Jeebh Ke Cancer Ke Lakshan: जीभ पर छाला या कोई निशान नजर आना कैंसर का लक्षण हो यह जरूरी नहीं है, लेकिन अगर ये निशान कई-कई दिनों तक बने रहते हैं तो कैंसर का लक्षण हो सकते हैं. जीभ का कैंसर (Tongue Cancer), कैंसर का वह प्रकार है जिसमें कैंसर के एब्नॉर्मल सेल्स पनपने लगते हैं. इससे जीभ के काम पर भी असर पड़ता है और यह कैंसर पूरे मुंह में भी फैल सकता है. अगर जीभ के कैंसर का समय रहते पता ना लगाया जाए और समय पर इलाज ना हो तो जैसे-जैसे कैंसर की स्टेज बढ़ती है उतना ही खतरा भी बढ़ता जाता है. ऐसे में यहां जानिए जीभ के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं और किस तरह पहचाने जा सकते हैं.
जीभ के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं | Tongue Cancer Symptoms
सफेद या लाल चकत्ता
जीभ का कैंसर होने पर जीभ के ऊपर, सामने की तरफ या किनारे पर सफेद या लाल रंग का चकत्ता नजर आ सकता है. अगर 3 हफ्तों से ज्यादा यह चकत्ते नजर आते हैं तो यह जीभ के कैंसर का लक्षण हो सकता है.
यह भी पढ़ें - शरीर से शुगर को निचोड़कर निकाल देंगी ये 5 सब्जियां, High Blood Sugar कंट्रोल में आने लगेगी
गले पर पड़ता है प्रभाव
जीभ के कैंसर में गले पर प्रभाव नजर आने लगता है. गला खराब रहने लगता है, ऐसा महसूस होता है कि गले में कुछ अटका हुआ है और गले से कुछ निगलने में भी परेशानी महसूस हो सकती है.
मुंह और जीभ का सुन्न पड़ना
अगर अक्सर ही आपको अपनी जीभ या मुंह सुन्न महसूस होते हैं तो यह जीभ के कैंसर का लक्षण हो सकता है. जीभ के कैंसर में कुछ चबाने या फिर जीभ को यहां से वहां घुमाने में भी परेशानी हो सकती है.
आवाज में बदलाव
मुंह के कैंसर (Oral Cancer) में आवाज में बदलाव आना एक आम लक्षण होता है. इसमें जबड़े में सूजन आ सकती है, जबड़ा ठीक तरह से हिलाने में परेशानी हो सकती है और आवाज बदली हुई सुनाई पड़ती है सो अलग.
क्या जीभ के कैंसर का इलाज हो सकता है
जीभ के कैंसर का इलाज हो सकता है. लेकिन, इस कैंसर को पहले स्टेज में ही या कहें जल्द से जल्द पहचानकर इलाज करवाना जरूरी होता है. अगर बहुत ज्यादा इंतजार किया जाए तो कैंसर ज्यादा गंभीर हो सकता है. कैंसर की एडवांस्ड स्टेज में इलाज मुश्किल हो सकता है. वहीं, कैंसर का इलाज ट्यूमर (Tumor) की लोकेशन पर भी निर्भर करता है. अगर जीभ के सामने ट्यूमर हो तो इसे निकालना आसान होता है और अगर जीभ के बेस पर ट्यूमर हो तो इसे निकालना मुश्किल हो सकता है.
जीभ के कैंसर के ट्रीटमेंट (Tongue Cancer Treatment) में ट्यूमर वाले हिस्से को निकाल दिया जाता है. इसमें रेडिएशन थेरैपी का इस्तेमाल होता है जिसमें हाई एनर्जी रेज कैंसर सेल्स को मारती हैं. यह ज्यादातर सर्जरी के बाद की जाती है. कीमोथेरैपी से कैंसर के सेल्स को खत्म किया जाता है. एडवांस्ड स्टेज में रेडिएशन थेरैपी और कीमोथेरैपी साथ दी जाती है. इसके अलावा, टार्गेटेड थेरैपी या इम्यूनोथेरैपी दी जाती है.
यह भी पढ़ें – पेशाब की थैली में कैंसर होने के क्या लक्षण हैं? यहां जानिए मूत्राशय कैंसर का कैसे पता चलता है
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Jeebh Ke Cancer Ke Lakshan: जीभ पर छाला या कोई निशान नजर आना कैंसर का लक्षण हो यह जरूरी नहीं है, लेकिन अगर ये निशान कई-कई दिनों तक बने रहते हैं तो कैंसर का लक्षण हो सकते हैं. जीभ का कैंसर (Tongue Cancer), कैंसर का वह प्रकार है जिसमें कैंसर के एब्नॉर्मल सेल्स पनपने लगते हैं. इससे जीभ के काम पर भी असर पड़ता है और यह कैंसर पूरे मुंह में भी फैल सकता है. अगर जीभ के कैंसर का समय रहते पता ना लगाया जाए और समय पर इलाज ना हो तो जैसे-जैसे कैंसर की स्टेज बढ़ती है उतना ही खतरा भी बढ़ता जाता है. ऐसे में यहां जानिए जीभ के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं और किस तरह पहचाने जा सकते हैं.
जीभ के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं | Tongue Cancer Symptoms
सफेद या लाल चकत्ता
जीभ का कैंसर होने पर जीभ के ऊपर, सामने की तरफ या किनारे पर सफेद या लाल रंग का चकत्ता नजर आ सकता है. अगर 3 हफ्तों से ज्यादा यह चकत्ते नजर आते हैं तो यह जीभ के कैंसर का लक्षण हो सकता है.
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गले पर पड़ता है प्रभाव
जीभ के कैंसर में गले पर प्रभाव नजर आने लगता है. गला खराब रहने लगता है, ऐसा महसूस होता है कि गले में कुछ अटका हुआ है और गले से कुछ निगलने में भी परेशानी महसूस हो सकती है.
मुंह और जीभ का सुन्न पड़ना
अगर अक्सर ही आपको अपनी जीभ या मुंह सुन्न महसूस होते हैं तो यह जीभ के कैंसर का लक्षण हो सकता है. जीभ के कैंसर में कुछ चबाने या फिर जीभ को यहां से वहां घुमाने में भी परेशानी हो सकती है.
आवाज में बदलाव
मुंह के कैंसर (Oral Cancer) में आवाज में बदलाव आना एक आम लक्षण होता है. इसमें जबड़े में सूजन आ सकती है, जबड़ा ठीक तरह से हिलाने में परेशानी हो सकती है और आवाज बदली हुई सुनाई पड़ती है सो अलग.
क्या जीभ के कैंसर का इलाज हो सकता है
जीभ के कैंसर का इलाज हो सकता है. लेकिन, इस कैंसर को पहले स्टेज में ही या कहें जल्द से जल्द पहचानकर इलाज करवाना जरूरी होता है. अगर बहुत ज्यादा इंतजार किया जाए तो कैंसर ज्यादा गंभीर हो सकता है. कैंसर की एडवांस्ड स्टेज में इलाज मुश्किल हो सकता है. वहीं, कैंसर का इलाज ट्यूमर (Tumor) की लोकेशन पर भी निर्भर करता है. अगर जीभ के सामने ट्यूमर हो तो इसे निकालना आसान होता है और अगर जीभ के बेस पर ट्यूमर हो तो इसे निकालना मुश्किल हो सकता है.
जीभ के कैंसर के ट्रीटमेंट (Tongue Cancer Treatment) में ट्यूमर वाले हिस्से को निकाल दिया जाता है. इसमें रेडिएशन थेरैपी का इस्तेमाल होता है जिसमें हाई एनर्जी रेज कैंसर सेल्स को मारती हैं. यह ज्यादातर सर्जरी के बाद की जाती है. कीमोथेरैपी से कैंसर के सेल्स को खत्म किया जाता है. एडवांस्ड स्टेज में रेडिएशन थेरैपी और कीमोथेरैपी साथ दी जाती है. इसके अलावा, टार्गेटेड थेरैपी या इम्यूनोथेरैपी दी जाती है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.