क्या बार-बार एंटीबायोटिक खाने से कमजोर हो जाता है इम्यून सिस्टम? Apollo हॉस्पिटल के डॉक्टर ने बताया सच

Antibiotics Good for Health:  एंटीबायोटिक को नॉर्मल बुखार या सर्दी-जुकाम की दवा समझकर नहीं लेना चाहिए. अपोलो के डॉक्टर और ICMR की एक रिपोर्ट में भी यही बताया गया है कि एंटीबायोटिक का इस्तेमाल सोच-समझकर और सही बीमारी में किया जाए, ताकि शरीर पर असर कम हो जाए. 

Antibiotics Good for Health

क्या एंटीबायोटिक लेने से इम्यूनिटी कमजोर होती है? Image Credit- Freepik

सर्दी-जुकाम, गले में दर्द, बुखार या किसी इंफेक्शन के समय कई लोग तुरंत एंटीबायोटिक लेना शुरू कर देते हैं. कुछ लोगों को लगता है कि बार-बार एंटीबायोटिक लेने से शरीर की बीमारी से लड़ने की ताकत यानी इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, लेकिन क्या वाकई ऐसा होता है? इस बारे में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने भी एंटीबायोटिक के सही इस्तेमाल पर जोर दिया है. ICMR का कहना है कि एंटीबायोटिक का गलत या जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल बैक्टीरिया में दवा के खिलाफ ताकत पैदा कर सकता है, जिसे एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस कहा जाता है. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि क्या इम्यूनिटी पर असर पड़ता है या नहीं.

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क्या एंटीबायोटिक लेने से इम्यूनिटी कमजोर होती है?

सीधे तौर पर यह कहना सही नहीं है कि एंटीबायोटिक खाने से बॉडी की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है. एंटीबायोटिक का काम बैक्टीरिया से होने वाले इंफेक्शन को खत्म करना या उसे रोकना है. हालांकि, जब बिना जरूरत या बार-बार एंटीबायोटिक ली जाती है तो शरीर के लिए दूसरी परेशानियां पैदा हो सकती हैं. इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक लेना सही नहीं है. 

एंटीबायोटिक लेने के नुकसान

  • पेट की समस्या होना
  • शरीर के अच्छे बैक्टीरिया पर असर पड़ना
  • एलर्जी का खतरा होना
  • दवा का असर कम होना

बार-बार एंटीबायोटिक लेने का सबसे बड़ा खतरा क्या है?

बार-बार या गलत तरीके से एंटीबायोटिक लेने का सबसे बड़ा खतरा एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस है. इस स्थिति में कुछ बैक्टीरिया दवा के खिलाफ मजबूत हो जाते हैं और उन पर पहले वाली एंटीबायोटिक का असर कम हो सकता है. इसके बाद इंफेक्शन का इलाज मुश्किल हो सकता है और डॉक्टर को दूसरी दवा की जरूरत पड़ सकती है. ICMR भी एंटीबायोटिक के जरूरत से ज्यादा और गलत इस्तेमाल को मना करता है. 

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हर बुखार में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं

यह समझना भी जरूरी है कि हर बुखार या सर्दी-जुकाम में एंटीबायोटिक काम नहीं करती. कई बार इन समस्याओं की वजह वायरस होते हैं, जबकि एंटीबायोटिक बैक्टीरिया पर काम करती है. इसलिए खुद से मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक लेकर खाना सही नहीं है. पहले डॉक्टर यह तय करते हैं कि इंफेक्शन किस वजह से हुआ है और एंटीबायोटिक की जरूरत है या नहीं.

एंटीबायोटिक डॉक्टर की सलाह पर ही लें दवा 

अगर डॉक्टर ने एंटीबायोटिक लिखी है तो उसे अपनी मर्जी से शुरू या बंद नहीं करना चाहिए. दवा की मात्रा और कितने दिन लेनी है, यह बीमारी और मरीज पर निर्भर करता है. अगर एंटीबायोटिक लेने के बाद भी आराम नहीं मिल रहा है तो खुद से दूसरी दवा लेने के बजाय डॉक्टर से बात करें. 

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अच्छे बैक्टीरिया पर भी असर पड़ना 

बिना जरूरत बार-बार एंटीबायोटिक लेने से शरीर में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया पर भी असर पड़ सकता है और सबसे बड़ी चिंता एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की होती है. इसलिए एंटीबायोटिक को सामान्य बुखार या सर्दी-जुकाम की दवा समझकर नहीं लेना चाहिए.

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Source-ICMR, Apollo 

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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