Mango In Diabetes: क्या डायबिटीज के मरीज आम खा सकते हैं? जानिए कितनी मात्रा है सुरक्षित
Can Diabetics Eat Mango: शुगर की समस्या आज के वक्त में इतनी आम हो चली है कि बड़े उम्र के लोगों के साथ-साथ कम उम्र के बच्चे भी तेजी से इस गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं. लेकिन इसी बीच अक्सर गर्मियों में सवाल उठता है कि क्या डायबिटीज के मरीज आम खा सकते हैं? आइए जानते हैं कितना आम खाना सेहत के लिए सुरक्षित है.
Edited By : Azhar Naim|Updated: May 31, 2026 19:09
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शुगर के मरीज आम खा सकते हैं? (Image: AI)
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गर्मियों का मौसम आते ही बाजार में आम की भरमार दिखाई देने लगती है, यह एक ऐसा फल है, जिसे शायद ही कोई न पसंद करता हो. आम का रसीला व मीठा स्वाद इसे सभी फलों का राजा बनाता है. लेकिन डायबिटीज से पीड़ित लोगों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या आम खाने से उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, आम में प्राकृतिक शर्करा मौजूद होती है, इसलिए डायबिटीज रोगियों को इसका सेवन सोच-समझकर करना चाहिए. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि डायबिटीज के मरीज पूरी तरह आम खाना छोड़ दें. बल्कि जरूरी है सही मात्रा में आम खाए, ताकि सेहत पर गंभीर असर न पड़े.
डायबिटीज मरीजों के लिए कितनी मात्रा में आम खाना माना जाता है सुरक्षित?
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों का ब्लड शुगर स्तर संतुलित रहता है, वे लगभग आधा कप या करीब 80 से 85 ग्राम पका हुआ आम खा सकते हैं. हालांकि हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए आम खाने के बाद ब्लड शुगर की निगरानी करना जरूरी है. अगर आम खाने के बाद शुगर स्तर तेजी से बढ़ता है, तो इसकी मात्रा और कम करनी चाहिए. साथ ही, डॉक्टर सलाह देते हैं कि आम का सेवन सीमित मात्रा में और संतुलित आहार के साथ किया जाए, ताकि शरीर को नुकसान न पहुंचे और स्वाद का आनंद भी मिलता रहे.
आम खाने का सही तरीका क्या है?
डायबिटीज के मरीजों को आम का शेख पीने के बजाय सीधे फल के रूप में आम खाना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर को फाइबर मिलता है जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद करता है. आम में मौजूद विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में भी सहायक होते हैं. इसके साथ ही मधुमेह रोगी अमरूद, पपीता, नाशपाती, कीवी और खरबूजे जैसे फलों को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. इस बात का ध्यान रखें कि किसी भी फल को नियमित रूप से खाने से पहले डॉक्टर या डाइट विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर ले, ताकि स्वास्थ्य सुरक्षित रहे और ब्लड शुगर संतुलित बना रहे.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
गर्मियों का मौसम आते ही बाजार में आम की भरमार दिखाई देने लगती है, यह एक ऐसा फल है, जिसे शायद ही कोई न पसंद करता हो. आम का रसीला व मीठा स्वाद इसे सभी फलों का राजा बनाता है. लेकिन डायबिटीज से पीड़ित लोगों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या आम खाने से उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, आम में प्राकृतिक शर्करा मौजूद होती है, इसलिए डायबिटीज रोगियों को इसका सेवन सोच-समझकर करना चाहिए. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि डायबिटीज के मरीज पूरी तरह आम खाना छोड़ दें. बल्कि जरूरी है सही मात्रा में आम खाए, ताकि सेहत पर गंभीर असर न पड़े.
डायबिटीज मरीजों के लिए कितनी मात्रा में आम खाना माना जाता है सुरक्षित?
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों का ब्लड शुगर स्तर संतुलित रहता है, वे लगभग आधा कप या करीब 80 से 85 ग्राम पका हुआ आम खा सकते हैं. हालांकि हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए आम खाने के बाद ब्लड शुगर की निगरानी करना जरूरी है. अगर आम खाने के बाद शुगर स्तर तेजी से बढ़ता है, तो इसकी मात्रा और कम करनी चाहिए. साथ ही, डॉक्टर सलाह देते हैं कि आम का सेवन सीमित मात्रा में और संतुलित आहार के साथ किया जाए, ताकि शरीर को नुकसान न पहुंचे और स्वाद का आनंद भी मिलता रहे.
आम खाने का सही तरीका क्या है?
डायबिटीज के मरीजों को आम का शेख पीने के बजाय सीधे फल के रूप में आम खाना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर को फाइबर मिलता है जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद करता है. आम में मौजूद विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में भी सहायक होते हैं. इसके साथ ही मधुमेह रोगी अमरूद, पपीता, नाशपाती, कीवी और खरबूजे जैसे फलों को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. इस बात का ध्यान रखें कि किसी भी फल को नियमित रूप से खाने से पहले डॉक्टर या डाइट विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर ले, ताकि स्वास्थ्य सुरक्षित रहे और ब्लड शुगर संतुलित बना रहे.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.