वियाग्रा खाने से क्या सच में कम हो सकता है कैंसर का खतरा? रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा
सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों का कहना है कि वियाग्रा कैंसर के खतरे को कम कर सकता है. इस बात में कितनी सच्चाई है, आइए जानते हैं इस स्टोरी में.
वियाग्रा कैसे कैंसर के खतरे को कम करता है? (Image: AI/Pexels)
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Viagra For Cancer: कैंसर एक खतरनाक बीमारी है, जिसके कारण हर साल बड़ी संख्या में दुनियाभर में लोगों की मौत हो जाती है. आज एक या दो नहीं बल्कि कैंसर के कई प्रकार है, जिसका शिकार बड़ी संख्या में लोग है. इस बीमारी की सबसे खतरनाक बात ये है कि इसके शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, जिसका कारण ये शरीर में अपनी जड़ों को मजबूत करता रहता है. इसका आखिर स्टेज में अक्सर लोगों की मौत हो जाती है. एक रिसर्च में इसके खतरे को कम करने को लेकर बड़ा खुलासा किया है, जानकारी के अनुसार, वियाग्रा का इस्तेमाल कैंसर के खतरे को कम कर सकता है. आपको ये जानकर हैरानी हुई होगी, लेकिन रिसर्च कुछ ऐसा ही कहती है.
एक स्टडी में पाया गया कि जिस दवा का इस्तेमाल पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (अंग स्तंभन की समस्या) के इलाज के लिए होता है जैसे वियाग्रा, वो कैंसर सेल्स के फैलाव को रोकने में मदद कर सकती है. ये थोड़ा हैरानी वाला हो सकता है, लेकिन शुरुआती शोध में ऐसे संकेत मिले हैं. हालांकि, रिसर्चर्स का मानना है कि अभी इसको लेकर और स्टाडी की जानी है. वैज्ञानिकों के अनुसार, वियाग्रा में मौजूद सिल्डेनाफिल (Sildenafil) शरीर में कैंसर के फैलने की क्षमता को कमजोर कर सकता है. इतना ही नहीं, रिसर्च कहती है कि वियाग्रा में मौजूद सिल्डेनाफिल कैंसर कोशिकाओं को फैलने से रोकती है, क्योंकि इन्हें फैलने के लिए कोलेस्ट्रॉल की जरूरत होती है, ऐसे में वियाग्रा में मौजूद तत्व इस प्रक्रिया में बाधा डाल सकता है.
वियाग्रा कैंसर को नहीं लेने देता कोलेस्ट्राल
रिसर्च के अनुसार, सिल्डेनाफिल फॉस्फोडाइएस्टरेज़ टाइप-5 (PDE5) नामक एंजाइम को ब्लॉक करता है. इससे शरीर में cGMP नाम का एक सिग्नलिंग अणु बढ़ जाता है. यही बढ़ा हुआ अणु खून की नसों को चौड़ा करता है और लिंग में खून प्रवाह बढ़ाता है, जिससे ये वियाग्रा काम करता है. इसी प्रक्रिया में वैज्ञानिकों ने ये भी पाया कि cGMP एक ऐसे प्रोटीन से जुड़ जाता है, जो कोशिकाओं के भीतर कोलेस्ट्रॉल पहुंचाने का काम करता है. इससे कैंसर कोशिकाओं को कोलेस्ट्रॉल ठीक से नहीं मिल पाता है. शोधकर्ताओं का मानना है कि कोलेस्ट्रॉल की यही कमी कैंसर कोशिकाओं के फैलने की क्षमता को कमजोर कर सकती है, हालांकि इसपर अभी रिसर्च बाकी है.
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इस बात को भी समझें
वियाग्रा कैंसर के खतरे को कम करता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि यही अब इसका इलाज है. रिसर्च अभी शुरुआती स्टेज पर इसलिए अभी इसपर और अच्छे से जांच बाकी है, उसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा. अगर आप कैंसर से पीड़ित है, तो आपको चाहिए कि आप डॉक्टर से नियमित जांच कराते रहें और अपनी हेल्थ का ध्यान दें. सोशल मीडिया पर दिखने वाली किसी भी चीज को बिना डॉक्टर के सलाह के न अपनाएं, वरना स्थिति खराब हो सकती है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.