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युवाओं में बढ़ रहा है आंतों और रेक्टम कैंसर का खतरा, रोजमर्रा की ये 3 गलतियां Colorectal Cancer की बन सकती हैं वजह

Colorectal Cancer Risk Factors: यूएस के कैंसर रिसर्च इंस्टिट्यूट के अनुसार लाइफस्टाइल से जुड़ी ऐसी कुछ गलतियां हैं जो कोलोरेक्टल कैंसर यानी बड़ी आंत, मलाशय या रेक्टम के कैंसर को बढ़ा सकती हैं. इन गलितयों से बचकर कैंसर से खुद को दूर रखा जा सकता है.

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Colorectal Cancer Causes: कोलोरेक्टल कैंसर एक खतरनाक कैंसर है जो व्यक्ति की बड़ी आंत, मलाशय या मलद्वार में पनप सकता है. इस कैंसर को एक समय पर बड़ों की बीमारी समझा जाता था, लेकिन यूएस के कैंसर रिसर्च इंस्टिट्यूट (CRI) की मानें तो कम उम्र के वयस्कों में भी इस कैंसर के मामले सामने आने लगे हैं. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यूएस में आधे से ज्यादा कोलोरेक्टल कैंसर के मामले लाइफस्टाइल की ऐसी गलतियों से जुड़ा हो सकते हैं जिन्हें व्यक्ति कंट्रोल कर सकता है. भारत में भी आंतों के कैंसर के मामले एक बड़ी चिंता है. वहीं, भारतीय युवा भी लाइफस्टाइल की वही गलतियां कर रहे हैं जो अमेरिकन युवा कर रहे हैं. ऐसे में यहां जानिए लाइफस्टाइल के वो कौन से काम हैं जो कोलोरेक्टल कैंसर की वजह बन सकते हैं.

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कोलोरेक्टल कैंसर की वजह बन सकते हैं ये काम

खराब डाइट – खानपान में प्रोसेस्ड और रेड मीट होना और फाइबर, फलों और सब्जियों का कम होना कोलोरेक्टल कैंसर के रिस्क से जुड़ा है. वर्ल्ड रिसर्च फंड लाल मीट के कम सेवन की सलाह देता है.

फिजिकली एक्टिव ना होना – शरीर का वजन ज्यादा होना और लाइफस्टाइल का एक्टिव ना होना कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को बढ़ाता है. रोजाना की फिजिकल एक्टिविटी और 30 से 60 मिनट की वॉक आंतों की सेहत को अच्छा रख सकती है.

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धूम्रपान और एल्कोहल – लंबे समय तक धूम्रपान की आदत और भारी मात्रा में एल्कोहल का सेवन कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाला साबित हो सकता है.

आंतों के कैंसर कंट्रोल के बाहर वाले रिस्क फैक्टर्स

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उम्र – कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा आमतौर पर 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों में देखा जाता है. लेकिन, अब वयस्कों में भी इसके मामले सामने आने लगे हैं.

पारिवारिक हिस्ट्री – परिवार में किसी को कोलोक्टल कैंसर रहा हो या कोलन पॉलिप्स की दिक्कत हो तो इससे व्यक्ति में कैंसर का खतरा ज्यादा हो सकता है.

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क्रोनिक इंफ्लेमेटरी कंडीशंस – लंबे समय से इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज से ग्रस्त रहने पर व्यक्ति में कोलोरेक्टल कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है.

कोलोरेक्टल कैंसर के क्या लक्षण हैं

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  • बाउल हैबिट्स बदल जाती हैं, लंबे समय तक कब्ज रहती है या फिर दस्त की दिक्कत बनी रहती है
  • मल में खून नजर आ सकता है
  • पेट में दर्द रहता है
  • बिना किसी कारण वजन कम होने लगता है
  • शरीर में कमजोरी रहती है या आयरन लेवल्स कम हो जाते हैं.

कोलोरेक्टल कैंसर के लक्षण (Colorectal Cancer Symptoms) अगर शुरुआती दौर में ही पहचान लिए जाएं तो बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है और समय पर सही इलाज लिया जा सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.


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Source - CRI 

First published on: Aug 27, 2026 10:39 AM

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