क्या पाकिस्तानी नागरिकों को भी अटारी बॉर्डर से मिलेगी भारत में एंट्री? E-Visa में सरकार ने किया बड़ा अपडेट

भारत ने E-Visa धारकों के लिए अटारी समेत 11 नए अंतरराष्ट्रीय प्रवेश प्वाइंट खोल दिए हैं. लेकिन क्या इस फैसले से पाकिस्तानी नागरिकों को भी भारत में एंट्री मिल सकेगी? जानिए सरकार के नियम क्या कहते हैं और अटारी बॉर्डर को लेकर क्या बदला है.

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भारत-पाकिस्तान सीमा पर मौजूद अटारी बॉर्डर को अब ई-वीजा के जरिए भारत आने वाले विदेशी यात्रियों के लिए भी एंट्री प्वाइंट बना दिया गया है. केंद्र सरकार ने ई-वीजा धारकों के लिए 11 नए अंतरराष्ट्रीय प्रवेश केंद्रों को मंजूरी दी है, जिनमें अटारी भी शामिल है. इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान के नागरिक भी अब अटारी बॉर्डर के रास्ते ई-वीजा के आधार पर भारत में दाखिल हो सकेंगे? इसको लेकर नियम क्या कहते हैं, आइए समझते हैं.

ई-वीजा को लेकर सरकार ने क्या बदला?

केंद्र सरकार ने ई-वीजा धारकों की भारत में एंट्री को आसान बनाने के लिए 11 नए अंतरराष्ट्रीय प्रवेश केंद्रों को इस सुविधा से जोड़ा है. इनमें 2 एयरपोर्ट और 9 जमीन के रास्ते वाले बंदरगाह (एंट्री प्वाइंट) शामिल हैं. यानी अब भारत आने वाले पात्र विदेशी नागरिकों के पास पहले के मुकाबले और ज्यादा विकल्प होंगे.

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गृह मंत्रालय की ओर मिली जानकारी के अनुसार, इन 11 नए केंद्रों के जुड़ने के बाद अब ई-वीजा रखने वाले लोग देश में कुल 88 रास्तों से एंट्री कर सकेंगे. बता दें कि ई-वीजा के जरिए प्रवेश की सुविधा वाले अंतरराष्ट्रीय पोर्ट की संख्या बढ़कर 88 हो गई है. इनमें 37 एयरपोर्ट, 38 समुद्री बंदरगाह और 13 जमीन के रास्ते से जुड़े बंदरगाह शामिल हैं.

अटारी बॉर्डर क्यों है अहम?

अटारी बॉर्डर का इस लिस्ट में शामिल होना इसलिए अहम है क्योंकि यह भारत और पाकिस्तान के बीच प्रमुख जमीनी सीमा मार्गों में से एक है. हालांकि, अटारी को ई-वीजा एंट्री प्वाइंट बनाए जाने का मतलब यह नहीं है कि हर विदेशी नागरिक या खास तौर पर पाकिस्तानी नागरिक को ई-वीजा के आधार पर भारत में प्रवेश की अनुमति मिल गई है. इसके लिए संबंधित नागरिक की राष्ट्रीयता और भारतीय वीजा नियमों के तहत उसकी पात्रता भी देखी जाएगी.

पाकिस्तानी नागरिकों को मिलेगी सुविधा?

हालांकि, इस सुविधा का लाभ पाकिस्तानी नागरिकों को नहीं मिल पाएगा. भारत पाकिस्तानी पासपोर्ट धारकों के साथ-साथ पाकिस्तानी मूल के यात्रियों को भी ई-वीजा की सुविधा नहीं देता है. भारत के आधिकारिक वीजा पोर्टल पर दी गई जानकारी के मुताबिक, ऐसे आवेदकों को ई-वीजा के बजाय संबंधित भारतीय मिशन के माध्यम से नियमित वीजा के लिए आवेदन करना होगा.

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किन यात्रियों को मिलती है ई-वीजा की सुविधा?

भारत की ई-वीजा व्यवस्था के तहत फिलहाल 17 अलग-अलग श्रेणियों के यात्रियों को सुविधा दी जा रही है. इसमें मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए आने वाले लोग, छात्र, पर्वतारोही, क्रूज यात्री, पर्यटक, ट्रांजिट पैसेंजर, समूह में यात्रा करने वाले लोग और बिजनेस ट्रैवलर शामिल हैं. सरकार के मुताबिक, ई-वीजा के लगभग 95 फीसदी आवेदनों को 72 घंटे के अंदर प्रोसेस कर दिया जाता है. नए बदलाव के बाद इस सुविधा के और अधिक सुविधाजनक होने के साथ-साथ विदेशी यात्रियों के लिए इसकी उपयोगिता बढ़ने की उम्मीद है.

ई-वीजा के लिए 9 नए लैंड पोर्ट जोड़े गए

ई-वीजा के जरिए भारत आने वाले यात्रियों के लिए सरकार ने लैंड बॉर्डर से जुड़े विकल्पों का भी विस्तार किया है. गृह मंत्रालय ने ई-वीजा के लिए मान्य प्रवेश बिंदुओं की सूची में 9 नए लैंड पोर्ट शामिल किए हैं. इनमें डाररंगा, गेडे, घोजाडांगा, हरिदासपुर, जयगांव, डॉकी, मोरेह और अटारी (रोड) समेत नए सीमा प्रवेश केंद्र शामिल हैं. वहीं, रक्सौल, रुपैडिहा और जोगबनी पहले से ही ई-वीजा के लिए निर्धारित एंट्री प्वाइंट की लिस्ट में शामिल हैं.

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ई-वीजा के लिए दो नए एयरपोर्ट शामिल

ई-वीजा के जरिए भारत आने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट की लिस्ट में अब भोपाल और तिरुपति को भी शामिल कर लिया गया है. इसके अलावा ई-वीजा से एंट्री की सुविधा गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, कन्नूर, कोलकाता, लखनऊ, मदुरै, मंगलुरु, मुंबई, नागपुर, नवी मुंबई, पोर्ट ब्लेयर, पुणे, सूरत, तिरुवनंतपुरम, त्रिची, वाराणसी, अहमदाबाद, अमृतसर, बागडोगरा, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम, भोगापुरम, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, कालीकट, चंडीगढ़, चेन्नई, कोचीन, कोयंबटूर, दिल्ली, गया, गोवा (डाबोलिम) और गोवा (मोपा) के एयरपोर्ट पर भी शामिल हैं.

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38 सीपोर्ट के जरिए भी भारत में प्रवेश

ई-वीजा धारकों के लिए भारत ने समुद्री मार्ग से प्रवेश के विकल्प को भी विस्तार दिया है. अब कुल 38 समुद्री बंदरगाहों के जरिए ई-वीजा पर भारत में एंट्री की जा सकती है. इनमें एन्नोर-कामराजर, कांडला, कराईकल, कट्टुपल्ली, कोलकाता, कोल्लम, अगत्ती, अलंग, बेदी बंदर, भावनगर, कालीकट, चेन्नई, न्यू मंगलुरु, न्हावा शेवा, पारादीप, पिपावाव, पोरबंदर, पोर्ट ब्लेयर, सिक्का, टूना टेकरा, तूतीकोरिन, वल्लारपदम, विशाखापत्तनम, विझिंजम-कोवलम और विझिंजम, कोचीन, कुड्डालोर, दाहेज, धामरा, हल्दिया, हजीरा, काकीनाडा, कृष्णापट्टनम, मांडवी, मोरमुगाओ, मुंबई, मुंद्रा और नागपट्टिनम शामिल हैं.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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