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Breathing Problems Symptoms: साउथ सुपरस्टार मोहन लाल की अचानक तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती करवाया गया, उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, साथ ही तेज बुखार भी था। सांस लेने में परेशानी महसूस करना एक गंभीर स्थिति हो सकती है। इसे मेडिकल भाषा में डिस्पेनिया कहा जाता है। इसके संकेत और लक्षण समय रहते समझ लिए जाए तो बेहतर है नहीं तो परिणाम जानलेवा हो सकते हैं। सांस की तकलीफ से किसी भी उम्र के लोग पीड़ित हो सकते हैं, सांस फूलना इसका एक प्रमुख संकेत है। जानते हैं सांस लेने से जुड़ी सभी बातों को।
अगर किसी को सांस लेने में परेशानी हो रही है तो इन संकेतों की मदद से पहचान की जा सकती है, जैसे चक्कर आना या बेहोशी होना। कुछ लोगों को सांस की समस्या होने पर बार-बार चक्कर और बेहोशी जैसी चीजें होती है। गर्दन में दर्द होना भी एक संकेत हो सकता है। कई मामले में लोगों को छाती में चोट लग जाती है जो आंतरिक होती है, इसमें बाहरी रूप से कुछ पता नहीं चलता मगर सांस लेने में कठिनाई आ सकती है। सांस लेते समय तेज आवाज आना, थकान और डर की भावना होना, वेट लॉस, ध्यान लगाने में परेशानी होना भी इसके लक्षण हो सकते हैं।
इस समस्या के कई कारण हो सकते हैं जैसे दिल की बीमारी आदि। कभी-भी सांस लेते समय गले में कुछ फंस जाता है या फिर खाना खाते समय सांस नली से खाना निगलने से ये समस्या हो सकती है। जो लोग धुएं वाली जगहों पर ज्यादा समय बिताते है उन्हें भी यह परेशानी हो सकती है। बैक्टीरियल इंफेक्शन होने से भी सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। मोटे लोगों को भी सांस लेने मे परेशानी आ सकती हैं, ऐसे लोग ज्यादा चलने-फिरने से भी परहेज करते हैं। अस्थमा के मरीजों में सांस की समस्या होती है। अगर कोई इंसान पहले से ही किसी प्रकार की एलर्जी से पीड़ित है तो उसे भी सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। वोकल कोर्ड की समस्या से भी सांस लेने में दिक्कत आ सकती है। इसके अलावा जो लोग अधिक धूम्रपान करते हैं उन्हें भी सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती है।
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इसके लिए आपको कुछ बातों पर ध्यान देना होगा, जैसे अपने खाने को अच्छे से चबा-चबाकर खाएं। खाना खाने में कोई जल्दबाजी न करें, आराम से और सही से खाना खाएं। छोटे बच्चों को भी जबरदस्ती खाना खिलाने की कोशिश न करें, साथ ही छोटे बच्चों के आसपास नुकीली और छोटी-छोटी न रखें, वे इन चीजों को नाक के जरिए निगल सकते हैं। शराब का सेवन करने से परहेज करें। स्मोकिंग से बचें तथा प्रदूषित वातावरण से दूर रहें। यदि कोई अंदरूनी परेशानी महसूस हो रही हो और आपको इसे समझने में मुश्किल हो रही है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। अगर सांस लेने की समस्या बनी रहती है तो पहाड़ी इलाकों में सफर करने से बचना चाहिए। अपने वजन पर नियंत्रण रखें।

breathing problems
सांस से जुड़ी समस्याओं में अस्थमा, पल्नोमरी डिजीज जो फेफड़ों की गंभीर बीमारी हो सकती है का खतरा रहता है। निमोनिया और लंग डिजीज भी ऑक्सीजन से जुड़ी बीमारी है। सांस लेने में दिक्कत होने पर हार्ट फेलियर हो सकता है। इसमें हाई ब्लड प्रेशर, एनीमिया और मोटापा भी शामिल है। सांस लेने में दिक्कत हो को एलर्जी हो सकती है, स्ट्रेस और बेचैनी बढ़ सकती है। सांस लेने में कमी होने पर शरीर को किसी भी काम को करने में ज्यादा मेहनत लगती है।
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