराने का आरोप लगाया. ईडी हमारे उम्मीदवारों के नाम, हमारी पार्टी की रणनीति और दूसरे दस्तावेज लेने आई है.

भाजपा ने क्या बोला?

भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस पर कहा, ‘मैं छापेमारी पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा. इस बारे में खुद ईडी जानकारी देगी कि यह छापेमारी क्यों की जा रही है. CM ममता बनर्जी का केंद्रीय एजेंसियों के काम में बाधा डालने का इतिहास रहा है. ममता बनर्जी ने आज जो किया वह जांच में रुकावट डालना है. 2021 में, वह CBI ऑफिस के बाहर धरने पर बैठी थीं. जाहिर है, मुख्यमंत्री का इस तरह करना, संवैधानिक संस्थाओं के काम में सीधा दखल और जांच में रुकावट डालना, निंदनीय है. वह सिर्फ एक पॉलिटिकल लीडर ही नहीं बल्कि एक एडमिनिस्ट्रेटिव अथॉरिटी भी हैं. ED अपनी पावर का इस्तेमाल करके मुख्यमंत्री के खिलाफ भी जरूर एक्शन ले.’

फाइलें इकट्ठा कर रहे अधिकारी

IPAC के दफ्तर पर छापेमारी के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई है. मुख्यमंत्री कार्यलय से जुड़े अधिकारी प्रतीक जैन के दफ्तर से फाइलें निकालकर बाहर कार में रख रहे हैं. कोलकाता पुलिस कमिश्नर के साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां खुद मौजूद है. पूरे दफ्तर को पुलिसकर्मियों ने घेर रखा है.

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क्यों हो रही छापेमारी?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए देश के छह राज्यों में एक साथ छापेमारी की है. इस कार्रवाई में एक संगठित जालसाज गिरोह के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जो 40 से अधिक सरकारी विभागों के नाम पर फर्जी नियुक्तियां दे रहा था. शुरुआती जांच में यह घोटाला रेलवे से जुड़ा हुआ सामने आया था. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, इसका दायरा बढ़ता गया. ED की टीमें बिहार के मुजफ्फरपुर और मोतिहारी, पश्चिम बंगाल के कोलकाता, केरल, तमिलनाडु, गुजरात और उत्तर प्रदेश में कुल 15 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.

कैसे काम करता था यह गैंग

ED के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह कई सरकारी विभागों के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करता था. आरोपी सरकारी डोमेन से मिलते-जुलते नकली ई-मेल आईडी का इस्तेमाल करते थे, जिससे अभ्यर्थियों को नौकरी पूरी तरह असली लगती थी. चयन प्रक्रिया, मेडिकल टेस्ट और जॉइनिंग लेटर तक का पूरा नाटक रचा जाता था. भरोसा जीतने के लिए कुछ लोगों को रेलवे सुरक्षा बल, टिकट चेकर और तकनीशियन जैसे पदों पर नियुक्त दिखाया गया. कई मामलों में दो से तीन महीने का शुरुआती वेतन भी दिया गया, ताकि किसी तरह का शक न हो. इसके बाद अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली जाती थी, जो लाखों रुपये तक पहुंच जाती थी.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

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आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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