10 जनपथ पर 90 मिनट की बैठक में तय हुआ कांग्रेस-TMC का विलय? जानिए- सोनिया गांधी ने क्या किया ममता बनर्जी को ऑफर
8 और 9 जून को 10 जनपथ स्थित सोनिया गांधी के आवास पर ममता बनर्जी की उनसे दो बार मुलाकात के बाद विलय की अटकलें तेज हो गईं. बाद में, राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी ने भी मुलाकात की.
तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी के बीच संभावित विलय को लेकर सियासी गलियारे में एक बड़ी राजनीतिक सुगबुगाहट है. बताया जा रहा है कि सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी को इसका ऑफर दिया था, जिस पर टीएमसी प्रमुख बनर्जी सहमत हुई हैं. यह भी बताया जा रहा है कि उन्होंने अभिषेक बनर्जी के जरिए राहुल गांधी से सामने कुछ शर्तें भी रखी हैं.
कांग्रेस के सामने रखी गईं शर्तें
रिपोर्ट के मुताबिक, ममता बनर्जी ने मांग की है कि टीएमसी के 12 मौजूदा सांसदों को राज्यसभा में बरकरार रखा जाए और उन्हें राज्यसभा में विपक्ष के नेता का पद भी दिया जाए. हालांकि, कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि सोनिया गांधी ने पर्सनली ममता बनर्जी को फोन किया और कांग्रेस में टीएमसी के विलय का प्रस्ताव दिया. बदले में, ममता बनर्जी को कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाने का भी ऑफर दिया गया. वहीं, अभिषेक बनर्जी को पार्टी का महासचिव बनाए जाने की भी बात कही.
सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी ने यह भी सुझाव दिया कि भाजपा की ओर से बढ़ते राजनीतिक हमलों के कारण टीएमसी को कांग्रेस में विलय कर लेना चाहिए. उन्होंने कथित तौर पर चेतावनी दी कि अन्यथा टीएमसी को आम आदमी पार्टी की तरह दबाव का सामना करना पड़ सकता है. यह भी जिक्र किया गया कि पार्टी के आंतरिक मुद्दे अभिषेक बनर्जी के लिए चीजें कठिन बना सकते हैं. ममता बनर्जी ने इस प्रस्ताव पर विचार करने के लिए सोनिया गांधी से कुछ दिनों का समय मांगा है.
8 और 9 जून को 10 जनपथ स्थित सोनिया गांधी के आवास पर ममता बनर्जी की उनसे दो बार मुलाकात के बाद विलय की अटकलें तेज हो गईं. बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं की ये मुलाकात अच्छी रहीं. बाद में, राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी ने भी मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक, 10 जनपथ पर उनकी बैठक लगभग 90 मिनट तक चली.
तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी के बीच संभावित विलय को लेकर सियासी गलियारे में एक बड़ी राजनीतिक सुगबुगाहट है. बताया जा रहा है कि सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी को इसका ऑफर दिया था, जिस पर टीएमसी प्रमुख बनर्जी सहमत हुई हैं. यह भी बताया जा रहा है कि उन्होंने अभिषेक बनर्जी के जरिए राहुल गांधी से सामने कुछ शर्तें भी रखी हैं.
कांग्रेस के सामने रखी गईं शर्तें
रिपोर्ट के मुताबिक, ममता बनर्जी ने मांग की है कि टीएमसी के 12 मौजूदा सांसदों को राज्यसभा में बरकरार रखा जाए और उन्हें राज्यसभा में विपक्ष के नेता का पद भी दिया जाए. हालांकि, कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि सोनिया गांधी ने पर्सनली ममता बनर्जी को फोन किया और कांग्रेस में टीएमसी के विलय का प्रस्ताव दिया. बदले में, ममता बनर्जी को कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाने का भी ऑफर दिया गया. वहीं, अभिषेक बनर्जी को पार्टी का महासचिव बनाए जाने की भी बात कही.
सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी ने यह भी सुझाव दिया कि भाजपा की ओर से बढ़ते राजनीतिक हमलों के कारण टीएमसी को कांग्रेस में विलय कर लेना चाहिए. उन्होंने कथित तौर पर चेतावनी दी कि अन्यथा टीएमसी को आम आदमी पार्टी की तरह दबाव का सामना करना पड़ सकता है. यह भी जिक्र किया गया कि पार्टी के आंतरिक मुद्दे अभिषेक बनर्जी के लिए चीजें कठिन बना सकते हैं. ममता बनर्जी ने इस प्रस्ताव पर विचार करने के लिए सोनिया गांधी से कुछ दिनों का समय मांगा है.
8 और 9 जून को 10 जनपथ स्थित सोनिया गांधी के आवास पर ममता बनर्जी की उनसे दो बार मुलाकात के बाद विलय की अटकलें तेज हो गईं. बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं की ये मुलाकात अच्छी रहीं. बाद में, राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी ने भी मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक, 10 जनपथ पर उनकी बैठक लगभग 90 मिनट तक चली.