बॉडी को डिटॉक्स करती है पंचकर्म चिकित्सा, पतंजलि के एक्सपर्ट्स ने बताई उपचार की प्रक्रिया

Panchakarma Treatment: पंचकर्म की प्रक्रिया शरीर को आराम देने के लिए नहीं बल्कि शरीर के उपचार के लिए की जाती है. साथ ही, बीमारियों से छुटकारा दिलाने का काम करती है पंचकर्म चिकित्सा. इसमें प्राचीन आयुर्वेदिक औषधियों का इस्तेमाल होता है.

Panchakarma Treatment

Panchakarma Treatment Benefits: क्या है पंचकर्म चिकित्सा और क्या है इसकी प्रक्रिया, जानिए यहां.

Panchakarma Chikitsa: पतंजलि योगपीठ दुनिया के सबसे बड़े आयुर्वेदिक संस्थानों में से एक है जहां बेसिक ट्रीटमेंट, आयुर्वेदिक चिकित्सा और सर्जरी वगैरह की सुविधा मुहैया करवाई जाती है. यहां ना सिर्फ शरीर को बाहरी बल्कि आंतरिक रूप से साफ करने के लिए प्राचीन आयुर्वेदिक उपचारों का इस्तेमाल किया जाता है. इसी में आती है पंचकर्म चिकित्सा. शरीर को अंदर और बाहर से शुद्ध करती है पंचकर्म चिकित्सा (Panchakarma). आजकल लोग शरीर को डिटॉक्स करने के लिए महीने में एक बार स्पा हो आते हैं या मसाज वगैरह करवाते हैं, लेकिन पंचकर्म में महंगी क्रीम या फ्रेग्नेंस वाले तेलों का इस्तेमाल नहीं होता है बल्कि इसमें अलग-अलग प्रकार की औषधियों से शुद्ध करके बनाए गए तेलों का इस्तेमाल होता है. चर्म रोग, सोराइसिस, जोड़ों के दर्द और अलग-अलग प्रकार की नस-नाड़ियों के रोगों में अलग-अलग तेलों से मसाज दी जाती है. ये मालिश शरीर को रिलैक्स ही नहीं करती बल्कि रोगों के उपचार का काम करती है. ऐसे में यहां जानिए क्या है पंचकर्म चिकित्सा, इसमें कौन-कौन सी प्रक्रियाएं शामिल हैं और इसके क्या फायदे होते हैं.

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क्या है पंचकर्म चिकित्सा

पतंजलि योगपीठ के सह-संस्थापक योगगुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev) बताते हैं कि पतंजलि वेलनेस सेंटर्स में पंचकर्म विभाग में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग जगह है जहां कंफर्ट को ध्यान में रखकर चिकित्सा दी जाती है. यहां प्रामाणिकता के साथ उपचार पूरा किया जाता है. पंचकर्म शरीर की शुद्धि या कहें बॉडी को डिटॉक्स करने की चिकित्सा है जिसमें अलग-अलग प्रक्रियाओं के माध्यम से अलग-अलग बीमारियों को टार्गेट करते हैं.

पंचकर्म को तीन भागों में बांटा जाता है –

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  • पूर्व कर्म
  • प्रधान कर्म
  • पश्चातकर्म

पंचकर्म चिकित्सा में ये प्रक्रियाएं शामिल हैं –

स्नेहन कर्म – यह वात एलिवेट करने के लिए दी जाने वाली चिकित्सा है. यह पूर्व-पंचकर्म प्रक्रिया है और इसमें शरीर के आंतरिक और बाह्यय अंगों को तेल, वसा या मज्जा जैसे द्रव्यों से मुलायम और कोमल बनाया जाता है.

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अभ्यंग – इसमें शरीर की जड़ी-बूटियों वाले तेल से मालिश (Oil Massage) की जाती है. इससे त्वचा को पोषण मिलता है, वात दोष शांत होता है और तनाव कम होने में मदद मिलती है.

शिरोधारा – इस प्रक्रिया में माथे पर तेल, दूध या छाछ की पतली निरंतर धार 30 से 60 मिनट के लिए गिराई जाती है जिससे मन-मस्तिष्क शांत होते हैं और अनिुद्रा या सिरदर्द जैसी दिक्कतें दूर होती हैं.

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कटिवस्ती – इस प्रक्रिया में उड़द के आटे के पेस्ट से कमर पर छोटा जलाशय सा बनाया जाता है और उसमें गुनगुना तेल डालते हैं. यह कमर के दर्द और अकड़न को टार्गेट करता है. जानुबस्ति भी ऐसी ही प्रक्रिया है जिसमें आट का जलाशय बनाकर उसमें हल्के गर्म तेल को घुटने या घुटने के पिछले हिस्से पर टिकाया जाता है. यह वात दोष को शांत करता है और जोड़े के दर्द को दूर करने में मदद करता है.

अक्षि तर्पण – यह नेत्र उपचार की प्रक्रिया है जिसमें आंखों के ऊपर उड़द के आटे से जलाशय बनाया जाता है और इसमें त्रिफला-घी डालते हैं. इस प्रक्रिया से आंखों की दिक्कत दूर करने केा प्रयास होता है.

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स्वेदन कर्म – इसमें शरीर को भाप दी जाती है जिससे शरीर की जकड़न, भारीपन और कफ-वात विकारों से छुटकारा मिलता है.

वमन – औषधीय वमन में कफ दोष को बाहर निकालने की प्रक्रिया होती है. इसमें उल्टी करवाई जाती है.

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विरेचन – पेट साफ करने के लिए विरेचन प्रक्रिया होती है. इसमें यकृत, आंतों और त्वचा के रोगों में फायदा मिलता है. इसे स्नेहन और स्वेदन के बाद नियंत्रित रूप से करते हैं.

बस्ति एनिमा – इसमें मलाशय के माध्यम से शरीर में द्रव डालते हैं जिससे आंतों की सफाई होती है और शरीर से गंदे टॉक्सिंस निकलने में मदद मिलती है.

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नस्य – नाक के माध्यम से विषाक्त पदार्थों को निकालने के लिए यह नस्य प्रक्रिया की जाती है. इस थेरैपी में हर्बल तेल, जूस और पाउडर नाक में डाले जाते हैं.

रक्त मोक्षण- रक्त का शुद्धिकरण करने के लिए रक्त मोक्षण किया जाता है. इसमें जलौका, सिरावेध, प्रच्छान और अलाबु जैसी थेरैपी शामिल हैं.

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पंचकर्म चिकित्सा के क्या फायदे होते हैं

Panchkarma Treatment Benefits
  • पाचन तंत्र की समस्याएं जैसे पुरानी कब्ज, एसिडिटी और गैस से छुटकारा मिलता है.
  • श्वसन संबंधि रोगों को टार्गेट किया जाता है. अस्थमा, साइनस और पुरानी सर्दी-खांसी में आराम मिलता है.
  • चंरकर्म चिकित्सा से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है. अत्यधिक तनाव, चिंता, अनिद्रा और डिप्रेशन में मदद मिलती है.
  • तंत्रिका तंत्र को टार्गेट किया जाता है जिसमें पैरालिसिस, रिकवरी और माइग्रेन शामिल हैं.
  • त्वचा के रोगों में आराम मिलता है, सोरायसिस, एक्जिमा, मुंहासे और एलर्जी के लिए अलग-अलग हर्बल तेलों का इस्तेमाल होता है.
  • जोड़ों और हड्डियों के दर्द में आराम मिलता है. गठिया, सायटिका, कमर दर्द और सर्वाइकल से परेशान लोगों के लिए यह फायदेमंद होता है.
  • मोटापा, डायबिटीज, थायराइड समस्याओं में असरदार है.
  • प्रजनन संबंधी समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए यह चिकित्सा ली जा सकती है.
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. साथ ही, एंटी-एजिंग से जुड़े फायदे मिलते हैं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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