Delhi Wrestlers Protest: यौन शोषण के आरोपों में घिरे भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने सोमवार को कहा, मैं उनसे (प्रदर्शनकारी पहलवानों) अपील करना चाहता हूं कि आपके वजह से खेल की गतिविधि 4 महीने से ठप है। मुझे आप फांसी दे दीजिए लेकिन खेल को मत रोकिए। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ मत करिए।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि एक बच्चा जो 14 साल और 9 महीने का है, वह तीन महीने में 15 प्लस का हो जाएगा। नेशनल लेवल के लिए बेकार हो जाएगा। प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को इस बात को गंभीरता से समझना चाहिए। मुझे फांसी पर लटका दो, लेकिन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ मत करो। देश में कुश्ती गतिविधियां होने दीजिए।
https://twitter.com/AHindinews/status/1652956724087726080?s=20
23 अप्रैल से धरना दे रहे पहलवान
बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगट सहित शीर्ष भारतीय पहलवान बृजभूषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली में 23 अप्रैल से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। भाजपा सांसद के खिलाफ दो प्राथमिकी भी दर्ज की गई हैं। पॉक्सो एक्ट भी लगाया गया है।
खेल मंत्रालय ने चुनाव पर लगाई रोक
खेल मंत्रालय ने डब्ल्यूएफआई के चुनावों पर रोक लगा दिया है। 45 दिनों के भीतर चुनाव कराने के लिए एक कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है। IOA यानी ओलंपिक एसोसिएशन ने तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया है, जिसमें पूर्व निशानेबाज सुमा शिरूर, वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रमुख भूपेंद्र सिंह बाजवा शामिल हैं। हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज भी शामिल हैं।
नहीं लड़ेंगे बृजभूषण शरण सिंह चुनाव
बृजभूषण शरण सिंह ने पुष्टि की है कि वह अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन संकेत दिया कि वह महासंघ के भीतर एक नई भूमिका की तलाश कर सकते हैं। वह पहले ही 12 वर्षों के लिए WFI अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं।
सिद्धू ने बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग उठाई
सोमवार को पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने बृजभूषण के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी पहलवानों को अपना समर्थन दिया। सिद्धू ने कहा कि गैर-जमानती POCSO अधिनियम के तहत मामला दर्ज होने के बावजूद बृजभूषण को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।
वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने पहलवानों को समर्थन देने के लिए डीएमके के राज्यसभा सांसद अब्दुल्ला को धरना स्थल पर भेजा।
Delhi Wrestlers Protest: यौन शोषण के आरोपों में घिरे भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने सोमवार को कहा, मैं उनसे (प्रदर्शनकारी पहलवानों) अपील करना चाहता हूं कि आपके वजह से खेल की गतिविधि 4 महीने से ठप है। मुझे आप फांसी दे दीजिए लेकिन खेल को मत रोकिए। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ मत करिए।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि एक बच्चा जो 14 साल और 9 महीने का है, वह तीन महीने में 15 प्लस का हो जाएगा। नेशनल लेवल के लिए बेकार हो जाएगा। प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को इस बात को गंभीरता से समझना चाहिए। मुझे फांसी पर लटका दो, लेकिन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ मत करो। देश में कुश्ती गतिविधियां होने दीजिए।
23 अप्रैल से धरना दे रहे पहलवान
बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगट सहित शीर्ष भारतीय पहलवान बृजभूषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली में 23 अप्रैल से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। भाजपा सांसद के खिलाफ दो प्राथमिकी भी दर्ज की गई हैं। पॉक्सो एक्ट भी लगाया गया है।
खेल मंत्रालय ने चुनाव पर लगाई रोक
खेल मंत्रालय ने डब्ल्यूएफआई के चुनावों पर रोक लगा दिया है। 45 दिनों के भीतर चुनाव कराने के लिए एक कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है। IOA यानी ओलंपिक एसोसिएशन ने तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया है, जिसमें पूर्व निशानेबाज सुमा शिरूर, वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रमुख भूपेंद्र सिंह बाजवा शामिल हैं। हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज भी शामिल हैं।
नहीं लड़ेंगे बृजभूषण शरण सिंह चुनाव
बृजभूषण शरण सिंह ने पुष्टि की है कि वह अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन संकेत दिया कि वह महासंघ के भीतर एक नई भूमिका की तलाश कर सकते हैं। वह पहले ही 12 वर्षों के लिए WFI अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं।
सिद्धू ने बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग उठाई
सोमवार को पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने बृजभूषण के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी पहलवानों को अपना समर्थन दिया। सिद्धू ने कहा कि गैर-जमानती POCSO अधिनियम के तहत मामला दर्ज होने के बावजूद बृजभूषण को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।
वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने पहलवानों को समर्थन देने के लिए डीएमके के राज्यसभा सांसद अब्दुल्ला को धरना स्थल पर भेजा।