रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्रियों के साथ बैठक की। उन्होंने चीनी समकक्ष एडमिरल डोंग के साथ बैठक की। इस मुलाकात में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मधुबनी पेंटिग चीनी रक्षा मंत्री को भेंट की है। इस मुलाकात के दौरान राजनाथ सिंह ने कई मुद्दे पर चर्चा की। राजनााथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री से शांति में सहयोग करने के साथ ही मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरु करने पर खुशी व्यक्त की है। आपको बता दें, एसओएस की मीटिंग के दौरान साझा बयान पर साइन करने से मना कर दिया था।
पहलगाम में हुए आंतकी हमले का जिक्र
क्योकि इसमें हाल ही में जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आंतकी हमले का जिक्र तक नहीं था जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी। एसओए की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नाम लिए बिना पाकिस्तान को सचेत किए बिना कहा कि अपनी हरकतों से बाज आ जाए। भारत भी हर हमले का जवाब देने के लिए तैयार बैठा है।
सीमा प्रबंधन को लेकर हुई चर्चा
चीनी रक्षा मंत्री से मुलाकत के दौरान राजनाथ सिंह ने सीमा प्रबंधन की भी चर्चा की है। राजनाथ सिंह ने बताया कि अगर एसएसी पर शांति रहेगी तो एक दूसरे देश अपनी आर्थिक उन्नति पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान दे पाएंगे। दोनों मंत्रियों ने मौजूदा कम्युनिकेशन के जरिए तोड़ना, डी-एस्केलेशन, सीमा प्रबंधन और अंतिम डी-लिमिटेशन से संबंधित मुद्दों पर एक दूसरे के साथ सहयोग करने की भी अपील की है। इसके अलावा 6 सालों के ब्रेक के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा के फिर से शुरू होने पर खुशी जताई है।