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सुबह ये 5 प्राणायाम करना फायदेमंद बताते हैं बाबा रामदेव, सेहत दुरुस्त रखने के लिए रोज करने की दी सलाह

Morning Pranayam: योगगुरु बाबा रामदेव कहते हैं रोजाना सुबह प्राणायाम किए जाएं तो इससे सेहत दुरुस्त रहती है. जानिए कौन से 5 प्राणायाम रोज सुबह किए जा सकते हैं जिससे शरीर को एक नहीं बल्कि कई फायदे मिलते हैं.

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Morning Yoga: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए इनएक्टिव लाइफस्टाइल से बाहर निकलना जरूरी होता है. खराब खान-पान, नींद की कमी, व्यस्त जीवनशैली और भागदौड़ भरी जिंदगी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रभाव डालते हैं. ऐसे में रोज सुबह कुछ योग या प्राणायाम (Pranayam) किए जाएं तो सेहत को अच्छा रखा जा सकता है. योग गुरु बाबा रामदेव नियमित रूप से योग करने की सलाह देते हैं. यहां ऐसे ही 5 प्राणायाम बताए जा रहे हैं जिन्हें बाबा रामदेव (Baba Ramdev) खुद भी करते हैं और सभी को रोजाना करने के लिए भी कहते हैं.

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रोज सुबह करें ये 5 प्राणायाम

भस्त्रिका प्राणायाम

भस्त्रिका प्राणायाम में सांस अंदर खींची जाती है और फिर तेजी से छोड़ी जाती है. इससे पेट की मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं. इस व्यायाम को रोजाना करने पर श्वसन प्रक्रिया सक्रिय होती है और शरीर को फायदा मिलता है. इसे शुरुआत में धीरे-धीरे और अपनी क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए.

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अनुलोम विलोम

बाबा रामदेव कहते हैं कि धूल-मिट्टी से होने वाली या खाने से होने वाली एलर्जी से राहत पाने के लिए अनुलोम-विलोम करना चाहिए. इससे मन को शांति मिलती है, सांसों पर नियंत्रण बढ़ता है और सेहत अच्छी रहती है. इसमें नाक के एक नथुने से सांस लेकर दूसरे से छोड़ी जाती है.

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भ्रामरी

भ्रामरी करने में मन एकाग्र और शांत चित्त हो जाता है. कान, आंख और मुंह को बंद करके नाक से आवाज निकालते हुए भ्रामरी की जाती है. इससे तनाव भी काम हो जाता है. इसे करने के लिए शरीर को आरामदायक स्थिति में रखने के लिए क्षमता के अनुसार ही भ्रामरी का अभ्यास करना चाहिए.

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कपालभाति

कपालभाति के फायदे बताते हुए बाबा रामदेव कहते हैं कि कपालभाति से गर्भाशय में होने वाली सिस्ट जैसी दिक्कतें दूर रहती हैं. कैल्शियम, आयरन और विटामिन की कमी को दूर करने में भी कपालभाति के फायदे नजर आते हैं. पीरियड्स और मेनोपॉज की समस्या दूर करने में भी यह असरदार है. कपालभाति में सांस अंदर ली जाती है और छोड़ते हुए पेट अंदर खींचा जाता है.

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उद्गीथ प्राणायाम

उद्गीथ प्राणायाम में गहरी सांस लेकर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए ओम का उच्चारण किया जाता है. इसमें सांस और ध्वनि पर ध्यानकेंद्रित किया जाता है. शांत वातावरण में इस प्राणायाम को करने पर मन रिलैक्स होता है और फोकस बढ़ता है.

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First published on: Sep 12, 2026 08:53 AM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती है. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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