संसद के मानसून सत्र से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी खींचतान शुरू हो गई है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों को विलय करके NDA जॉइन करने का ऑफर दिया है, जिस पर शरद पवार की प्रतिक्रिया सामने आ गई है. प्रदेश के सत्ताधारी दल के प्रमुख नेताओं द्वारा दिए गए ऑफर पर शरद पवार ने चुप्पी साधी और कहा कि यह मुद्दा अभी चर्चा का विषय नहीं है. अप्रत्यक्ष रूप से उन्होंने मर्जर न करने और NDA न जॉइन करने के संकेत दिए हैं.
मानसून सत्र में 7 बड़े बिल पेश करेगी सरकार, ‘वंदे मातरम्’ का मुद्दा गरमाने के आसार, जानें कब शुरू होगा सेशन?
सुप्रिया सुले ने भी अटकलों को खारिज किया
NCP की कार्यकारी अध्यक्ष और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने भी कहा है कि NCP के विलय, NDA संग गठबंधन और इसे लेकर बातचीत जारी होने की खबरों को खारिज किया है. उन्होंने सिरे से उन अफवाहों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया है कि NCP भाजपा गठबंधन में शामिल होने की तैयारी कर रही है. उन्होंने कहा कि करीब 12 साल से अफवाहें फैल रही हैं कि मुझे केंद्र में मंत्री बनाया जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है. कोई भी फैसला इंडिया ब्लॉक के साथ परामर्श के बाद ही लिया जाएगा.
भाजपा की योजना और पार्टी वर्करों की इच्छा
भाजपा सूत्रों के अनुसार, NCP के दोनों गुट मतभेद सुलझाकर एक हो जाएं, उसके बाद ही NDA के साथ रिश्ते मजबूत करने के बारे में विचार किया जाएगा. शरद पवार या उनके सहयोगियों को अकेले NDA गठबंधन में शामिल करने की इच्छा भाजपा की नहीं है. महाराष्ट्र की वर्तमान सरकार का हिस्सा NCP अजीत पवार केंद्र में भूमिका निभाना चाहती है और पार्टी के कार्यकर्ता भी यही चाहते हैं कि NCP के राज्यसभा सदस्य पार्थ पवार को भविष्य में मंत्रिमंडल विस्तार में केंद्रीय मंत्रिपरिषद का हिस्सा बनाया जाए.
केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह चाहता है NCP गुट
NCP के प्रवक्ता उमेश पाटिल कहते हैं कि पार्टी को केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होने पर अहम भूमिका मिलने की उम्मीद है. लेकिन इसे लेकर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री मोदी करेंगे. पार्थ पवार और सुनेत्रा पवार की सहमति भी जरूरी है. सुनेत्रा पवार राज्य में उपमुख्यमंत्री और अजीत पवार की मौत के बाद सत्तारूढ़ NCP की अध्यक्ष हैं. बेशक हाल ही के दिनों में सत्ताधारी NCP में आंतरिक कलह और मतभेदों की खबरें आई, लेकिन प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया था.
BJP क्यों चाहती है NCP का विलय और समर्थन
केंद्र सरकार की योजना संसद के मानसून सत्र में संविधान में संशोधन का 131वां विधेयक पेश करने की है. इस विधेयक के पारित होने पर लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 हो जाएगा और फिर देश में नए सिरे से परिसीमन किया जा सकेगा. NCP शरद पवार के पास लोकसभा में 8 और राज्यसभा में एक सीट है. इस समर्थन के लिए BJP की योजना विलय के बाद गठबंधन की है. अगर NCP के सांसद NDA गठबंधन के साथ आ जाते हैं तो सरकार के लिए विधेयक को दोनों सदनों में पारित करना आसान हो जाएगा.
संसद के मानसून सत्र से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी खींचतान शुरू हो गई है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों को विलय करके NDA जॉइन करने का ऑफर दिया है, जिस पर शरद पवार की प्रतिक्रिया सामने आ गई है. प्रदेश के सत्ताधारी दल के प्रमुख नेताओं द्वारा दिए गए ऑफर पर शरद पवार ने चुप्पी साधी और कहा कि यह मुद्दा अभी चर्चा का विषय नहीं है. अप्रत्यक्ष रूप से उन्होंने मर्जर न करने और NDA न जॉइन करने के संकेत दिए हैं.
मानसून सत्र में 7 बड़े बिल पेश करेगी सरकार, ‘वंदे मातरम्’ का मुद्दा गरमाने के आसार, जानें कब शुरू होगा सेशन?
सुप्रिया सुले ने भी अटकलों को खारिज किया
NCP की कार्यकारी अध्यक्ष और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने भी कहा है कि NCP के विलय, NDA संग गठबंधन और इसे लेकर बातचीत जारी होने की खबरों को खारिज किया है. उन्होंने सिरे से उन अफवाहों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया है कि NCP भाजपा गठबंधन में शामिल होने की तैयारी कर रही है. उन्होंने कहा कि करीब 12 साल से अफवाहें फैल रही हैं कि मुझे केंद्र में मंत्री बनाया जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है. कोई भी फैसला इंडिया ब्लॉक के साथ परामर्श के बाद ही लिया जाएगा.
भाजपा की योजना और पार्टी वर्करों की इच्छा
भाजपा सूत्रों के अनुसार, NCP के दोनों गुट मतभेद सुलझाकर एक हो जाएं, उसके बाद ही NDA के साथ रिश्ते मजबूत करने के बारे में विचार किया जाएगा. शरद पवार या उनके सहयोगियों को अकेले NDA गठबंधन में शामिल करने की इच्छा भाजपा की नहीं है. महाराष्ट्र की वर्तमान सरकार का हिस्सा NCP अजीत पवार केंद्र में भूमिका निभाना चाहती है और पार्टी के कार्यकर्ता भी यही चाहते हैं कि NCP के राज्यसभा सदस्य पार्थ पवार को भविष्य में मंत्रिमंडल विस्तार में केंद्रीय मंत्रिपरिषद का हिस्सा बनाया जाए.
केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह चाहता है NCP गुट
NCP के प्रवक्ता उमेश पाटिल कहते हैं कि पार्टी को केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होने पर अहम भूमिका मिलने की उम्मीद है. लेकिन इसे लेकर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री मोदी करेंगे. पार्थ पवार और सुनेत्रा पवार की सहमति भी जरूरी है. सुनेत्रा पवार राज्य में उपमुख्यमंत्री और अजीत पवार की मौत के बाद सत्तारूढ़ NCP की अध्यक्ष हैं. बेशक हाल ही के दिनों में सत्ताधारी NCP में आंतरिक कलह और मतभेदों की खबरें आई, लेकिन प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया था.
BJP क्यों चाहती है NCP का विलय और समर्थन
केंद्र सरकार की योजना संसद के मानसून सत्र में संविधान में संशोधन का 131वां विधेयक पेश करने की है. इस विधेयक के पारित होने पर लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 हो जाएगा और फिर देश में नए सिरे से परिसीमन किया जा सकेगा. NCP शरद पवार के पास लोकसभा में 8 और राज्यसभा में एक सीट है. इस समर्थन के लिए BJP की योजना विलय के बाद गठबंधन की है. अगर NCP के सांसद NDA गठबंधन के साथ आ जाते हैं तो सरकार के लिए विधेयक को दोनों सदनों में पारित करना आसान हो जाएगा.