मिडिल ईस्ट संकट के बीच चाबहार पोर्ट को लेकर क्या है भारत की रणनीति? विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने किया खुलासा
इस बंदरगाह के जरिए भारत को पाकिस्तान क्रॉस कर अफगानिस्तान और मध्य एशिया के देशों तक पहुंच मिलती है. इससे क्षेत्रीय व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की संभावनाएं भी मजबूत होती हैं.
Written By: Akarsh Shukla|Updated: Aug 31, 2026 22:35
Edited By : Akarsh Shukla|Updated: Aug 31, 2026 22:35
Share :
चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक और कारोबारी दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है. (Photo: ANI)
---विज्ञापन---
ईरान के चाबहार पोर्ट को लेकर भारत की कोशिशें जारी हैं. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में पिछले कई महीनों से जारी संघर्ष का असर इस क्षेत्र के देशों के बीच विभिन्न स्तरों पर होने वाले सहयोग पर पड़ा है. इसका प्रभाव चाबहार पोर्ट से जुड़े सहयोग पर भी देखने को मिला है. भारत इस मुद्दे पर सभी संबंधित पक्षों के संपर्क में है और आगे का टिकाऊ रास्ता तलाश रहा है. बिश्केक में ‘चाबहार पोर्ट’ से जुड़े सवाल पर विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत लंबे समय से इस परियोजना से जुड़ा रहा है.
पश्चिम एशिया के संघर्ष का पड़ा असर
विक्रम मिस्री के मुताबिक, चाबहार पोर्ट भारत के लिए केवल एक बंदरगाह परियोजना नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय संपर्क और व्यापार के लिहाज से इसका व्यापक महत्व है. विदेश सचिव ने बताया कि मिडिल ईस्ट में हाल के महीनों में पैदा हुए संकट ने कई देशों के बीच होने वाले कई तरह के सहयोग को प्रभावित किया है. चाबहार पोर्ट से संबंधित गतिविधियों के लिए लागू व्यवस्था में भी कुछ बदलाव और घटनाक्रम सामने आए हैं. ऐसे में परियोजना से जुड़े काम को आगे बढ़ाने के लिए नई परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी हो गया है.
---विज्ञापन---
#WATCH | Bishkek, Kyrgyzstan: On the Chabahar port, Foreign Secretary Vikram Misri says, "As you are aware, we have been associated with this project over a long period of time. But as you are also aware, the conflict that has broken out in West Asia over the last several months… pic.twitter.com/rFkg6GweEE
ईरान में स्थित चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक और कारोबारी दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है. इस बंदरगाह के जरिए भारत को पाकिस्तान क्रॉस कर अफगानिस्तान और मध्य एशिया के देशों तक पहुंच मिलती है. इससे क्षेत्रीय व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की संभावनाएं भी मजबूत होती हैं. भारत लंबे समय से चाबहार पोर्ट के विकास और ऑपरेशन में सहयोग कर रहा है. इसके जरिए भारत की कोशिश मध्य एशिया और उससे आगे के बाजारों तक अपनी पहुंच बेहतर बनाने की रही है. भारत ने संकेत दिया है कि वह चाबहार से जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने के विकल्प तलाश रहा है.