फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा लक्षण क्या है? मेदांता हॉस्पिटल के डॉक्टर ने बताया Lung Cancer के शुरुआती संकेत कैसे पहचानें

Lung Cancer Treatment: फेफड़ों का कैंसर होने पर इसका कैसे पता लगाया जाता है और इस कैंसर में शरीर पर किस तरह के लक्षण नजर आते हैं यह बता रहे हैं मेदांता हॉस्पिटल के डॉ. अरविंद कुमार. यहां जानिए फेफड़े के कैंसर के शुरुआती लक्षण किस तरह पहचाने जा सकते हैं.

Lung Cancer treatment

स्टेज 1 फेफड़ों के कैंसर के क्या लक्षण हैं?

Fefde Ka Cancer: पिछले कुछ दशकों में फेफड़ों के कैंसर (Lung Cancer) के मामले तेजी से बढ़ते हुए देखे जा रहा हैं. इसीलिए फेफड़े के कैंसर का जल्द से जल्द पता लगाकर इलाज करना जरूरी होता है. इसी बारे में बता रहे हैं डॉ. अरविंद कुमार. अपने सोशल मीडिया अकाउंट से डॉ. अरविंद कुमार ने वीडियो शेयर कर जानकारी दी है कि फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण (Lung Cancer Early Signs) क्या होते हैं. डॉ. अरविंद कुमार चेस्ट सर्जरी स्पेशलिस्ट हैं, उन्होंने एमबीबीएस और एमएस AIIMS से किया है और मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम में इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट सर्जरी, चेस्ट ओनको-सर्जरी एंड लंग ट्रांसप्लांटेशन के चेयरमेन हैं. यहां जानिए डॉक्टर ने फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या बताए हैं.

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फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा लक्षण क्या है

डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि फेफड़े के कैंसर के लक्षण बहुत सारे हो सकते हैं और कई बार कोई लक्षण नहीं नजर आता. जब व्यक्ति मेडिकल चेकअप के लिए या किसी और कारण से चेस्ट एक्सरे या सीटी स्कैन कराता है तो उसके बाद इंवेसिटेगेशन करने पर फेफड़ों के कैंसर का पता चलता है. इसे एसिस्टेमेटिक या इंसिडेंटली डिटेक्टेड फेफड़े का कैंसर कहते हैं जिसे शुरुआती स्टेज (Early Stage) में पकड़ा जा सकता है. लेकिन, जब ट्यूमर बढ़ता है तो उसके अलग-अलग लक्षण दिखने लगते हैं.

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डॉक्टर ने बताया कि फेफड़ों का कैंसर होने पर सबसे बड़ा और सामान्य लक्षण होता है खांसी जो जाती नहीं है. इसका मतलब है लगातार खांसी होना या खांसी के साथ ही खून आने लगना. यह फेफड़ों के कैंसर का एक बड़ा लक्षण होता है. डॉक्टर का कहना है कि अगर खांसते हुए एक बूंद भी खून आ रहा है तो डॉक्टर से तुरंत परामर्श लेना जरूरी है. फेफड़ों के कैंसर में बाकी सभी लक्षण बाद की स्टेज में नजर आते हैं.

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फेफड़ों के कैंसर का इलाज कैसे होता है?

शुरुआती स्टेज में फेफड़ों का कैंसर होने पर सर्जरी की जाती है. डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि अगर फेफड़े का कैंसर सीमित है या छाती की ग्रंथियों में गया है तो उस हिस्से को पूरी तरह निकाल दिया जाता है. शुरुआत में कैंसर शरीर के बाकी हिस्सों में नहीं फैलता है इसीलिए फेफड़े के कैंसर वाले हिस्से को सर्जरी से निकाल देने पर कैंसर ठीक हो जाता है. बाद में रिपोर्ट्स देखने के बाद कीमोथेरैपी की जरूरत भी पड़ सकती है, लेकिन प्राइमेरी ट्रीटमेंट सर्जरी है.

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सर्जरी के अलावा, रेडिएशन थेरैपी, कीमोथेरैपी या सिस्टेमेटिक थेरैपी और टैबलेट्स देकर की जाने वाली टार्गेटेड थेरैपी से फेफड़े के कैंसर का इलाज (Lung Cancer Treatment) होता है.

क्या फेफड़ों का कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकता है?

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फेफड़े के कैंसर में अगर ट्यूमर शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक फैल जाता है तो इसमें हमेशा के लिए कैंसर ठीक होना मुमकिन नहीं है. डॉक्टर ने बताया कि अगर पूरे शरीर में कैंसर की सेल्स एक बार फैल गईं तो वो कभी ना कभी एक्टिव जरूर हो जाती हैं. इसीलिए फेफड़े के कैंसर का शुरुआती लक्षण में इलाज जरूरी है क्योंकि इसमें इलाज संभव है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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