News24 हिंदी
न्यूज 24 डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।
Read More---विज्ञापन---
Cancer Prevention: अलग-अलग धर्म के लोग अपने नियम अनुसार धर्म का पालन करते हैं और उस हिसाब से उपवास रखते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि उपवास रखना सिर्फ धार्मिक या आध्यात्मिक नहीं बल्कि स्वास्थ्य के हिसाब से भी अच्छा होता है। एक रिसर्च में पाया गया है कि कैसे उपवास रखने से कैंसर होने का खतरा कम होता है।
कैंसर का नाम सुनते ही लोगों के जेहन में एक डर बन जाता है, आज भले ही कैंसर का इलाज संभव है लेकिन इसका इलाज अपने आप में एक लंबी प्रक्रिया होती है जिससे मरीज इस बीमारी से लड़ने की क्षमता खोने लगता है। हालांकि, इस क्षेत्र में रिसर्च से ट्रीटमेंट के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं, जिससे इस बीमारी से लोगों की जान बचाई जा सकती है। ऐसे ही हुए एक शोध में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने के लिए एक स्ट्रेटजी बताई गई है, इसमें जल्दी रिजल्ट पाने का तरीका उपवास रखने से है।
इस मेडिकल स्टडी में पाया गया है कि उपवास कैसे कैंसर की कोशिकाओं को प्रभावित करता है। चूहों पर किए गए शोध से पता चला है कि उपवास कैंसर के खिलाफ शरीर के नेचुरल डिफेंस सिस्टम को मजबूत बनाता है। यह इम्यून सिस्टम का महत्वपूर्ण घटक है जो कैंसर सेल्स पर हमला करने के लिए काम करते हैं।
ये भी पढ़ें- खाली पेट रोजाना चबाएं ये पत्ते; डायबिटीज-बीपी रहेगा कंट्रोल, जीवनभर रहेंगे स्वस्थ!
जर्मन कैंसर रिसर्च सेंटर की एक अन्य स्टडी में लीवर के स्वास्थ्य और कैंसर के खतरे पर इंटरमिटेंट फास्टिंग के प्रभावों का पता लगाया गया है, और चूहों पर उनके निष्कर्ष से पता चला है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग प्रोग्राम (पांच दिन नियमित भोजन और उसके बाद दो दिन प्रतिबंधित कैलोरी सेवन) फैटी लीवर, लीवर की सूजन से लेकर लीवर के कैंसर के खतरे को कम कर सकता है।

Cancer Prevention Study
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉक्टरों का मानना है कि उपवास कैंसर के खतरे को कम करने में आशाजनक हो सकता है या नहीं, यह बात पूरी तरह इंसुलिन के स्तर में सेलुलर प्रक्रियाओं पर संभावित प्रभाव पर निर्भर करता है। हाई इंसुलिन लेवल से कैंसर सेल्स की बढ़ोतरी होती है। उपवास, इंसुलिन के स्तर को कम करता है जिससे कैंसर का खतरा कम होता है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, व्रत करने से बॉडी में नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स बढ़ते हैं। यह कैंसर कोशिकाओं को पनपने नहीं देता है। हालांकि, यह सभी मरीजों के लिए फायदेमंद होगा या नहीं, इसको लेकर कोई रिसर्च नहीं की गई है। कैंसर एक जानलेवा बीमारी है जिसमें देरी करना घातक हो सकता है इसलिए उपवास रखना कठिन हो सकता है। यदि कोई मरीज ऐसा करना चाहता है तो पहले अपने डॉक्टर से सलाह मशवरा कर लें।
ये भी पढ़ें- बढ़ती उम्र के साथ बढ़ेगी जवानी, सफेद नहीं होंगे बाल, ब्यूटी एक्सपर्ट से जानें 5 Beauty Tips
न्यूज 24 पर पढ़ें हेल्थ, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।