बलगम में खून आने का क्या मतलब हो सकता है? मेदांता के डॉक्टर ने बताया किन बीमारियों का है लक्षण

Balgam Me Khoon Aana: बलगम में खून आना एक ऐसी दिक्कत है जिसे इग्नोर करना आगे चलकर जानलेवा साबित हो सकता है. ऐसे में डॉक्टर की सलाह है कि बलगम में खून आने की दिक्कत को इग्नोर नहीं करना चाहिए.

Balgam me khoon kyu aata hai
1 / 7
Balgam me khoon kyu aata hai

Blood In Mucus Causes: बलगम में खून आने को इग्नोर करना एक बड़ी गलती साबित हो सकती है. यह कहना है मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम के इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट सर्जरी, चेस्ट ऑनको-सर्जरी एंड रोबोटिक चेस्ट सर्जरी के चेयरमेन डॉ. अरविंद कुमार का. डॉ. अरविंद कुमार ने यूट्यूब शॉर्ट्स में शेयर किए गए वीडियो में बलगम में खून आने के बारे में बताया है. डॉक्टर बताते हैं कि बलगम में खून आना (Balgam Me Khoon Aana) ऐसी दिक्कत है जिसे अक्सर ही लोग इग्नोर कर देते हैं. डॉक्टर का कहना है कि अगर 1-2 बार यह दिक्कत हो तो लोग ध्यान नहीं देते, लेकिन अगर बलगम में एक बार भी खून आया है तो इसे आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

विज्ञापन

फेफड़ों में है गड़बड़ी

फेफड़ों में है गड़बड़ी 2 / 7

अगर बलगम में खून नजर आता है तो इसका मतलब है कि आपके फेफड़ों में कुछ ना कुछ गड़बड़ जरूर है. यह दिक्कत निमोनिया से लेकर टीबी या कैंसर तक का लक्षण हो सकती है.

विज्ञापन

डॉक्टर से संपर्क करना है जरूरी

डॉक्टर से संपर्क करना है जरूरी 3 / 7

बलगम में खून आने पर डॉक्टर से तुरंत जांच करवाना जरूरी है. छाती का एक्सरे करवाने के बाद भी अगर ये दिक्कत होती है तो सीटी स्कैन या ब्रोंकोस्कोपी जरूर करवाएं.

बलगम में खून आना और फेफड़ों का कैंसर

बलगम में खून आना और फेफड़ों का कैंसर 4 / 7

बलगम में खून आना फेफड़ों के कैंसर के लक्षणों में शामिल है. कैंसर में छोटी रक्त वाहिनियां फट सकती हैं जिससे खांसते हुए मुंह से बलगम के साथ खून आ सकता है.

विज्ञापन

फेफड़ों का कैंसर क्या होता है

फेफड़ों का कैंसर क्या होता है 5 / 7

कैंसर वह स्टेज है जिसमें शरीर के टिशूज अनकंट्रोल्ड और अनरेग्युलेटेड तरीके से ग्रो करने लगते हैं. इससे आस-पास के टिशूज खराब होकर पूरे शरीर में फैलने लगते हैं. इसे ही कैंसर कहते हैं. यह चीज जब फेफड़ों में होती है तो फेफड़ों का कैंसर कहलाती है.

फेफड़ों के कैंसर के और कौन से लक्षण हैं

फेफड़ों के कैंसर के और कौन से लक्षण हैं 6 / 7

लगातार 3 हफ्तों तक खांसी आना, सीने में दर्द होना, सांस लेने में तकलीफ होना, आवाज का लंबे समय तक बैठे रहना, लगातार थकान रहना और फेफड़ों का बार-बार संक्रमण होना फेफड़ों के कैंसर का लक्षण होता है.

विज्ञापन

किन लोगों में ज्यादा है खतरा

किन लोगों में ज्यादा है खतरा7 / 7

फेफड़ों का कैंसर धूम्रपान करने वालों में, लंबे समय तक सेंकड हैंड स्मोक के संपर्क में रहना, ज्यादा प्रदूषण में रहना और जिन लोगों के परिवार में फेफड़ों के कैंसर की हिस्ट्री रही हो उनमें भी फेफड़ों के कैंसर का खतरा रहता है. यह भी पढ़ें - ये 5 चीजें चुपचाप आपके दिल को कर रही हैं कमजोर, डॉक्टर ने कहा आज ही बदलें ये आदतें अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन