---विज्ञापन---

देश angle-right

इतिहास में पहली बार! ‘वंदे मातरम’ की गूंज से खुली लोकसभा, फिर अनिश्चितकाल के लिए हुआ स्थगित

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दो दिन पहले ही मंगलवार को 'वंदे मातरम' को कानूनी संरक्षण देने वाले विधेयक को मंजूरी दी थी.

---विज्ञापन---

संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन भारतीय संसदीय इतिहास में पहली बार लोकसभा की कार्यवाही राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की गूंज के साथ शुरू हुई. इस ऐतिहासिक पल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और सदन के दूसरे सदस्य मौजूद रहे. राष्ट्रगीत के छह छंद बजाए जाने के तुरंत बाद लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. इसके कुछ ही देर बाद राज्यसभा को भी ‘वंदे मातरम’ के साथ अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दो दिन पहले ही मंगलवार को ‘वंदे मातरम’ को कानूनी संरक्षण देने वाले विधेयक को मंजूरी दी थी.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : मानसून सत्र हुआ खत्म, सदन में पास हुए 12 बिल, 173 घंटे 10 मिनट का कामकाज रहा बाधित

क्या है नया कानून

नए कानून के तहत अब राष्ट्रगीत के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या व्यवधान डालने को राष्ट्रगान की तर्ज पर ही दंडनीय अपराध माना गया है. इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 28 जनवरी के अपने आदेश में आधिकारिक कार्यक्रमों, जैसे राष्ट्रपति के आगमन, तिरंगा फहराने और राज्यपालों के संबोधन पर राष्ट्रगीत के छह छंद गाए जाने का नियम तय किया था.

---विज्ञापन---

स्पीकर ने नहीं पढ़ा समापन भाषण

20 जुलाई से शुरू हुआ संसद का यह मानसून सेशन लगातार विपक्ष के हंगामे और सरकार के साथ तीखी बहस की भेंट चढ़ता रहा. NEET पेपर लीक मामले पर छात्र प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर दान चोरी जैसे मुद्दों पर सदन में लगातार हंगामा होता रहा. सत्र के आखिरी दिन भी विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपना पारंपरिक समापन भाषण भी नहीं पढ़ा. इस भाषण में लोकसभा स्पीकर सदन में हुए कामकाज का ब्योरा देते हैं.

यह भी पढ़ें : Independence Day 2026: लाल किले से पहली बार गूंजेगा वंदे मातरम, Gen-Z को भी खास न्योता

---विज्ञापन---

आखिरी दिन भी नारेबाजी

सत्र के आखिरी दिन भी संसद परिसर के मकर द्वार पर सियासी ड्रामा देखने को मिला. एक तरफ भाजपा सांसदों ने झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और विरोध प्रदर्शनों पर चुप्पी को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया, तो दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने अपने मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा.

First published on: Aug 13, 2026 04:12 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola