कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ब्रेकफास्ट मीटिंग में इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। हालांकि राज्यपाल थावरचंद गहलोत कर्नाटक में नहीं हैं, फिर भी वे राज्यपाल दफ्तर को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। वहीं सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद डीके शिवकुमार कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बनेंगे और इस फेरबदल में प्रियंका गांधी वाड्रा ने अहम भूमिका निभाई है। प्रियंका गांधी के दखल से ही कर्नाटक में ढाई-ढाई साल के लिए हुए सत्ता समझौते का पालन हुआ।
राहुल से बात नहीं बनी तो प्रियंका से मिले
जी हां, जब राहुल गांधी के साथ चर्चा में बात नहीं बनी तो शिवकुमार प्रियंका गांधी के पास पहुंच गए और फिर उनके हस्तक्षेप से कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन हुआ। डीके शिवकुमार पिछले काफी समय से कर्नाटक की सत्ता हाथ में लेने के प्रयास में थे। यहां की कुर्सी ढाई-ढाई साल के लिए 2 गुटों में बंटी हुई है। समझौते का पालन कराने के लिए राहुल गांधी को वे मना नहीं पाए तो उन्होंने प्रियंका गांधी से संपर्क किया और उन्हें सत्ता सौंपने के लिए राजी कर लिया।
प्रियंका ने ही राहुल-सोनिया को राजी किया
सूत्रों के अनुसार, प्रियंका गांधी ने ही राहुल गांधी और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को राजी किया कि कर्नाटक की सत्ता डीके शिवकुमार को सौंपी जाए। राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर, कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और PWD मंत्री सतीश जारकीहोली ने कहा किकई मंत्रियों और विधायकों ने सिद्धारमैया से इस्तीफा न देने का आग्रह किया, लेकिन प्रियंका गांधी के कहने पर वे पद छोड़ने के लिए राजी हो गए। यह सत्ता परिवर्तन प्रियंका गांधी के दखल से ही हुआ।
अब क्या सिद्धारमैया राज्यसभा सांसद बनेंगे?
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की कोशिश सिद्धारमैया को दिल्ली की राजनीति में लाने की है। इसके लिए उन्हें राज्यसभा का सांसद बनने का ऑफर दिया गया है। राज्यसभा के लिए 8 जून तक नामांकन किए जाने हैं और सिद्धारमैया को ऑफर पर विचार करने का समय दिया गया है। हालांकि सिद्धारमैया दिल्ली जाने के इच्छुक नहीं हैं, फिर भी हाईकमान ने उन्हें मनाने की जिम्मेदारी पार्टी के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी है। ऐसे में अब अपना भविष्य उनके अपने हाथ में ही है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ब्रेकफास्ट मीटिंग में इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। हालांकि राज्यपाल थावरचंद गहलोत कर्नाटक में नहीं हैं, फिर भी वे राज्यपाल दफ्तर को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। वहीं सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद डीके शिवकुमार कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बनेंगे और इस फेरबदल में प्रियंका गांधी वाड्रा ने अहम भूमिका निभाई है। प्रियंका गांधी के दखल से ही कर्नाटक में ढाई-ढाई साल के लिए हुए सत्ता समझौते का पालन हुआ।
राहुल से बात नहीं बनी तो प्रियंका से मिले
जी हां, जब राहुल गांधी के साथ चर्चा में बात नहीं बनी तो शिवकुमार प्रियंका गांधी के पास पहुंच गए और फिर उनके हस्तक्षेप से कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन हुआ। डीके शिवकुमार पिछले काफी समय से कर्नाटक की सत्ता हाथ में लेने के प्रयास में थे। यहां की कुर्सी ढाई-ढाई साल के लिए 2 गुटों में बंटी हुई है। समझौते का पालन कराने के लिए राहुल गांधी को वे मना नहीं पाए तो उन्होंने प्रियंका गांधी से संपर्क किया और उन्हें सत्ता सौंपने के लिए राजी कर लिया।
प्रियंका ने ही राहुल-सोनिया को राजी किया
सूत्रों के अनुसार, प्रियंका गांधी ने ही राहुल गांधी और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को राजी किया कि कर्नाटक की सत्ता डीके शिवकुमार को सौंपी जाए। राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर, कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और PWD मंत्री सतीश जारकीहोली ने कहा किकई मंत्रियों और विधायकों ने सिद्धारमैया से इस्तीफा न देने का आग्रह किया, लेकिन प्रियंका गांधी के कहने पर वे पद छोड़ने के लिए राजी हो गए। यह सत्ता परिवर्तन प्रियंका गांधी के दखल से ही हुआ।
अब क्या सिद्धारमैया राज्यसभा सांसद बनेंगे?
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की कोशिश सिद्धारमैया को दिल्ली की राजनीति में लाने की है। इसके लिए उन्हें राज्यसभा का सांसद बनने का ऑफर दिया गया है। राज्यसभा के लिए 8 जून तक नामांकन किए जाने हैं और सिद्धारमैया को ऑफर पर विचार करने का समय दिया गया है। हालांकि सिद्धारमैया दिल्ली जाने के इच्छुक नहीं हैं, फिर भी हाईकमान ने उन्हें मनाने की जिम्मेदारी पार्टी के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी है। ऐसे में अब अपना भविष्य उनके अपने हाथ में ही है।