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संसद में आमने-सामने सत्ता-विपक्ष, ‘गोल पोस्ट शिफ्ट’ करने का आरोप; स्पीकर ने की सदन चलने देने की अपील

Monsoon Session of Parliament: राहुल गांधी का कहना है कि सवाल गृह मंत्री की राय सुनने का नहीं, बल्कि यह जानने का है कि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और गोलीबारी का आदेश किसने दिया. 20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र के अब सिर्फ तीन दिन बाकी हैं.

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मानसून सत्र के 17वें दिन भी संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहा. संसद परिसर में NDA और कांग्रेस सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया. NDA सांसदों ने विपक्ष पर संसद में चर्चा से भागने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस सांसदों ने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की.

मुकेश दलाल और प्रियंका गांधी में तीखी बहस

प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने भी आ गए. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और BJP सांसद मुकेश दलाल के बीच भी तीखी नोकझोंक देखने को मिली. प्रियंका गांधी के संसद पहुंचने पर BJP सांसद राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाने लगे. मुकेश दलाल ने सवाल किया कि राहुल गांधी झारखंड में छात्र प्रदर्शनकारियों से क्यों नहीं मिल रहे हैं. इस पर प्रियंका गांधी मुस्कुराते हुए उनके पास गईं और कहा कि राहुल वहां गए हैं और छात्र प्रदर्शनकारियों से मिल भी चुके हैं.

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ओम बिरला ने की सदन चलने देने की अपील

उधर, लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से सदन चलने देने की अपील की. उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सदन में व्यवधान न हो. उन्होंने कहा कि हंगामे के कारण प्रश्नकाल तक नहीं हो पा रहा है. हालांकि, विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी रहा और लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई. राज्यसभा में भी हंगामे के चलते कार्यवाही बाधित हुई.

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NDA संसदीय दल की मंगल मिलन बैठक

इस बीच संसद भवन की लाइब्रेरी बिल्डिंग में NDA संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक हुई. बैठक की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष के साथ हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और BJP अध्यक्ष नितिन नबीन समेत NDA के कई नेता बैठक में शामिल हुए. सरकार का आरोप है कि विपक्ष लगातार अपना ‘गोल पोस्ट शिफ्ट’ कर रहा है. सरकार का कहना है कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन अब विपक्ष चर्चा से ही पीछे हट रहा है.

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वहीं, राहुल गांधी का कहना है कि सवाल गृह मंत्री की राय सुनने का नहीं, बल्कि यह जानने का है कि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और गोलीबारी का आदेश किसने दिया. 20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र के अब सिर्फ तीन दिन बाकी हैं. 13 अगस्त को सत्र का आखिरी दिन है. ऐसे में सवाल बड़ा है- क्या बचे हुए तीन दिनों में संसद चलेगी या 17वां दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा?

FCRA पर सरकार का ‘गिव एंड टेक’ फॉर्मूला

FCRA को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत का दौर तेज हो गया है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सभी विपक्षी दलों, यहां तक कि छोटे दलों से भी बातचीत कर रहे हैं. सरकार की ओर से संकेत है कि अगर FCRA बिल पर आम सहमति बनती है, तो इसे JPC यानी संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने पर विचार किया जा सकता है. इसी बीच किरेन रिजिजू ने गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की है. हालांकि, FCRA को JPC में भेजने का फैसला अभी अंतिम नहीं हुआ है और विपक्षी दलों से बातचीत जारी है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार FCRA पर विपक्ष को ‘गिव’ करके बदले में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष के रुख में नरमी की उम्मीद कर रही है. यानी संसद के गतिरोध को तोड़ने के लिए ‘FCRA पर समझौता, बदले में परिसीमन- महिला आरक्षण पर सहयोग’ का फॉर्मूला तलाशा जा रहा है. अब नजर इस बात पर है कि शाम तक सरकार FCRA पर क्या फैसला लेती है और क्या यह ‘गिव एंड टेक’ फॉर्मूला संसद का गतिरोध खत्म करने में कामयाब होता है.

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First published on: Aug 11, 2026 02:22 PM

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