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घुटने में दर्द की वजह से नहीं कर पाते वॉक तो डॉक्टर ने बताया कैसे रहें फिट, ये 2 तरीके घटाएंगे वजन

Weight Loss In Knee Pain: घुटनों के दर्द के कारण एक्सरसाइज या वॉक करना मुश्किल हो जाता है तो यहां जानिए किस तरह तकलीफ से राहत मिल सकती है. ऑर्थोपेडिक सर्जन की दी सलाह आपके काम आएगी.

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Knee Pain And Weight Loss: घुटनों के दर्द से परेशान लोगों के सामने एक बड़ी दिक्कत यह आती है कि पैरों में दर्द के कारण वे ज्यादा एक्टिव नहीं रह पाते हैं. एक्सरसाइज ना करने पर वजन बढ़ता है जिससे घुटनों की तकलीफ बढ़ती है. खासतौर से घुटनों के अर्थराइटिस के मरीजों के सामने यह दिक्कत आती है. इसी बारे में बताते हुए ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. देवांश गोयल ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट शेयर किया है और बताया है कि घुटनों के दर्द में कौन सी एक्सरसाइज (Exercise) मददगार साबित हो सकती है.

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घुटनों के दर्द में वॉक करना क्यों है मुश्किल

डॉक्टर कहते हैं कि अक्सर ही लोगों के सामने एक बड़ी उलझन यह आती है कि उनके एक्सरसाइज ना करने या ना चलने के कारण वजन बढ़ता है और पैरों में दर्द होने लगता है, वहीं वे पैरों के दर्द की वजह से ही चल नहीं पाते हैं. लेकिन, यह समझना जरूरी है कि ना चलने-फिरने से वजन बढ़ने लगता है और घुटने पर दबाव भी बढ़ने लगता है. इसीलिए वजन कम करना बेहद जरूरी है.

घुटनों के दर्द में कैसे करें एक्सरसाइज

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जब एक्सरसाइज की बात की जाती है तो लक्ष्य होता है कि कैलोरी ज्यादा बर्न हो, कार्डियोवैस्कुरल फिटनेस बेहतर हो और मसल्स की स्ट्रेंथ बढ़े. मकसद आपके घुटनों को ओवरलोड करना नहीं है. अगर आपको घुटनों के दर्द के साथ चलने-फिरने में दिक्कत आती है तो आप 2 तरीके आजमा सकते हैं – स्टेशनरी साइक्लिंग और स्विमिंग.

स्टेशनरी साइक्लिंग – स्टेशनरी साइकिल घर के किसी कोने में रखी जा सकती है और वहीं खड़े-खड़े ही चलती है. इससे आपको बाहर भी जाने की जरूरत नहीं पड़ती और आप घर के अंदर ही साइक्लिंग कर लेते हैं. लेकिन, स्टेशनरी साइक्लिंग में 2 बातों का ध्यान रखें कि आपको रेजिस्टेंस लेवल लो या मोडरेट रखना है और अपनी सीट पॉजीशन को हाई रखना है जिससे घुटने के ऊपर कम से कम स्ट्रेस पड़े. इसके अलावा आपको अपर बॉडी स्ट्रेंथनिंग और कोर स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज करने पर फोकस करना चाहिए.

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स्विमिंग – स्विमिंग वेट लॉस के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है. इसमें फुल बॉडी एक्सरसाइज हो जाती है और घुटनों पर ज्यादा दबाव भी नहीं पड़ता है. डॉक्टर का कहना है कि स्विमिंग आपकी कार्डियोवैस्कुरल मसल्स के लिए बहुत अच्छी है और वेट लॉस में काफी इफेक्टिव होती है. इससे घुटनों पर ज्यादा लोड भी नहीं पड़ता है.

डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर आप घुटनों के दर्द की वजह से एक्सरसाइज नहीं कर पाते हैं तो इन 2 एक्सरसाइज को अपने रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.  

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First published on: Jul 02, 2026 04:27 PM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा को अपनी परफॉर्मेंस और सबसे ज्यादा नंबर जनरेटिंग स्टोरी के लिए वेल डन कार्ड्स मिल चुके हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. अपनी फिक्शन स्टोरी के लिए सीमा को 2 बार बेस्ट स्टोरी इन फिक्शन का अवॉर्ड मिला है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. इसी चलते सीमा को NDTV से रिवॉर्ड एंड रेकेग्निशन (एम्पलॉई ऑफ द मंथ) मिला है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. अपने कॉलेज के दिनों में सीमा कई सोसाइटीज से जुड़ी रही हैं और लिटररी सोसाइटी में प्रेसिडेंट की भूमिका निभा चुकी हैं. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. सीमा वर्क और पर्सनल लाइफ बैलेंस पर विश्वास करती हैं. जब वे काम नहीं कर रही होती हैं तो किताबें पढ़ना पसंद करती हैं या गाने सुन रही होती हैं. अपने बुकशेल्फ को फ्लॉन्ट करना और अपनी प्लेलिस्ट के लिए तारीफ सुनना सीमा को अच्छा लगता है. सीमा ट्रेवलिंग, फैमिली मूवी टाइम, अच्छी किताबें पढ़ना, कथक करना (जोकि वे सीख रही हैं) और अपने दोस्तों से घंटों लंबी बातें करना टॉप टियर एक्सपीरियंस मानती हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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