Floods Across India: मानसून के आने का इंतजार पूरा देश करता है, लेकिन भारत के कई राज्यों में बारिश कहर बनकर टूटी है, जम्मू-कश्मीर, असम, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल तक में हद से ज्यादा बरसात ने जिंदगी थाम दी है. अगर कुछ दिनों तक ऐसा ही रहा तो हालात और बिगड़ सकते हैं.
जम्मू-कश्मीर
भारी बारिश के कारण बांदीपोरा, शोपियां और अनंतनाग जिलों में लैंड स्लाइड और फ्लैश फ्लड की स्थिति पैदा हो गई है. मिट्टी खिसकने और पत्थर गिरने से सड़कें बंद हो गईं, जबकि अचानक आई बाढ़ से बांदीपोरा के केनहुसा और सदरकोट इलाकों में कई घर डैमेज हो गए. अमरनाथ गुफा मंदिर के आसपास, ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश के बाद पानी का स्तर तेजी से बढ़ा, जिससे तीर्थयात्रियों में घबराहट फैल गई. शोपियां में बादल फटने जैसी घटना के कारण कई गांवों में बाढ़ आ गई, जिससे लोकल लोग अपने घरों में फंस गए; बाद में SDRF की टीमों ने बचाव अभियान चलाया.
हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण IMD ने 7 अगस्त तक ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है. भूस्खलन और बाढ़ ने पूरे राज्य में ट्रांसपोर्ट सिस्टम में रुकावट पैदा कर दी है; खासकर मंडी, कुल्लू और शिमला जिलों में 100 से ज्यादा सड़कें बंद हैं. बारिश ने कई इलाकों में ड्रिंकिंग वॉटर प्रोजेक्ट और बिजली आपूर्ति को भी प्रभावित किया है. NDRF और SDRF की टीमें तैनात हैं, जबकि अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से बेवजह की जर्नी से बचने और आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की है, क्योंकि आने वाले दिनों में भी मौसम खराब रहने की आशंका है.
गुजरात
लगातार बारिश से पूरे गुजरात में बाढ़ आ गई है, जिससे नवसारी, सूरत, भरूच, खेड़ा, डांग, भावनगर, नर्मदा और महीसागर जैसे जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. सड़कें डूब गई हैं, रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है और नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण अधिकारियों को सुरक्षा चेतावनी जारी करनी पड़ी है. नडियाद में कई इलाके तकरीबन 4 फीट पानी में डूबे हुए हैं; बाढ़ का पानी अस्पतालों में घुस गया है, जिससे मेडिकल सर्विसेज पर बुरा असर पड़ रहा है और मरीजों का वहां पहुंचना मुश्किल हो गया है. अंबिका और पूर्णा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि तेज बहाव के कारण गोडाडिया पुल पानी में डूब गया है.
महाराष्ट्र
लगातार बारिश ने नांदेड़, जलगांव, अकोला और अमरावती के लिए मुसीबत ला दी है, जिससे नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी भर गया है. नांदेड़ के किनवट इलाके में, एक ग्राम पंचायत कर्मचारी की मौत हो गई; वो मोटरसाइकिल से बाढ़ वाले पुल को पार करने की कोशिश कर रहा था और पानी के बहाव में बह गया. जलगांव में, पानी का लेवल काफी बढ़ने के बाद अधिकारियों ने हतनूर बांध के 36 गेट खोल दिए हैं और आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है. अधिकारियों ने लोगों को नदियों और बाढ़ वाली सड़कों से दूर रहने की सलाह दी है.
असम
लंबे समय तक हुई मॉनसून की बारिश और ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के उफान पर होने के कारण असम में भीषण बाढ़ आई. कई जिलों के बड़े इलाके पूरी तरह डूब गए, जिससे हजारों लोगों को अपना घर छोड़कर रिलीफ कैंप में जाना पड़ा. बाढ़ से सड़कें, पुल, फसलें और पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी और ट्रांसपोर्ट सिस्टम डिस्टर्ब हुए. बचाव दलों और रेस्क्यू टीम ने लोगों को महफूज जगहों पर पहुंचाने और राहत कार्य चलाए, जबकि अधिकारियों ने राज्य भर में प्रभावित लोगों को खाना, पीने का पानी और मेडिकल हेल्प अवेलेबल कराई.
केरल
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने केरल के 12 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है. अधिकारियों ने लैंड स्लाइड, फ्लैश फ्लड और जलभराव की चेतावनी दी है. सीएम ऑफिस के मुताबिक, बारिश से जुड़ी घटनाओं में 6 लोगों की मौत हो गई है और 6 अन्य लापता हैं. तकरीबन 65 राहत शिविरों में 1,400 से ज्यादा विस्थापित लोगों को पनाह दी गई है. कई घर बर्बाद या डैमेज हो गए हैं, और सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और राहत उपायों का ऐलान किया है.