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बैठे-बैठे पैर हिलाना चाहिए या नहीं? डॉक्टर ने बताया ये आदत अच्छी है या बुरी

Is Leg Shaking Normal: क्या आप भी अक्सर ही बैठे-बैठे पैर हिलाते हैं? अगर हां, तो यहां जानिए यह आदत नॉर्मल है या नहीं और इससे शरीर पर अच्छा या बुरा किस तरह का प्रभाव पड़ता है.

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Leg Shaking Effects: ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें अक्सर ही पैर हिलाने की आदत होती है. खासकर कुर्सी पर बैठे-बैठे ये लोग पैर हिलाने लगते हैं. पैर कभी धीमी गति से या कभी तेज गति से हिलाया जाता है. ऐसे में आस-पास बैठे लोग झड़पकर कह देते हैं कि पैर मत हिलाओ यह आदत सही नहीं है. वहीं, पैर हिलाने को एंजाइटी, स्ट्रेस या डिहाइड्रेशन से भी जोड़कर देखा जाता है. लेकिन, डॉ. रोहिणी पाटिल का कुछ और ही कहना है. अपने इंस्टाग्राम हैंडल से डॉ. रोहिणी पाटिल एक वीडियो शेयर किया है और बताया है कि बैठे-बैठे पैर हिलाने पर क्या होता है.

पैर हिलाने पर क्या होता है

आमतौर पर कहा जाता है कि बैठे-बैठे पैर हिलाना ठीक नहीं होता है. लेकिन, यह सच नहीं है. डॉ. रोहिणी पाटिल का कहना है कि बहुत से लोगों को लगता है कि बैठे-बैठे पैर हिलाना नर्वस होने का साइन है या व्यक्ति एंजाइटी में ऐसा करता है मगर रिएलिटी में बैठे-बैठे पैर हिलाना सबसे अच्छी एक्सरसाइज हो सकती है. आप बैठे-बैठे पैर हिलाकर 350 एक्स्ट्रा कैलोरीज घटा सकते हैं.

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पैर हिलाने की ये माइक्रो मूवमेंट्स ट्विच फाइबर्स को एक्टिवेट करती हैं जिससे मेटाबॉलिक रेट 28% तक बढ़ता है. यह 65% स्टैंडिंग ब्लड फ्लो को मेंटेन करता है.

लेग शेकिंग मसल पंप क्रिएट करता है, ब्लड को एकबार फिर दिल तक धकेलता है जिससे ब्लड फ्लो बेहतर होने लगता है. इससे एंकल्स की सूजन भी 45% तक कम होती है, साथ ही इससे इंसुलिन सेंसिटिविटी 24% तक बेहतर होती है. अगर आपको अक्सर ही कमर में दर्द होता है तो पैर हिलाते रहने से आपका कमर दर्द भी कम हो सकता है.

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पैर हिलाने के और भी हो सकते हैं कारण

  • कई लोग पैर हिलाने के आदी होते हैं और एनर्जी बूस्ट करने के लिए आदतन पैर हिलाते हैं.
  • कई बार एंजाइटी (Anxiety) और स्ट्रेस के कारण भी लोग बिना महसूस किए ही पैर हिलाने लगते हैं.
  • डिहाइड्रेशन और लो ब्लड प्रेशर में व्यक्ति पैर हिला सकता है.
  • कई बार बहुत ज्यादा कैफीन या शराब के सेवन से व्यक्ति का पैर खुद ही हिलना शुरू हो जाता है.
  • शरीर में विटामिन बी12 की कमी, आयरन की कमी, मैग्नीशियम की कमी और पौटेशियम की कमी होने पर इस तरह पैर हिल सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.


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First published on: Jan 22, 2026 11:20 AM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती है. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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