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जहरीली हवा से फेफड़ों को बचाएगा यह काढ़ा, न्यूट्रिशनिस्ट ने बताई Kadha बनाने की रेसिपी

Homemade Kadha: यह काढ़ा पीकर एक नहीं बल्कि कई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें दूर होती हैं. न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि खासतौर से आती हुई सर्दियों में यह काढ़ा बनाकर जरूर पीना चाहिए.

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Healthy Tips: दिवाली के बाद से एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़ गया है जिससे कई इलाके रेड जोन की गिनती में आ गए हैं. ऐसे में यह जहरीली हवा श्वसन तंत्र को खासतौर से प्रभावित करती है. फेफड़ों और सांस संबंधी दिक्कतों के अलावा इस प्रदूषित हवा से खांसी, जुकाम और गला दर्द की दिक्कत भी हो जाती है. ऐसे में न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से एक पोस्ट शेयर किया है जिसमें उन्होंने बताया है कि किस तरह इस होममेड काढ़ा (Homemade Kadha) बनाकर पिया जा सकता है. न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि आती हुई सर्दियों में यह काढ़ा आपको मौसमी दिक्कतों से भी बचाता है. इसीलिए आपको आने वाले 3-4 महीनों में यह काढ़ा पीते रहना चाहिए. यहां जानिए काढ़ा बनाने की रेसिपी (Kadha Recipe) और इसके फायदों के बारे में.

खांसी-जुकाम को दूर रखेगा यह काढ़ा

न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया कि यह काढ़ा पीने पर फेफड़ों में जमी गंदगी निकलती है, फेफड़े मजबूत होते हैं और जहरीली हवा से बचते हैं सो अलग.

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काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले पतीले में एक गिलास पानी डालें और उसमें 2-3 लौंग, आधा चम्मच हल्दी, चुटकीभर काली मिर्च, तुलसी के कुछ पत्ते और गुड़ का एक टुकड़ा डालकर अच्छे से पका लें. यह काढ़ा छानकर कप में निकालें और इसमें एक चम्मच के करीब नींबू का रस डालें. बस तैयार है आपका काढ़ा. इसे चुस्कियां लेते हुए पिएं.

यह काढ़ा पीने के फायदे

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तुलसी – घरों में आसानी से मिल जाने वाली तुलसी (Tulsi) नेचुरल डिटॉक्सिफायर की तरह काम करती है. यह बलगम को हटाती है जिससे सांस लेना आसान हो जाता है.

लौंग – गले में हो रही इरिटेशन को कम करने में लौंग फायदेमंद होती है. इससे फेफड़ों के टिशूज प्रदूषण से होने वाले डैमेज से बचते हैं.
हल्दी – हल्दी में मौजूद करक्यूमिन इंफेलेमेशन को कम करता है और इसके सेवन से शरीर में जमा गंदे टॉक्सिंस फ्लश होकर बाहर निकल जाते हैं.
काली मिर्च – काली मिर्च हल्दी के एब्जॉर्प्शन में मददगार है. इससे शरीर को डिटॉक्स होने में मदद मिलती है.
गुड़ – यह फेफड़ों की सफाई में अहम होता है. गुड़ फेफड़ों से धूल के कणों को हटाता है.
नींबू का रस – विटामिन सी से भरपूर नींबू का रस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है. इससे ऑक्सीजन का फ्लो भी बेहतर होता है.

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कब पीना चाहिए काढ़ा

न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह है कि इस काढ़े को दिन में एक बार हल्का गर्म करके पिएं. खासतौर से इसे सुबह के समय पीना फायदेमंद होता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

First published on: Oct 22, 2025 10:41 AM

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