इंडियन कोस्ट गार्ड के लिए चौगुले एंड कंपनी की तरफ से बनाए गए पहले स्वदेशी एयर कुश वाहन होवरक्राफ्ट को गुरुवार यानी 18 जून, 2026 को गोवा में सेवा में शामिल कर लिया गया है. यह कदम इंडियन कोस्ट गार्ड की समुद्री क्षमताओं को बढ़ाने और आत्मनिर्भरता को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है.
स्वदेशी एयर कुशन वाहन होवरक्राफ्ट की खासियत
- भारतीय रक्षा मंत्रालय ने 387.44 करोड़ की लागत से 6 स्वदेशी होवरक्राफ्ट के निर्माण का अनुबंध किया था.
- मेक इन इंडिया' के तहत इन्हें लगभग 50% स्वदेशी सामग्री और तकनीक का उपयोग करके गोवा स्थित चौगुले शिपयार्ड में बनाया गया है.
- Air Cushion Vehicles तेज गति किसी भी मौसम में समुद्र मे गश्त, दलदले क्षेत्रों और उथले पानी में टोही अभियानों और खोज-बचाव मिशनों के लिए भारतीय कोस्ट गार्ड के लिए बेहद ही कारगर साबित होगा.
- चौथा, पांचवां और छठा ACV होवरक्राफ्ट्स का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है.
- यूके की कंपनी ग्रिफॉन होवरवर्क के डिजाइन के आधार पर, इन्हें भारतीय समुद्री और तटीय आवश्यकताओं के मुताबिक बनाया गया है.
- होवरक्राफ्ट घुसपैठ विरोधी अभियानों, मानवीय सहायता और प्राकृतिक आपदा प्रतिक्रिया के लिए एक संसाधन का काम करेंगे. इन क्षमताओं के साथ, होवरक्राफ्ट भारत के 7,500 किलोमीटर लंबे समुद्र तट पर फोर्स मल्टीप्लायर्स के तौर पर काम करेंगे.
- साथ ही ऐसे इलाके जो पारंपरिक जहाजों के लिए दुर्गम होते हैं, यह वहां पर भी आसानी से चलेंगे और ताकत को बढ़ाएंगे.
इंडियन कोस्ट गार्ड के लिए चौगुले एंड कंपनी की तरफ से बनाए गए पहले स्वदेशी एयर कुश वाहन होवरक्राफ्ट को गुरुवार यानी 18 जून, 2026 को गोवा में सेवा में शामिल कर लिया गया है. यह कदम इंडियन कोस्ट गार्ड की समुद्री क्षमताओं को बढ़ाने और आत्मनिर्भरता को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है.
स्वदेशी एयर कुशन वाहन होवरक्राफ्ट की खासियत
- भारतीय रक्षा मंत्रालय ने 387.44 करोड़ की लागत से 6 स्वदेशी होवरक्राफ्ट के निर्माण का अनुबंध किया था.
- मेक इन इंडिया’ के तहत इन्हें लगभग 50% स्वदेशी सामग्री और तकनीक का उपयोग करके गोवा स्थित चौगुले शिपयार्ड में बनाया गया है.
- Air Cushion Vehicles तेज गति किसी भी मौसम में समुद्र मे गश्त, दलदले क्षेत्रों और उथले पानी में टोही अभियानों और खोज-बचाव मिशनों के लिए भारतीय कोस्ट गार्ड के लिए बेहद ही कारगर साबित होगा.
- चौथा, पांचवां और छठा ACV होवरक्राफ्ट्स का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है.
- यूके की कंपनी ग्रिफॉन होवरवर्क के डिजाइन के आधार पर, इन्हें भारतीय समुद्री और तटीय आवश्यकताओं के मुताबिक बनाया गया है.
- होवरक्राफ्ट घुसपैठ विरोधी अभियानों, मानवीय सहायता और प्राकृतिक आपदा प्रतिक्रिया के लिए एक संसाधन का काम करेंगे. इन क्षमताओं के साथ, होवरक्राफ्ट भारत के 7,500 किलोमीटर लंबे समुद्र तट पर फोर्स मल्टीप्लायर्स के तौर पर काम करेंगे.
- साथ ही ऐसे इलाके जो पारंपरिक जहाजों के लिए दुर्गम होते हैं, यह वहां पर भी आसानी से चलेंगे और ताकत को बढ़ाएंगे.