क्या HIV और AIDS एक ही हैं? डॉक्टर ने बताया कि हर एचआईवी एड्स में बदलता है या नहीं

HIV And AIDS Difference: एम्स नई दिल्ली के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल से जानिए एचआईवी और एड्स अलग-अलग हैं या एक ही होते हैं. डॉ. नीरज निश्चल ने HIV-AIDS से जुड़ी जरूरी जानकारी साझा की है.

HIV AIDS

एचआईवी और एड्स में क्या अंतर है? AI Generated Image

HIV-AIDS Symptoms: एचआईवी आज भी उन बीमारियों में शामिल हैं जिन्हें लेकर समाज में सबसे ज्यादा भ्रम और गलतफहमियां निहित हैं. इन्हीं गलतफहमियों और जानकारी की कमी के चलते लोग समय पर इलाज नहीं ले पाते और एचआईवी गंभीर स्टेज तक पहुंच जाता है. ऐसे में अनेक लोग हैं जो एचआईवी और एड्स को एक ही परेशानी समझते हैं और दोनों में अंतर नहीं समझ पाते. इसी कंफ्यूजन को दूर कर रहे हैं AIIMS, नई दिल्ली के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल. आइए डॉ. नीरज निश्चल से ही जानते हैं एचआईवी और एड्स क्या हैं.

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क्या है एचआईवी

डॉक्टर बताते हैं कि एचआईवी और एड्स एक नहीं हैं. एचआईवी वह वायरस है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर हमला करता है. खासकर यह सीडी-4 कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, ये वही कोशिकाएं हैं जो शरीर को बीमारियों से बचाती हैं. एचआईवी के साथ जीने वाला व्यक्ति सालों तक बिना किसी लक्षण के सामान्य जीवन जी सकता है, खासकर तब जब वो सही इलाज ले रहा हो.

एड्स क्या होता है

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AIDS यानी एक्वायर्ड इम्यूनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम HIV संक्रमण की आखिरी और गंभीर अवस्था है. इसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमजोर हो जाती है.

क्या एचआईवी मरीज को एड्स हो जाता है

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एचआईवी से पीड़ित हर व्यक्ति को एड्स नहीं होता है. अगर समय पर जांच करवाई जाए और एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी से इलाज शुरू हो जाए तो बहुत से लोग एड्स की अवस्था तक पहुंचे बिना लंबी और स्वस्थ जिंदगी जी सकते हैं.

एचआईवी और एड्स के क्या लक्षण होते हैं

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HIV का समय पर इलाज ना करवाया जाए तो दिक्कत बढ़ती जाती है. इसे 3 स्टेजों में बांटा गया है जिनमें शरीर पर लक्षण (HIV Symptoms) अलग-अलग नजर आ सकते हैं. पहली स्टेज एचआईवी का संक्रमण होना है, दूसरी स्टेज है क्रोनिक एचआईवी इंफेक्शन जिसमें इंफेक्शन लंबे समय से व्यक्ति के शरीर में रहता है और तीसरी स्टेज है एड्स जिसमें एचआईवी गंभीर होकर एड्स का रूप ले लेता है.

स्टेज 1 – अक्यूट एचआईवी इंफेक्शन

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  • इस स्टेज में व्यक्ति के खून में एचआईवी की मात्रा ज्यादा होती है
  • बहुत से लोगों को सामान्य फ्लु जैसे लक्षण नजर आते हैं.

स्टेज 2 – क्रोनिक एचआईवी इंफेक्शन

  • इस स्टेज को असिम्टोमेटिक एचआईवी इंफेक्शन या क्लिनिकल लेटेंसी कहते हैं
  • एचआईवी एक्टिव होता है और शरीर में बढ़ता रहता है
  • इस स्टेज में शरीर पर लक्षण ना भी दिखें तब भी व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में एचआईवी फैल सकता है
  • इस स्टेज में एचआईवी का ट्रीटमेंट शुरू ना करवाया जाए तो व्यक्ति को एड्स हो सकता है
  • यह स्टेज दस सालों से भी ज्यादा रह सकती है और इसके बाद एड्स की स्टेज आती है.

स्टेज 3 – एक्वायर्ड इम्यूनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम यानी AIDS

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  • यह एचआईवी की आखिरी और सबसे खतरनाक स्टेज है
  • इस स्टेज में मरीज का इम्यून सिस्टम डैमेज हो जाता है
  • शरीर गंभीर बीमारियों की चपेट में आने लगता है
  • ट्रीटमेंट के बिना व्यक्ति लंबे समय तक नहीं जी पाता है
  • बुखार रहता है, स्किन बदलने लगती है, ग्लैंड्स फूल जाते हैं, शरीर में थकान रहती है, तेजी से वजन कम होता है, ओरल थ्रश हो सकता है और त्वचा पर चकत्ते या रैशेज नजर आ सकते हैं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source - AIIMS

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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