बारिश में बॉडी पेन और अकड़न क्यों महसूस होती है? एक्सपर्ट ने बताया कैसे मिलेगा छुटकारा
बारिश के मौसम में शरीर दर्द और अकड़न महसूस होना आम बात हो सकती है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इस दौरान भरपूर पानी पीएं और शरीर को गर्म रखने जैसी आदतें अपनाएं.
Edited By : Shadma Muskan|Updated: Jul 26, 2026 12:35
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बारिश में शरीर दर्द और अकड़न क्यों होती है?
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Body Feels Stiff and Heavy: बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं कई लोगों के लिए यह शरीर में दर्द, जोड़ों की अकड़न और मांसपेशियों में खिंचाव की वजह भी बन जाता है. खासतौर पर जिन लोगों को गठिया, पुरानी चोट या मांसपेशियों से जुड़ी समस्या होती है, उन्हें मानसून के दौरान परेशानी ज्यादा महसूस हो सकती है. अगर आपको भी ऐसा महसूस होता है तो आइए एक्सपर्ट डॉक्टर शालिनी सिंह सालुंके से जानते हैं कि बारिश में शरीर दर्द और अकड़न क्यों बढ़ जाती है और इससे राहत पाने के आसान तरीके क्या हैं.
बारिश में शरीर दर्द और अकड़न क्यों होती है?
एक्सपर्ट्स के अनुसार बारिश से पहले और बारिश के दौरान मौसम बदल जाता है. इससे जोड़ों के आसपास दबाव पड़ता है, जिसकी वजह से दर्द और जकड़न महसूस हो सकती है. साथ ही, बारिश के मौसम में तापमान कम होने और नमी बढ़ने से मांसपेशियां सिकुड़ सकती हैं.
बारिश के दिनों में धूप कम मिलने से शरीर में विटामिन D का लेवल इफेक्ट हो सकता है. लंबे समय तक इसकी कमी हड्डियों और मांसपेशियों की कमजोरी का कारण बन सकती है.
सुबह बिस्तर से उठने से पहले सिकाई करें. सिकाई करने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करें. गर्म पानी से अपने घुटने और जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए सिकाई करें.
एक्सरसाइज करें
रोज 30 मिनट वॉक, स्ट्रेचिंग या योग करने से मांसपेशियां लचीली रहती हैं और दर्द कम हो सकता है. सुबह उठकर हल्की एक्सरसाइज करें. इससे बॉडी की अकड़न कम हो जाएगी और जोड़ों का दर्द कम भी होगा.
शरीर को गर्म रखना
गीले कपड़े तुरंत बदलें और शरीर को ठंड से बचाएं. जरूरत पड़ने पर हल्की गर्म सिकाई भी कर सकते हैं. बाकी एक्सपर्ट का कहना है कि शरीर को गर्म रखने के लिए लंच और डिनर में सूप शामिल करें.
ठंडे फ्लोर पर न बैठें
ठंडे फ्लोर पर बिल्कुल भी न बैठें, क्योंकि जब आप बैठेंगे तो आपके शरीर में दर्द होगा. ठंडे फर्श पर बैठने से शरीर को परेशानी हो जाएगी. लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें. हर 40 मिनट में थोड़ा चलें-फिरें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Body Feels Stiff and Heavy: बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं कई लोगों के लिए यह शरीर में दर्द, जोड़ों की अकड़न और मांसपेशियों में खिंचाव की वजह भी बन जाता है. खासतौर पर जिन लोगों को गठिया, पुरानी चोट या मांसपेशियों से जुड़ी समस्या होती है, उन्हें मानसून के दौरान परेशानी ज्यादा महसूस हो सकती है. अगर आपको भी ऐसा महसूस होता है तो आइए एक्सपर्ट डॉक्टर शालिनी सिंह सालुंके से जानते हैं कि बारिश में शरीर दर्द और अकड़न क्यों बढ़ जाती है और इससे राहत पाने के आसान तरीके क्या हैं.
बारिश में शरीर दर्द और अकड़न क्यों होती है?
एक्सपर्ट्स के अनुसार बारिश से पहले और बारिश के दौरान मौसम बदल जाता है. इससे जोड़ों के आसपास दबाव पड़ता है, जिसकी वजह से दर्द और जकड़न महसूस हो सकती है. साथ ही, बारिश के मौसम में तापमान कम होने और नमी बढ़ने से मांसपेशियां सिकुड़ सकती हैं.
बारिश के दिनों में धूप कम मिलने से शरीर में विटामिन D का लेवल इफेक्ट हो सकता है. लंबे समय तक इसकी कमी हड्डियों और मांसपेशियों की कमजोरी का कारण बन सकती है.
सुबह बिस्तर से उठने से पहले सिकाई करें. सिकाई करने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करें. गर्म पानी से अपने घुटने और जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए सिकाई करें.
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एक्सरसाइज करें
रोज 30 मिनट वॉक, स्ट्रेचिंग या योग करने से मांसपेशियां लचीली रहती हैं और दर्द कम हो सकता है. सुबह उठकर हल्की एक्सरसाइज करें. इससे बॉडी की अकड़न कम हो जाएगी और जोड़ों का दर्द कम भी होगा.
शरीर को गर्म रखना
गीले कपड़े तुरंत बदलें और शरीर को ठंड से बचाएं. जरूरत पड़ने पर हल्की गर्म सिकाई भी कर सकते हैं. बाकी एक्सपर्ट का कहना है कि शरीर को गर्म रखने के लिए लंच और डिनर में सूप शामिल करें.
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ठंडे फ्लोर पर न बैठें
ठंडे फ्लोर पर बिल्कुल भी न बैठें, क्योंकि जब आप बैठेंगे तो आपके शरीर में दर्द होगा. ठंडे फर्श पर बैठने से शरीर को परेशानी हो जाएगी. लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें. हर 40 मिनट में थोड़ा चलें-फिरें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.