---विज्ञापन---

हेल्थ angle-right

लू और धूम्रपान का फेफड़ों पर डबल अटैक! एशियन हॉस्पिटल के डॉक्टर ने कहा खतरे की घंटी हो सकते हैं ये लक्षण

Smoking In Heatwave: सिगरेट पीने वाले गर्मियों में भी सिगरेट से दूरी नहीं बनाते हैं. लेकिन, सिगरेट पीना गर्मियों में फेफड़ों के लिए कई ज्यादा खतरनाक हो सकता है. इसी बारे में बता रहे हैं एशियन हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर और हेड डॉ. सुनील राणा.

---विज्ञापन---

Lung Health: देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव ने लोगों की सेहत पर गंभीर असर डालना शुरू कर दिया है. ऐसे मौसम में धूम्रपान करने वालों के लिए खतरा कई गुना बढ़ जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि हीटवेव (Heatwave) और स्मोकिंग का कॉम्बिनेशन फेफड़ों पर डबल अटैक की तरह काम करता है जिससे सांस संबंधी समस्याएं, फेफड़ों की सूजन और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. धूम्रपान अकेला भी फेफड़ों को कई हद तक डैमेज करता है और गर्मियों में धूम्रपान किया जाता है तो फेफड़ों पर दोहरी मार पड़ती है. इसी बारे में बता रहे हैं एशियन हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर और हेड, डॉ. सुनील राणा. डॉक्टर का कहना है कि अगर आप गर्मियों में सिगरेट पीते हैं तो आपको शरीर पर दिखने वाले कुछ लक्षणों को कभी इग्नोर नहीं करना चाहिए.

यह भी पढ़ें – क्या बीड़ी-सिगरेट बिगाड़ सकते हैं पुरुषों की सेक्सुअल हेल्थ? पुरुष यौन रोग विशेषज्ञ ने दिया जवाब

---विज्ञापन---

गर्मियों में सिगरेट पीने का फेफड़ों पर असर

डॉ. सुनील राणा कहते हैं कि लू के दौरान शरीर को तापमान नियंत्रित रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है. ऐसे समय में स्मोकिंग (Smoking) फेफड़ों और हृदय दोनों पर अतिरिक्त दबाव डालती है. इससे सांस फूलना, सीने में जकड़न और ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

विशेषज्ञ बताते हैं कि अत्यधिक गर्मी में शरीर डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकता है. पर्याप्त पानी की कमी से श्वसन तंत्र की नमी घटती है और एयरवे अधिक संवेदनशील हो जाती हैं. दूसरी ओर सिगरेट के धुएं में मौजूद टॉक्सिन्स और केमिकल्स इन एयरवेज को और ज्यादा इरिटेट करते हैं. इसका असर विशेष रूप से उन लोगों पर ज्यादा दिखता है जिन्हें पहले से अस्थमा, एलर्जी, सीओपीडी या अन्य फेफड़ों की बीमारी हो. डॉक्टर बताते हैं किसिगरेट का धुआं फेफड़ों की सफाई करने वाली सिलिया को नुकसान पहुंचाता है. हीटवेव में हवा का तापमान और प्रदूषण बढ़ने से यह नुकसान तेजी से बढ़ सकता है जिससे संक्रमण और सूजन का खतरा बढ़ जाता है.

---विज्ञापन---

खतरे की घंटी हो सकते हैं ये लक्षण

हीटवेव और स्मोकिंग का एक साथ असर धीरे-धीरे भी सामने आ सकता है और अचानक भी. ऐसे में कुछ लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जैसे लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ होना, सीने में दर्द या जकड़न महसूस होना, सामान्य से ज्यादा थकान, चक्कर आना या कमजोरी हो जाना, व्हीजिंग या सांस लेते समय आवाज आना. अगर ये लक्षण गर्मी के दौरान बढ़ने लगें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

---विज्ञापन---

पेसिव स्मोकिंग भी कम खतरनाक नहीं

सिर्फ स्मोकिंग करने वाले ही नहीं बल्कि धुएं के संपर्क में रहने वाले लोग भी जोखिम में होते हैं. घर या बंद जगहों में धूम्रपान करने से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के फेफड़ों पर गंभीर असर पड़ सकता है. डॉ. सुनील राणा कहते हैं, गर्मी में पेसिव स्मोकिंग का प्रभाव भी ज्यादा महसूस हो सकता है क्योंकि गर्म और बंद वातावरण में धुएं के कण अधिक समय तक मौजूद रह सकते हैं.

---विज्ञापन---

बचाव के लिए क्या करें

  • स्मोकिंग कम करें या छोड़ने की कोशिश करें
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
  • दोपहर की तेज धूप में बाहर जाने से बचें
  • सांस की बीमारी वाले मरीज इनहेलर या दवाएं नियमित लें
  • घर और कार्यस्थल को हवादार रखें
  • सांस लेने में तकलीफ होने पर मेडिकल सलाह लें.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हीटवेव एक मौसमी चुनौती है लेकिन स्मोकिंग एक ऐसा जोखिम है जिसे नियंत्रित किया जा सकता है. इसलिए गर्मी के मौसम में फेफड़ों की सुरक्षा के लिए धूम्रपान से दूरी सबसे प्रभावी कदम साबित हो सकता है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें – World Brain Tumor Day 2026: ब्रेन ट्यूमर होने के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं? क्या सिर में दर्द होना भी है संकेत, जानिए यहां

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

---विज्ञापन---
First published on: Jun 08, 2026 12:04 PM

End of Article

About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. दिल्ली प्रेस और डायमंड पब्लिशिंग हाउस के लिए मैग्जीन में काम करने के बाद NDTV में साढ़े तीन साल कार्यरत रहीं. लाइफस्टाइल और सेहत बीट में गहन रुचि और लगभग छह साल का अनुभव लेकर न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर लिख रही हैं.

Read More

Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. दिल्ली प्रेस और डायमंड पब्लिशिंग हाउस के लिए मैग्जीन में काम करने के बाद NDTV में साढ़े तीन साल कार्यरत रहीं. लाइफस्टाइल और सेहत बीट में गहन रुचि और लगभग छह साल का अनुभव लेकर न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर लिख रही हैं.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola