लिवर फाइब्रोसिस का बिना बायोप्सी के चलेगा पता, AIIMS के विशेषज्ञों नया खतरे का अंक किया तैयार, 189 मरीजों पर हुआ अध्ययन

Liver Fibrosis Test: लिवर फाइब्रोसिस का पता लगाने के लिए अब बायोप्सी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. रिस्क ग्रूप के लोगों में लिवर फाइब्रोसिस की जांच के लिए AIIMS के रिसर्चर्स ने एक नया तरीका ढूंढ निकाला है.

Liver fibrosis Test

AIIMS के रिसर्चर्स ने तैयार किया फाइब्रोसिस की जांच के लिए नया रिस्क स्कोर. AI Generated Image

Liver Fiberosis: एम्स, नई दिल्ली के विशेषज्ञों ने लिवर फाइब्रोसिस की जांच का एक नया तरीका खोज निकाला है. अब मरीजों के लिवर फाइब्रोसिस की जांच के लिए बायोप्सी नहीं करनी पड़ेगी बल्कि जिन मरीजों में लिवर फाइब्रोसिस होने की आशंका है उनमें इस नये रिस्क स्कोर से लिवर फाइब्रोसिस की जांच (Fibrosis Test) हो सकती है. मोटापे में व्यक्ति के शरीर के साथ-साथ लिवर में भी फैट जमने लगता है. यही कुछ लोगों में आगे चलकर लिवर फाइब्रोसिस की वजह बनता है. ऐसे में लिवर को ज्यादा नकसान हो उससे पहले ही उन मरीजों की पहचान की जा सकती है जिनमें फाइब्रोसिस पनपने का खतरा है. AIIMS दिल्ली के रिसर्चर्स ने एक नया खतरे का अंक यानी रिस्क स्कोर तैयार किया है जिससे यह जांच की जा सकती है.

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बगैर बायोप्सी पता चलेगा लिवर फाइब्रोसिस

लिवर फाइब्रोसिस के खतरे को पहचानने के लिए लिवर की सख्ती, खून की खास जांच और प्लेटलेट की संख्या को एकसाथ देखा जा सकता है. शुरुआती जांच में इस तरीके से विशेषज्ञों को अच्छे नतीजे मिले हैं. विशेषज्ञों ने 189 मरीजों पर यह जांच की. अध्ययन में मोटापे और लिवर में चर्बी की समस्या वाले 189 मरीजों को शामिल किया गया. सभी मरीज वजन कम करने की सर्जरी के लिए एम्स आए थे. इन मरीजों की सामान्य जांच के साथ लिवर की सख्ती और खून में फाइब्रोसिस से जुड़े कुछ संकेतकों की जांच की गई.

मरीजों की सर्जरी के दौरान उनके लिवर का एक टुकड़ा भी लिया गया. इस छोटे टुकड़े की जांच की गई ताकि बीमारी की असली स्थिति का पता चल सके. जांच में 189 में से 33 मरीजों में लिवर की गंभीर फाइब्रोसिस मिली. स्टडी में पाया गया कि हर 6 में से एक मरीज का लिवर गंभीर रूप से प्रभावित था. ऐसे में इस नई जांच के शुरुआती परिणाम अच्छे निकले.

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लिवर फाइब्रोसिस क्या है

लिवर फाइब्रोसिस लिवर पर जमने वाले स्कार टिशूज हैं जो लिवर की चोट या लंबे समय से लिवर पर होनी वाली सूजन के कारण पनपते हैं. लिवर फाइब्रोसिस की स्टेज 0 से लेकर स्टेज 4 होती हैं. इसकी स्टेज 3 में फाइब्रोसिस इतना खतरनाक हो जाता है कि लिवर की संरचना बदलने लगती है. वहीं, इसकी स्टेज 4 में लिवर सिरोसिस है जिसमें लिवर इतना डैमेज हो जाता है कि काम करना बंद कर देता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source - AIIMS

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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