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Ozempic किसे नहीं लेना चाहिए? यहां जानिए वजन घटाने वाले ओज़ेम्पिक इंजेक्शन के क्या दुष्प्रभाव हैं

Ozempic For Weight Loss: भारत में ओज़ेम्पिक ड्रग आ गया है जिसका इस्तेमाल यूं तो डायबिटीज में होता है लेकिन लोग वजन घटाने के लिए भी ओज़ेम्पिक की डोज लेते हैं. ऐसे में यह पता होना जरूरी है कि किन लोगों को ओज़ेम्पिक नहीं लेना चाहिए.

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Ozempic Weight Loss: ओज़ेम्पिक को भारत में नोवो नॉर्डिस्क ने लॉन्च किया है और इसकी कीमत भी तय की जा चुकी है. लेकिन, भारत में ओज़ेम्पिक को डायबिटीज की दवा के रूप में लॉन्च किया गया है जबकि यूनाइडेट स्टेट्स और यूरोप में इस ड्रग का इस्तेमाल धड़ल्ले से वजन घटाने के लिए होता आया है और कुछ भारतीय सेलेब्रिटीज को लेकर भी यह आशंका जताई गई है कि उन्होंने पतले होने के लिए ओज़ेम्पिक (Ozempic) का इस्तेमाल किया है. ओज़ेम्पिक क्या है, इसका सीधा सा जवाब है कि यह हफ्ते में एक बार लगवाए जाने वाला इंजेक्शन है जो उन वयस्कों को लगाया जाता है जिनकी टाइप-2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) कंट्रोल नहीं हो रही है. लेकिन, यह हर किसी को सूट नहीं करता और इसीलिए यह जानना जरूरी है कि किन लोगों को ओज़ेम्पिक नहीं लेना चाहिए.

यह भी पढ़ें – भारत में आया वजन घटाने वाला Ozempic, जानिए ओज़ेम्पिक इंजेक्शन की कीमत क्या है और यह कैसे काम करता है

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ओज़ेम्पिक किसे नहीं लेना चाहिए?

ओज़ेम्पिक सेमाग्लूटाइड का ब्रांड नाम है जोकि एक तरह की दवाई है और GLP-1 को मिमिक करती है. सेमाग्लूटाइड पैनक्रियाज को ज्यादा इंसुलिन रिलीज करने पर बाधित करता है जिससे ब्लड शुगर लेवल्स को बेहतर तरह से मैनेज किया जा सकता है. इससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ भी रहता है. लेकिन, ओज़ेम्पिक सभी को सूट नहीं करेगा और इसीलिए इसे सिर्फ और सिर्फ किसी मेडिकल सुपरवाइजर की निगरानी में ही पूरी जांच के बाद लेना चाहिए.

इन लोगों को भी नहीं लेना चाहिए ओज़ेम्पिक –

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  • जिन्हें खुद को या परिवार में किसी को मेडुलरी थाइराइड कार्सिनोमा हुआ हो
  • जिन्हें मल्टीपल एंडोक्राइन नियोप्लाजिया सिंड्रोम टाइप 2 हुआ हो
  • टाइप-1 डायबिटीज के मरीज
  • बच्चे या 18 साल से कम उम्र का व्यक्ति
  • जिन्हें सेमाग्लूटाइड से एलर्जी हो
  • प्रेग्नेंट या बच्चे को स्तनपान कराने वाली महिला
  • पैनक्रियाटिक दिक्कतों में
  • गैस्ट्रोइंटेस्टिनल डिसोर्डर होने पर.

कब रोक देना चाहिए ओज़ेम्पिक का इस्तेमाल?

अगर आप ओज़ेम्पिक का इस्तेमाल कर रहे हैं और प्रेग्नेंट होना चाहते हैं तो गर्भधारण करने से 2 महीने पहले से ही ओज़ेम्पिक का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए.

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भारत में ओज़ेम्पिक की क्या कीमत है?

भारत में ओज़ेम्पिक की 0.25mg डोज 2,200 रुपए की कीमत पर उपलब्ध होगी. यह एक हफ्ते की डोज की कीमत है. ओज़ेम्पिक इंजेक्शन हफ्ते में एक बार लिया जाने वाला ड्रग है और महीने में 3 से 4 बार लिया जा सकता है.

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यह भी पढ़ें – एड्स के शुरुआती लक्षण क्या हैं? पुरुषों के शरीर पर दिखते हैं ये 7 AIDS Symptoms

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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First published on: Dec 14, 2025 10:17 AM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती है. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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